Rajasthan: ट्विटर पर उलझे राजेन्द्र राठौड़ और डॉ. रघु शर्मा, देखिए एक दूसरे के लिए क्या-क्या कह डाला

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जयपुर. शुक्रवार को दो सियासी मित्र ट्वीटर (Twitter) पर उलझ गए. एक-दूसरे को मित्र कहने वाले राजस्थान के चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा (Dr. Raghu Sharma) और उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ (Rajendra Rathod) में खूब वार-पलटवार हुआ. बात-चुनावी हार-जीत तक पहुंच गई. दोनों ने एक दूसरे पर जहां खूब सियासी तंज कसे तो वहीं एक-दूसरे को नसीहतें भी दी. दरअसल, सबसे पहले चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा का एक बयान आया. उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं को छपास का रोग और सुर्खियों में रहने की आदत है. उन्होंने उप नेता प्रतिपक्ष पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राजेन्द्र राठौड़ न तीन में न ही तेरह में, न वसुंधरा खेमे में और ना ही सतीश पूनिया के खेमे में. इसके बाद दोनों में लंबा ट्वीट वॉर चला और दोनों एक-दूसरे पर वार-पलटवार करते रहे.

राजेन्द्र राठौड़ ने यह दिया जवाब

चिकित्सा मंत्री के बयान पर उप नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने ट्वीट कर कहा, ” रघु शर्मा आपने ठीक कहा. ना मैं 3 में हूं और ना ही 13 में.  मैं भाजपा कार्यकर्ता के रूप में जनता के अपार प्रेम और आशीर्वाद की बदौलत लगातार सातवीं बार विधायक निर्वाचित हुआ हूं. मगर मेरे साथ राजनीतिक सफर शुरू करने वाले मित्र आपकी कार्यशैली तो ऐसी रही है कि आप 7 चुनाव लड़कर मात्र 2 बार ही विधानसभा में पहुंच पाए. राज्य में कोरोना कुप्रबंधन के कारण से हजारों लोगों के काल कवलित होने के दोषी चिकित्सा मंत्री आप कोटा में बच्चों की मौत जैसी संवेदनशील घटना के बाद रेड कार्पेट पर स्वागत करवाने में माहिर रहे और कोरोना में फिल्म अभिनेता सलमान खान के बॉडीगार्ड के साथ फोटो खींचवाने में व्यस्त रहे. परन्तु चिकित्सा क्षेत्र में आधारभूत संरचनाएं व मानव संसाधन में बढ़ोतरी करने में नाकामयाब व फिसड्डी साबित हुए हैं. अगर मेरी चुनौती स्वीकार है तो फिर दवाइयों, उपकरणों व वैक्सीन में अनियमितता की थर्ड पार्टी या सेवानिवृत्त न्यायाधीश से निष्पक्ष जांच करवाने में घबराहट कैसी ? कृपया अपनी नाकामियों को छिपाने की बजाय सच्चाई को जनता के सामने लाएं तो बेहतर होगा.’

चिकित्सा मंत्री का फिर पटलवार

राजेन्द्र राठौड़ का यह ट्वीट सामने आने पर चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने फिर ट्वीट कर उन पर पलटवार किया. रघु शर्मा ने लिखा, “राजेन्द्र राठौड़ जी, पहला चुनाव आपने 1980 में जनता दल से भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. जगदीश प्रसाद माथुर को हराने के लिए लड़ा. जिसमें आपको मात्र 2000 वोट आए. उसके बाद 1985 में ही जनता दल से ही चूरु से चुनाव लड़ा और आपकी ज़मानत जब्त हो गई. उसके बाद हुए चुनाव में आप जनता दल से जीते और पार्टी का विघटन करके आप भाजपा में चले गए. मैं तीन चुनाव जीता जिसमें एक अजमेर लोकसभा का भी चुनाव शामिल है जिसमें आठों विधानसभाओं से भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा. आप भी प्रदेश के चिकित्सा मंत्री रहे हो और जब व्यवस्थाएं आपसे नहीं संभली और अधिकारी आपकी नहीं सुनते थे तो आपको कोटा में कहना पड़ा कि मैं शर्मिंदा हूं कि मैं राज्य का चिकित्सा मंत्री हूँ, वह बात भी आपको नहीं भूलनी चाहिए.”

और फिर शेर-ओ-शायरी के जरिए निशाने

रघु शर्मा के ट्वीट पर उप नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र ने फिर पलटवार करते हुए शेर-ओ-शायरी के जरिए निशाना साधा. राठौड़ ने लिखा, “ना इतराओ इतना, बुलंदियों को छूकर, वक्त के सिकन्दर पहले भी कई हुए हैं, जहाँ होते थे कभी शहंशाह के महल, देखे हैं वहीं, अब उनके मकबरे बने हुए हैं.” राठौड़ ने यह भी लिखा कि “आपकी याददाश्त शायद कमजोर हो गई. 1985 के चुनावों में मैं चूरू से लगभग 5000 वोटों से हारकर दूसरे नंबर पर था और उसके बाद कभी हार नहीं देखी. हाथ कंगन को आरसी क्या, पढ़े लिखे को फ़ारसी क्या. तेल देखो, तेल की धार देखो. समय का चक्र घूम रहा है, अगले चुनाव में ढाई साल बाद फिर किसी मोड पर चुनाव का इतिहास लिखा जाएगा. अग्रिम शुभकामनाएं मेरे छात्र जीवन के मित्र.” राठौड़ के इस ट्वीट के कुछ देर बाद ही फिर चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा का ट्वीट आ गया. उन्होंने लिखा, “मेरे दोस्त, मेरे सखा, मेरे सम्माननीय जिनके स्वयं के घर शीशे के बने होते हैं वह बाल सखाओं पर पत्थर नहीं फैंका करते. ना डरा मुझे ए दोस्त,नाकाम होगी तेरी हर कोशिश, जिंदगी के मैदान में खड़ा हूं, दुआओं का काफिला लेकर. उजाले हमारी यादों के तुम्हारे साथ रहने दो, ना जाने जिंदगी की किस गली में शाम हो जाए. “





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