World Milk Day 2021: जानें इन 8 तरह के दूध के बारे में, शरीर को ऐसे पहुंचाते हैं फायदा

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World Milk Day 2021: दूध भारतीयों के जीवन का एक बेहद अहम हिस्सा है. किसी को सादा दूध पीना पसंद होता है तो कोई चाय में दूध डालकर पीता है. कोई दूध में हल्दी डालकर पीता है तो कोई मिल्कशेक बनाकर. वहीं कई लोग ब्रेकफस्ट में सीरियल के साथ दूध का सेवन करना पसंद करते हैं. संयुक्त राष्ट्र के फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइजेशन की तरफ से हर साल 1 जून को वर्ल्ड मिल्क डे (World Milk Day) मनाया जाता है ताकि दूध पीने की अहमियत और दूध के फायदों के बारे में लोगों को जागरूक किया जा सके.

वैसे तो ज्यादातर लोग दूध का सेवन सिर्फ इसलिए करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि दूध पीने से हड्डियां मजबूत होती हैं. लेकिन हकीकत ये है कि दूध में कैल्शियम के अलावा भी कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर को कई तरीके से फायदा पहुंचाते हैं. एक स्टडी की मानें तो दूध पीने को लेकर कितने ही विवाद क्यों न हो लेकिन यह बात साबित हो चुका है कि दूध, हमारी सेहत को अच्छा बनाए रखने में अहम रोल निभाता है. इसके अलावा दूध पीने से हृदय रोग, कई तरह का कैंसर, मोटापा और डायबिटीज जैसी बीमारियों को भी रोकने में मदद मिलती है. मार्केट में इस वक्त कई तरह के दूध मौजूद हैं और उन सबके अपने-अपने फायदे हैं. वर्ल्ड मिल्क डे के मौके पर आइए आपको बताते हैं विभिन्न प्रकार के दूध और उनका सेवन करने से शरीर को होने वाले फायदों के बारे में.

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गाय का दूधआंत द्वारा लैक्टोज को अब्जॉर्ब न कर पाने और कई तरह की एलर्जी की वजह से ऐसा माना जाता है कि गाय का दूध छोटे बच्चों के लिए ठीक नहीं होता लेकिन स्टडीज की मानें तो गाय के दूध में नॉन-डेयरी मिल्क की तुलना में प्रोटीन की मात्रा बहुत अधिक होती है और साथ ही इसमें प्राकृतिक रूप से कैल्शियम, विटामिन डी, विटामिन ई, विटामिन बी12 और कई मिनरल्स जैसे- फॉस्फोरस और मैग्नीशियम भी पाया जाता है. इसके अलावा गाय के दूध में कई फायदेमंद एंटीऑक्सिडेंट्स भी पाए जाते हैं.

भैंस का दूध

भैंस का दूध जो दुनियाभर में दूध के कुल उत्पादन का करीब 12 प्रतिशत हिस्सा है वह गाय के दूध से भी ज्यादा हेल्दी होता है. ऐसा इसलिए क्योंकि भैंस के दूध में कोलेस्ट्रॉल की सघनता कम होती है. साथ ही भैंस के दूध में अमीनो ऐसिड, सिलेनियम, जिंक और एंटीऑक्सिडेंट्स अधिक मात्रा में मौजूद होता है.

बकरी का दूध

बहुत सी जगहों पर बकरी के दूध को गाय के दूध का बेहतरीन विकल्प माना जाता है. खासकर नवजात शिशुओं के लिए. स्टडीज के अनुसार बकरी का दूध पचाने में आसान होता है, अधिक ऐल्कलाइन होता है, इसमें फैट की मात्रा कम होती है और गाय के दूध की तुलना में इसकी सहनशीलता भी अधिक होती है. मनुष्य को पोषण देने के लिहाज से बकरी के दूध में चिकित्सीय गुण भी अधिक पाए जाते हैं.

ऊंट का दूध

क्या आप जानते हैं कि ऊंट का दूध बाकी के अलग-अलग तरह के दूध से भले ही डिफरेंट हो लेकिन पोषण के लिहाज से ऊंट का दूध मां के ब्रेस्ट मिल्क के बेहद नजदीक माना जाता है. आपको बता दें कि ऊंट के दूध में ग्लूकोज और कोलेस्ट्रॉल कम होता है लेकिन इसमें विटामिन सी और मिनरल्स जैसे- आयरन, पोटैशियम, कॉपर, जिंक और मैग्नीशियम की मात्रा अधिक होती है.

पिछले कुछ सालों में नॉन डेयरी दूध की वरायटीज भी दुनियाभर में काफी फेमस हो रही हैं और इसकी वजह है पोषण संबंधी फायदे और खासकर इसलिए क्योंकि ये दूध का प्लांट-बेस्ड सोर्स हैं. ऐसे में सबसे फेमस नॉन-डेयरी मिल्क के 4 प्रकार हैं-

सोया मिल्क

सोयाबीन्स या सोया प्रोटीन से तैयार होने वाले सोया मिल्क को उसकी पोषण संबंधी खूबियों की वजह से गाय के दूध का सबसे बेस्ट सब्स्टिट्यूट माना जाता है. इसमें प्रोटीन, फैट और कार्बोहाइड्रेट का उतना ही लेवल पाया जाता है जितना गाय के दूध में. साथ ही सभी जरूरी अमीनो ऐसिड की मौजूदगी की वजह से इसे कंप्लीट प्रोटीन के तौर पर भी जाना जाता है.

नारियल का दूध

नारियल का दूध या कोकोनट मिल्क को पानी और नारियल के अंदर मिलने वाली सफेद रंग की ताजी मलाई को मिलाकर तैयार किया जाता है. सभी नॉन-डेयरी दूध की वरायटीज में से नारियल के दूध में पोषण की मात्रा सबसे कम होती है लेकिन भारतीय उपमहाद्वीप में इस दूध का काफी इस्तेमाल होता है. यह दूध शरीर के ब्लड कोलेस्ट्रॉल लेवल को बेहतर बनाने और वजन घटाने में मददगार माना जाता है.

बादाम का दूध

जो लोग अपनी सेहत के प्रति बेहद जागरूक होते हैं वे बादाम के दूध या आमंड मिल्क पीना ज्यादा पसंद करते हैं. इसमें प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सिडेंट्स प्रॉपर्टीज की मात्रा अधिक होती है तो वहीं कैलोरीज की मात्रा बहुत ही कम.

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ओट्स मिल्क

ओट्स मिल्क ओट्स, पानी और कई दूसरी सामग्रियों को मिलाकर तैयार किया जाता है. इसमें गाय के दूध की तुलना में प्रोटीन और फैट की मात्रा कम होती है. बावजूद इसके ओट्स मिल्क को हेल्दी विकल्प के तौर पर देखा जाता है क्योंकि यह कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने में मदद करता है.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)





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