Podcast Suno Dil Se: कोरोना के बीच EURO 2020 का होना जिंदगी के पटरी में लौटने जैसा है | EURO 2020 and WTC Final in midst of Corona is like an achievement Podcast Suno Dil Se

0
2


जून का दूसरा और तीसरा शुक्रवार, कोरोना काल में दो बड़े खेल उत्सवों के आगाज़ का साक्षी बनेगा. आज से यूरो 2020 (Euro 2020) की शुरुआत हो रही है, तो अगले हफ्ते विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC Final) का फाइनल शुरू होगा. पॉडकास्ट ‘सुनो दिल से’ में संजय बैनर्जी इन दोनों चैंपियनशिप के खास रिकॉर्ड और अनुमान लेकर आए हैं. तो आइए सुनते हैं न्यूज18हिंदी का स्पेशल Podcast Suno Dil Se.


नई दिल्ली. जून का दूसरा और तीसरा शुक्रवार, कोरोना काल में दो बड़े खेल उत्सवों के आगाज़ का साक्षी बनेगा. आज से यूरो 2020 (EURO 2020) की शुरुआत हो रही है, तो अगले हफ्ते इसी दिन जब हम आपसे मिलेंगे तब विश्व टेस्ट क्रिकेट चैंपियनशिप (WTC Final) का फाइनल शुरू हो रहा होगा. नमस्कार, मैं हूं संजय बैनर्जी और आप सुन रहे हैं न्यूज18 हिंदी का स्पेशल पॉडकास्ट सुनो दिल से (Podcast Suno Dil Se).

कोरोना वायरस के बीच यूरो 2020 (Euro Cup 2020) को एक साल के विलम्ब से करा लेना अपने आप में ज़िन्दगी को पटरी पर लाने के इंसानी जज्बे का एक नायाब नमूना है. 60 साल के इतिहास में पहली बार मुकाबले 11 अलग-अलग शहरों में होंगे, सुकून यह कि मैदान फिर से दर्शकों से हरे भरे दिखेंगे. दरअसल 2020 में ही प्रतियोगिता के 60 साल का जश्न मनाया जाना था, लेकिन कोरोना के चलते इसे टालना पड़ा और 2021 में भी यूरो 2020 (Euro Cup) खेली जा रही है. यानी जश्न होगा ज़रूर, भले ही देर से हो. इस बार लंदन, ग्लास्गो, कोपेनहेगन, सेविल, बुडापेस्ट, एम्सर्टडम, रोम, म्यूनिख, बाकू, बुखारेस्ट और सेंट पीटर्सबर्ग में मैच होंगे. टूर्नामेंट का फाइनल लंदन के वेम्बले में होगा. शुरुआत आज आधी रात विश्व फ़ुटबॉल की दो बड़ी ताकतों इटली और तुर्की के बीच मुकाबले से होगा. कुल मिलाकर 24 मुल्क खिताब की दौड़ में शामिल होंगे और देखना यह होगा की क्या पुर्तगाल इस बार भी अपने खिताब को बचा पायेगा, या विश्व विजेता फ्रांस उसके हाथ से कप छीन ले जाएगा.

उधर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल की तारीख नजदीक आने के साथ ही क्रिकेट प्रेमियों के दिलो की धड़कन बढती जा रही हैं . यूरो कप की ही तरह अब तक की पहली वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप भी कोरोना के असर से अछूती नहीं रही, लेकिन इस दौर में भी इसका आयोजन कामयाबी ही मानी जायेगी . वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल का नतीजा क्या होगा, यह तो बताया नहीं जा सकता, लेकिन कयासों का दौर चल निकला है. टीम इंडिया ने साउथैम्पटन में कोच रवि शास्त्री की निगरानी में ट्रेनिंग शुरू की है तो न्यूजीलैंड की टीम इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में मशगूल है। दोनों फाइनलिस्ट अपने-अपने तरीके से खिताब हासिल करने की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन भारतीय टीम का फाइनल से पहले कोई प्रैक्टिस मैच नहीं खेलना खटक रहा है. पूर्व भारतीय कप्तान दिलीप वेंगसरकर मानते हैं कि बिना प्रैक्टिस मैच के भारतीय टीम का फाइनल में उतरना ठीक नहीं होगा. कुछ और खिलाडियों ने इस मुद्दे पर सहमति जताई है, हालाकि भारतीय कप्तान विराट कोहली इंग्लैंड रवाना होने से पहले ही कह चुके हैं कि प्रैक्टिस में न होने से भारतीय टीम पर कोई असर नहीं पड़ेगा. यह उनके आत्मविश्वास को तो दिखाता है, क्रिकेटर्स की दो जेनरेशन के बीच सोच के फासले को भी दर्शाता है. अब से कुछ साल पहले विदेशों में जाने वाली टीमें टेस्ट सीरीज़ से पहले अभ्यास मैच ज़रूर खेलती थी, उन की संख्या धीरे धीरे घटने लगी और अब कोहली के मुताबिक़ इसकी ज़रुरत ही नहीं है. ज़रुरत है या नहीं, यह बहस का मुद्दा है, और इस पर कोई मुकम्मल सोच कायम करने की ज़रुरत है .

भारत बिना प्रैक्टिस मैच के उतर रहा है, तो वहीं न्यूज़ीलैंड इस समय इंग्लैंड के साथ टेस्ट मैच खेल रहा है . इंग्लैंड के हालात से सामंज्यस बैठाने का उसे निश्चित तौर पर लाभ मिलेगा. भारतीय खिलाडियों ने इससे पहले आईपीएल में फटाफट क्रिकेट खेली है, और फिर गैप के बाद उसे एक एक्सट्रीम से दूसरे एक्सट्रीम में यानी टी-20 से टेस्ट क्रिकेट में खुद को कन्वर्ट करना होगा. चुनौती आसान नहीं होगी.

