North Korea: मामूली गलती पर भी दी जा सकती है बर्बर मौत, रहस्यमयी देश के 10 चौंकाने वाले फैक्ट्स

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उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन अपने देश की सभी जानकारियों के बारे मे बहुत ही गोपनीयता बरतते हैं (फाइल फोटो, AP)

एक भाषण के दौरान अर्थव्यवस्था की बुरी हालत के लिए माफी मांगते हुए किम-जोंग (Kim Jong) फूटफूटकर रो भी पड़े. हालांकि उत्तर कोरिया की अर्थव्यवस्था (North Korean Economy) मात्र प्राकृतिक आपदाओं के चलते बुरी हालत में गई हो, ऐसा नहीं है. जानकार मानते हैं कि उत्तर कोरिया को बाकी दुनिया से अलग रखने की नीति इसका बड़ा कारण है.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 12, 2020, 10:05 PM IST

उत्तर कोरिया (North Korea) के सुप्रीम लीडर किम-जोंग-उन (Kim Jong-un) दावा करते रहे कि कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus Infection) का एक भी मामला उनके देश में नहीं आया है. लेकिन फिर भी कोरोना के चलते उन्होंने देश से माफी मांगी है. दरअसल उन्होंने इसलिए माफी मांगी क्योंकि कोरोना वायरस और उत्तरी कोरिया को भारी नुकसान पहुंचाने वाले हालिया चक्रवातों (Cyclones) के चलते वहां की अर्थव्यवस्था (Economy) को भारी नुकसान हुआ है. लोगों के पास खाने और जरूरत का सामान नहीं है. इसी से हुई परेशानी के लिए किम ने जनता से माफी मांगी है.

एक भाषण के दौरान इस तरह माफी मांगते हुए किम-जोंग (Kim Jong) फूटफूटकर रो भी पड़े. हालांकि उत्तर कोरिया की अर्थव्यवस्था (North Korean Economy) मात्र इन प्राकृतिक आपदाओं के चलते बुरी हालत में गई हो, ऐसा नहीं है. जानकार मानते हैं कि उत्तर कोरिया को बाकी दुनिया से अलग रखने की नीति इसका बड़ा कारण है. लेकिन हमें उत्तरी कोरिया की सारी समस्याओं (difficulties) के बारे में पूरी जानकारी नहीं है क्योंकि यह देश अपनी हर जानकारी को बहुत ही सीक्रेट रखता है और बाकी दुनिया को नहीं बताता है. लेकिन हम आपको यहां की अर्थव्यवस्था की कुछ ऐसी अजीबो-गरीब चीजों के बारे में बता रहे हैं, जो इस देश के बारे में हम पुख्ता तौर पर जान चुके हैं-

ढाई करोड़ लोगों के इस देश में किम साम्राज्य 70 सालों से अपना शासन चला रहा है. हम जानते हैं कि यह एक ऐसा देश है जहां औसत आबादी हर साल लगभग 1.45 लाख के करीब रुपये ही पूरे साल में कमा पाता है और अधिकांश आबादी कुपोषित है. नॉर्थ कोरिया की 40% से ज्यादा आबादी कुपोषित है. ग्लोबल हंगर इंडेक्स के मुताबिक साल 2000 के बाद से यहां की आबादी में कुपोषित लोगों की संख्या 37.5% से बढ़कर 43.4% हो चुकी है. लेकिन इसके बाद भी नॉर्थ कोरिया सबसे ज्यादा कुपोषित देश नहीं है. वह 199 देशों में से 109वीं रैंक पर है.

उत्तर कोरिया में कोई भी इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करता- अपने नागरिकों के लिए उत्तर कोरिया ने इंटरनेट के इस्तेमाल को कड़ाई से बैन कर रखा है. देश में एक सिक्योर इंटरनेट सर्वर है. लेकिन 1% से भी कम जनता इंटरनेट का इस्तेमाल कर पाती है. और यह इंटरनेट भी नहीं है, इंट्रानेट है. जहां आप केवल कुछ सेंसर्ड वेबसाइट का प्रयोग कर सकते हैं.

