Sunil Gavaskar Birthday: …तो मछुआरे बन जाते गावस्कर, रिश्तेदार की समझदारी से परिवार को वापस मिले

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नई दिल्ली. मॉर्डन डे क्रिकेट में अगर सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) को भारत का सबसे बड़ा बल्लेबाज माना जाता है, तो पुराने दौर में सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) बेहतरीन बल्लेबाजों की लिस्ट में सबसे ऊपर आते हैं. उन्होंने 22 साल की उम्र में टेस्ट डेब्यू किया था और पहली ही सीरीज में वेस्टइंडीज जैसी धाकड़ टीम के खिलाफ 4 टेस्ट की 8 पारियों में 154 से ज्यादा के औसत से कुल 774 रन ठोके थे. इस सीरीज में गावस्कर के बल्ले से 4 शतक और तीन अर्धशतक निकले थे. इसमें एक दोहरा शतक भी शामिल था. ये रिकॉर्ड आज भी कायम है. भारत का कोई बल्लेबाज किसी एक टेस्ट सीरीज में इतने रन नहीं बना पाया है.

आज इसी दिग्गज बल्लेबाज का 72वां जन्मदिन है. वो 10 जुलाई 1949 को बॉम्बे (अब मुंबई) के मेटरनिटी होम में पैदा हुए थे.

गावस्कर के से जुड़ी एक बहुत ही दिलचस्प कहानी है, जो पूरी फिल्मी है. क्योंकि पैदा होने के कुछ दिन बाद ही वो अपने परिवार से बिछड़ गए थे. क्योंकि वो जिस मेटरनिटी होम में पैदा हुए थे. वहां उनकी दूसरे बच्चे के साथ अदली-बदली हो गई थी और वो जिस महिला के पास गए थे वो मछुआरा समुदाय से थी. अंकल की समझदारी की वजह से गावस्कर परिवार को वापस मिले. नहीं, तो उनकी मां को भी ये नहीं पता चल पाया था कि उनका बच्चा बदल गया. अगर मेटरनिटी होम में हुई ये गलती पकड़ में नहीं आती, तो शायद गावस्कर क्रिकेटर न बनकर मछुआरे होते. वो खुद एक बार गौरव कपूर के शो ‘ब्रेकफास्ट विद चैम्पियंस’ पर मजाकिया अंदाज में यह बात कह चुके हैं.

गावस्कर कान पर छोटे से छेद के साथ जन्मे थे.

पूर्व भारतीय कप्तान के जन्म के समय अदला-बदली की कहानी दिलचस्प है. गावस्कर ने गौरव कपूर के शो पर काफी पहले इससे जुड़ा पूरा किस्सा सुनाया था. उन्होंने बताया था कि मैं जूहू के पास पुरंधरे मेटरनिटी होम में पैदा हुआ था. पहले दिन मुझे अंकल देखने आए थे और उन्होंने गौर किया कि मेरे कान में एक छोटा सा छेद है. मुझे देखने के बाद वो चले गए और एक-दो दिन बाद फिर मुझे देखने मेटरनिटी होम आए. मेरी मां तब जनरल वार्ड में भर्ती थीं. उन्होंने (अंकल) मां से बच्चे को लिया. लेकिन उसके कान के पास छेद नजर नहीं आने पर, वो हैरान हो गए. उन्होंने फौरन मां से कहा कि ये हमारा बच्चा नहीं है.

इसके बाद मेटरनिटी होम में हंगामा मच गया. उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को बताया कि हमारे बच्चे के काम में बारीक से छेद था. लेकिन हमारे पास अभी जो बच्चा है उसके कान में ऐसा छेद नहीं है. इसके बाद बच्चे को ढूंढने की कवायद शुरू हुई और गावस्कर पास ही एक बेड पर एक महिला के पास मिले, जो मछुआरा समुदाय से थी.

बर्थ रजिस्टर में भी गावस्कर का नाम सबसे पहले लिखा था

बाद में पता चला कि बच्चों को नहलाने के दौरान ये अदला-बदली हो गई थी. गावस्कर का भी मानना है कि अगर ये गलती पकड़ में नहीं आती तो शायद वो कुछ और कर रहे होते. लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था. जिस मेटरनिटी होम में गावस्कर 10 जुलाई को रात 8.42 मिनट पर पैदा हुए थे. उसके बर्थ रजिस्टर में भी उस दिन ‘लिटिल मास्टर’ का नाम सबसे ऊपर लिखा था.

शायद भगवान ने भी उन्हें ओपनिंग के लिए भेजा था. इसके बाद जो हुआ, वो इतिहास के पन्नों में दर्ज है. गावस्कर टेस्ट में 10 हजार रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बने. उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 1987 में अहमदाबाद टेस्ट में ये उपलब्धि हासिल की थी. उन्होंने 16 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में कई रिकॉर्ड अपने नाम किए थे.



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