IGMC शिमला का हाल: 20 दिन बाद भी दिव्यांग को नहीं मिली RT-PCR की टेस्ट रिपोर्ट

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हिमाचल के शिमला का आईजीएमसी अस्पताल.

Corona virus in Himachal: आईजीएमसी प्रशासन इस मामले पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है. प्रशासन दबी जुबान में ही रोजाना रिपोर्ट देने का हवाला दे रहा है.

शिमला. हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में कोरोना (Corona Virus) के लिए आरटीपीसीआर रिपोर्ट के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है. प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान आईजीएमसी (IGMC) का यह हाल है जहां कोविड टेस्ट करवाने वाले व्यक्तियों को आरटीपीसीआर की रिपोर्ट समय पर नहीं मिल पा रही है. दरअसल, एक व्यक्ति को 20 दिनों बाद भी आरटीपीसीआर की रिपोर्ट नहीं मिल पाई है. इसके चलते वह अपने काम के लिए जा ही नहीं सका. संबंधित व्यक्ति की मानें तो उसे 30 अप्रैल को चंडीगढ़ में जरुरी काम से जाना था, लेकिन आरटीपीसीआर की रिपोर्ट न मिलने के चलते उसे चंडीगढ़ में होने वाले कार्य को स्थगित करना पड़ा. इतना ही नहीं सम्बंधित व्यक्ति ने उसके बाद कई बार आईजीएमसी की लैबोरेट्री में फ़ोन किया तो कोई उचित जबाब नहीं मिल पाया. दोबारा टेस्ट की नसीहत अब जब दो दिन पूर्व उसने दोबारा लैब में फ़ोन किया तो लैब अटेंडेंट ने उन्हें दोबारा टेस्ट करने की नसीहत दे डाली. इससे व्यक्ति अचंभित ही रह गया. रमेश वर्मा नाम के व्यक्ति का कहना है कि कोरोना काल में प्रशासन कितना लापरवाह है. इसका अंदाज़ा आप सहज ही लगा सकता हैं. जहां कोरोना टेस्ट करवाने के 20 दिनों बाद भी आरटीपीसीआर की रिपोर्ट नहीं आई है.अपंग होने के बाद भी आरटीपीसीआर रिपोर्ट के लिए लगाए कई चक्कर व्यक्ति ने आईजीएमसी प्रशासन पर आरोप लगाया है कि यदि 20 दिन पहले कोई व्यक्ति अगर कोरोना होता तो वह अब तक तो स्वर्गलोक ही सिधार गया होता. जबकि रिपोर्ट आने में 24 घंटे ही लगते हैं. ऐसे में कोरोना के प्रति प्रशासन कितना गंभीर है, इससे आप अंदाजा लगा ही सकते हैं.उन्होंने कहा कि वे शारीरिक रूप से भी अपंग हैं, लेकिन टेस्ट के लिए इस तरह से बुलाना समझ से परे है. आईजीएमसी प्रशासन इस मामले पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है. प्रशासन दबी जुबान में ही रोजाना रिपोर्ट देने का हवाला दे रहा है.









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