उत्तर कोरिया में अब भी कई यातना शिविर हैं. यहां के सबसे बड़े यातना शिविर हेरीयंग में आज भी पचास हजार से ज्यादा पुरुष, महिलाएं और बच्चे कैद हैं. इन्हें गुलामों की तरह रखा जाता है और यातनाएं दी जाती हैं. इसके अलावा इन्हें प्रयोगशाला के चूहों की तरह भी इस्तेमाल किया जाता है.

उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग इल ने एक वक्त 5 करोड़ 86 लाख से ज्यादा रुपये हर साल शराब पर उड़ाये थे, यूएस न्यूज और वर्ल्ड रिपोर्ट के अनुसार, हेनेसी शराब पर प्रति वर्ष 5 करोड़ 86 लाख से अधिक खर्च कर रहे थे. द वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार कॉग्नेक डिस्टिलर ने यह भी बताया था कि 1990 के दशक के मध्य में 2 साल के लिए किम हेनेसी के दुनिया के सबसे बड़े खरीदार थे.

इस देश में बच्चों को भी बंधुआ मजदूर बनाकर रखा जाता है. कहा जाता है कि हाई स्कूल पास करने के बाद उत्तर कोरिया के प्रत्येक व्यक्ति को तानाशाह किम जोंग उन के नियंत्रण में काम करना पड़ता है. मात्र 15-16 वर्ष के बच्चों को छह दिन काम करना पड़ता है और सातवें दिन की बंधुआ मजदूरी को ‘ऐच्छिक कार्य’ कहा जाता है. यहां पूरे देश के ही लोग बंधुआ मजदूरों की तरह से काम करते हैं और उन्हें बहुत थोड़ा समय मिलता है.

इस देश में आम इंसानों की जिंदगी का मोल बहुत कम है. मृत्युदंड दिया जाना यहां आम है. उसके लिए भी बेहद बर्बर तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है. मोर्टार या छोटी मिसाइल से लोगों को उड़ा दिये जाने की घटनाएं आम हैं. देश के शासक हमेशा से ऐसे अधिकारियों की हत्याएं करवाते आए हैं, जिनके ऊपर से उनका विश्वास डिगा है.

उत्तर कोरियाई हैकर्स ने करीब 5000 करोड़ रुपये की विदेशी और वर्चुअल मुद्रा की चोरी की है. हालांकि उत्तर कोरिया में बहुत कम लोगों के पास इंटरनेट सेवा की पहुंच है लेकिन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर कोरिया के हैकर्स ने विदेशी मुद्रा और क्रिप्टोकरेंसी को मिलाकर 5000 करोड़ रुपये से ज्यादा की चोरी की है. इसमें सबसे बड़ी ज्ञात ऑनलाइन चोरी सेंट्रल बैंक ऑफ बांग्लादेश में की गई थी.

उत्तर कोरिया लोगों की गैरकानूनी गतिविधियों के जरिए साल में करीब 354 करोड़ रुपये की कमाई करता है. इसके लिए उत्तर कोरिया ड्रग की बिक्री और नकली अमेरिकी मुद्दा छापने जैसी कई गैरकानूनी गतिविधियां भी करता है. हालांकि उत्तर कोरिया इस बात से इंकार करता आया है लेकिन संयुक्त राष्ट्र कह चुका है कि इसी तरह से किम की शानदार जीवनशैली का खर्च उठाया जाता है.

उत्तर कोरिया का सबसे ज्यादा अमानवीय और घृणित रहस्य यह है कि यहां आज भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दास प्रथा प्रचलित है और लोगों की खरीदी-बिक्री होती है. इनमें से ज्यादातर को रूस को बेचा जाता है.





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