Pressure Politics: राजस्थान में अब बीजेपी में घमासान, वसुंधरा राजे के समर्थक और विरोधी आमने-सामने

0
6


राजस्थान में कांग्रेस के बाद अब वंसुधरा राजे समर्थक भी पार्टी पर दबाव बनाने में लगे हैं कि राजे को कमान सौंप दी जाए.

Rajasthan News: महामारी में वसुंधरा रसोई के नाम से अलग से राहत अभियान चलाने के बाद अब बीजेपी पर दबाब बना रहे हैं कि राजे को कमान सौंपी जाए. वही बीजेपी को राजस्थान में सत्ता में वापस ला सकती हैं.

जयपुर. कांग्रेस के बाद अब राजस्थान बीजेपी (Rajasthan BJP) में घमासान मचा है. वसुंधराराजे (Vasundhara Raje) के समर्थक अचानक फिर सक्रिय हो गए. महामारी में वसुंधरा रसोई के नाम से अलग से राहत अभियान चलाने के बाद अब बीजेपी पर दबाब बना रहे हैं कि राजे को कमान सौंपी जाए. राजे ही बीजेपी को राजस्थान में सत्ता में ला सकती हैं. दूसरी तरफ राजे विरोधी गुट ने भी तीखे तेवर अपना रखे हैं. राजे विरोधी कह रहे हैं कि राजस्थान में अब बदलाव का वक्त है. राजे का वक्त जा चुका.

राजस्थान में बीजेपी वसुंधराराजे के समर्थक और विरोधी इन दिनों आमने सामने है. राजे के समर्थक अब खुलकर मांग कर रहे हैं कि राजे को राजस्थान में जिम्मेदारी दी जानी चाहिए. ये भी दावा कि सिर्फ राजे ही इकलौती नेता है, जिसमें 20 फीसदी तक वोट को स्विंग करने की ताकत है. ऐसे में पार्टी को राजे को कमान सौंपनी चाहिए. दूसरी तरफ राजे विरोधियों ने अब कहना शुरू कर दिया कि उनकी पारी खत्म हो चुकी है और ये कहना कि राजे ही राजस्थान में बीजेपी है दंभ है. बीजेपी के प्रदेश महासचिव और रामगंज मंडी से विधायक मदन दिलावर ने कहा कि ये दंभ न दिखाए कि राज्य में पार्टी से बड़ा कोई नेता है. उदाहरण देकर समझाया कि बलराज मधोक ने जनसंघ में ऐसा ही दंभ दिखाया तो उन्हें बाहर कर दिया था.

दरअसल राजस्थान में बीजेपी की कमान इस वक्त राजे विरोधी कैंप के पास है. राजे और उनके समर्थक लगातार खुद को हाशिये पर देख रहे हैं. राजे ने आठ मार्च को अपने जन्मदिन के बहाने देव दर्शन यात्रा से भरतपुर में शक्ति प्रदर्शन भी किया था. फिर महामारी में इंदिरा रसोई और वसुंधराराजे के नाम से सोशल मिडिया पर हेल्पलाइन शुरू कर कोरोना पीड़ितों के लिए मदद का अभियान चलाया था. जबकि बीजेपी का सेवा ही संगठन है अभियान पहले से ही चल रहा था. राजस्थान में विधानसभा चुनाव 2023 में होंगे. लेकिन मौजूदा टकराव के चलते राजे समर्थकों को डर है कि 2018 की तरह इस बार चुनाव में पार्टी राजे को कमान सौंपेगी या नहीं. राजे अपनी अलग रणनीति पर भी काम कर रही है. सूत्रों का कहना है कि प्रशांत कुमार से जुड़ी एक मिडिया पीआर कंपनी से भी राजे की टीम ने संपर्क साधा है.







Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here