Indo-China Border: हिमाचल-तिब्बत बॉर्डर पर चीन बना रहा सड़क, बढ़ा रहा इन्फ्रास्टक्चर: CM जयराम

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सीएम जयराम ठाकुर ने शनिवार को ही बॉर्डर का दौरा किया था.

Indo-China Clash: हिमाचल की तिब्बत के साथ 240 किमी की सीमा लगती है. किन्नौर और लाहौल स्पीति की सामाएं तिब्बत से लगती हैं. इससे पहले भी किन्नौर बॉर्डर चीनी गतिविधियां देखी गई थीं.

शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में तिब्बत सीमा (TIBET) पर चीन की गतिविधियों पर सीएम जयराम ठाकुर ने बड़ा बयान दिया है. उन्‍होंने कहा कि हिमाचल के किन्नौर (Kinnaur) के साथ लगती सीमा पर चीन की गतिविधियां चल रही हैं. चीन (China) अपने क्षेत्र में इन्फ्ररास्ट्रक्चर को मजबूत करने की कोशिश लगा हुआ है और यहां पर सड़क (Road) बनाने के काम में जुटा है. उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसी कोई बड़ी बात नहीं है. हम रिपोर्ट बनाकर केंद्र को देंगे.

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि चीन सर्विलांस के लिए सीमा के उस पार हमसे ऊपर सुविधाजनक जगह की तलाश कर रहा है. चीन शासित तिब्बत सीमा पर सड़कें और पक्के भवन बनाने के मामले में स्थिति स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस ऊंचाई पर हम हैं, चीन उससे ऊपर जाने की कोशिश कर रहा है. यह गतिविधियां बॉर्डर के उस पार उन्हीं के क्षेत्र में चल रही हैं. शिमला में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि वह सीमा पर गए थे और वहां सेना के जवान कठिन परस्थितियों में काम कर रहे हैं. हिमाचल की चीन शासित तिब्बत सीमा पर पड़ोसी मुल्‍क अपने आधारभूत ढांचे को तैयार कर रहा है.

बीते शनिवार सीमा पर फौजी जवानों से मिले सीएम जयराम ठाकुर.

हाल ही में तिब्बत के साथ लगे बॉर्डर पर गए थे सीएमसीएम जयराम ठाकुर बीते सप्ताह शनिवार को लाहौल स्पीति के दौरे के दौरान इंडो-तिब्बत बॉर्डर समदो गए थे. यहां उन्होंने भारतीय जवानों से मुलाकात की थी. इस दौरान सीएम ने जिला लाहौल-स्पीति में सेना के हेलीपैड, समदो में भारतीय-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), डोगरा स्काउट्स तथा 15वीं बिहार रेजिमेंट के अधिकारियों के साथ बातचीत करते हुए राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा में सेना के जवानों की भूमिका की सराहना की थी. साथ ही जयराम ठाकुर ने कहा कि कठिन भौगोलिक तथा कठोर जलवायु परिस्थितियों के बावजूद सेना की प्रतिबद्धता और कुशल कर्तव्यनिष्ठा के कारण ही हमारी सीमाएं सुरक्षित हैं तथा हम निडरता से जीवन जीने में सक्षम हैं. उन्होंने कहा कि सेना के जवानों द्वारा दी जा रही सेवाएं सभी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं. बता दें कि हिमाचल की तिब्बत के साथ 240 किमी की सीमा लगती है. किन्नौर और लाहौल स्पीति की सामाएं तिब्बत से लगती हैं. इससे पहले भी, किन्नौर बॉर्डर चीनी गतिविधियां देखी गई थी.







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