सवाल यह भी है कि दो टेस्ट खेलने के बाद क्या न्यूजीलैंड की टीम फाइनल के समय थक तो नहीं जायेगी. शायद इसीलिए टीम ने दूसरे टेस्ट में आधे से ज्यादा प्लेयर्स बदल दिए और कुल 6 बदलाव किये. टॉम लैथम की अगुवाई में सिर्फ 4 और ऐसे प्लेयर्स हैं जिन्हें पहले टेस्ट में भी मौक़ा मिला था. कॉन्वे, टेलर, निकोल्स और वैगनर!  इसे न्यूज़ीलैंड की बी टीम कहा जा रहा है, लेकिन आप जानते हैं कि बी टीम का मुगाल्दा कई बार भारी पड़ता है, ताज़ा उदाहरण भारत के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया को अपनी सरज़मीं पर देखना पड़ा था.  वैसे विलियम्सन और मिचेल सेंटनर को हलकी चोट है और उन्हें ऐतिहासिक टेस्ट से पहले रिकवर होने में मदद मिलेगी. अपने डेब्यू टेस्ट में दोहरा शतक जड़ने वाले डेवोन कॉन्वे को एक और टेस्ट खेलने का लाभ मिलेगा. न्यूजीलैंड के पास बेहतर गेंदबाजी के विकल्प हैं मिचेल सेंटनर, ट्रेंट बोल्ट, टिम साउदी, काइल जेमिसन, नील वैगनर और मैट हेनरी-ऐसे नाम हैं जिन्होंने पहले भी भारतीय टीम को परेशान किया है. कोंवे के आने से उसकी बल्लेबाजी को मजबूती मिली है. दूसरी ओर भारतीय गेंदबाजों में बुमराह, ईशांत, शमी, सिराज, शार्दुल, उमेश के अलावा जडेजा और अश्विन भी बड़़े नाम वाले हैं। जडेजा और अश्विन के होने से भारत का न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों पर दबाव होगा, क्योंकि स्पिनर को खेलने में वे थोड़ी परेशानी महसूस करते हैं. दिग्गज बल्लेबाज केन विलियम्सन को अश्विन पांच बार लपेट चुके हैं. विलियम्सन का शिकार करना आसान नहीं है, केवल जेम्स एंडरसन ही अब तक सबसे ज्यादा छह बार उनको आउट कर सके हैं. विलियम्सन, हेनरी निकोल्स, रॉस टेलर, कॉन्वे, कॉलिन डी ग्रैंडहोम, टॉम लेथम की मौजूदगी टीम की बल्लेबाजी को मजबूती ज़रूर देती है

पिछले पांच टेस्ट मैचों के नजरिये से देखें तो भारत ने 2016 में आखिरी बार न्यूजीलैंड से लगातार तीन टेस्ट जीते थे, लेकिन पिछले साल दोनों टेस्टों में भारत को हराकर न्यूज़ीलैंड ने बदला लिया था. वैसे अगर न्यूज़ीलैंड के पास अच्छे बोलर्स हैं तो भारत के बल्लेबाजों की फेहरिस्त किसी भी टीम के डिप्रेशन की वजह बन सकती है . कप्तान विराट कोहली सब पर भारी हैं, चेतेश्वर पुजारा, ऋषभ पंत, रहाणे, रोहित शर्मा कुछ ऐसे नाम हैं जो विश्व क्रिकेट में अक्सर गेंदबाजों को दुस्वप्न की तरह दीखते हैं. यानी भारतीय बल्लेबाजों का जहां दबदबा है वही न्यूजीलैंड के गेंदबाजों को मजबूत आक्रमण के रूप में आंका जा सकता है.

बाकी एक और खबर जो सुकून दे, श्रीलंका दौरे पर जाने वाली भारतीय टीम के कोच के रूप में राहुल द्रविड़ की औपचारिक तौर पर नियुक्ति कर दी गयी है. अगले महीने होने वाले इस दौरे पर वनडे और टी-20 के मुकाबले होंगे. वर्तमान समय में नए प्लेयर्स की लहलहाती फसल तैयार करने में सबसे बड़ी भूमिका राहुल द्रविड़ की ही है . शिखर धवन टीम के कप्तान और भुवनेश्वर कुमार उपकप्तान बनाए गए हैं. देवदत्त पडिक्कल, ऋतुराज गायकवाड़, नीतीश राणा, के. गौतम और चेतन सकारिया को पहली बार भारतीय टीम में जगह मिली है.

आईपीएल के बाकी बचे मैचों की तारीख तय हो चुकी है, बचे हुए 31 मैच यूएई में 19 सितम्बर से 15 अक्टूबर के बीच खेले जायेंगे. इस सिलसिले में सिर्फ औपचारिक ऐलान का इंतज़ार है. ब्रिस्टल में बुधवार से भारत के खिलाफ होने वाले एकमात्र महिला टेस्ट मैच के लिए इंग्लैंड ने हीथर नाइट को कप्तान बनाया है, टीम में पहली बार तेज गेंदबाज एमिली आर्लोट को भी जगह मिली है. तो बस आज का पॉडकास्ट यहीं तक, आनंद लीजिये यूरो 2020 का और इंतज़ार कीजिए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल का, इजाज़त दीजिये संजय बैनर्जी को, चलते रहिये न्यूज़ 18 के साथ.



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here