Exclusive: गुड़िया केस में दोषी नीलू बोला-मैं बेकसूर, CBI ने फंसाया, फैसले के खिलाफ करूंगा अपील

0
4


सजा के ऐलान के बाद न्यूज 18 ने दोषी नीलू से बातचीत की, जिसमें उसने खुद को बेकसूर बताया और सीबीआई पर गंभीर आरोप लगाए.

Kotkhai Rape and Murder Case:18 जुलाई 2017 को कोटखाई थाने में एक आरोपी की संदिग्ध मौत के बाद जनाक्रोश भड़का और कई स्थानों पर उग्र प्रदर्शन हुए. कोटखाई थाना जला दिया गया था. केंद्र की ओर से सीबीआई जांच को लेकर स्थिती स्पष्ट नहीं हो पाई. इस बीच प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिती बिगड़ते देख सरकार सीबीआई जांच को लेक हाई कोर्ट गई और हाई कोर्ट ने सीबीआई को जांच करने के आदेश जारी किए थे.

शिमला. हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के बहुचर्चित कोटखाई रेप और मर्डर (Kotkhai Rape and Murder) में चार साल बाद फैसला आ गया है. शिमला की राजीव भारदवाज की सेशन कोर्ट ने नीलू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. ऐसे में अब दोषी नीलू तमाम उम्र जेल में रहेगा. सजा के ऐलान के बाद न्यूज 18 ने दोषी नीलू से बातचीत की, जिसमें उसने खुद को बेकसूर बताया और सीबीआई पर गंभीर आरोप लगाए. नीलू ने कहा कि सीबीआई ने उन्हें डराया-धमकाया है. साथ ही कहा कि घटना के दिन वह कोटखाई में नहीं था. वह शिमला जिले के मढोग में था. नीलू ने कहा कि वह फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेगा.

न्यूज 18 के सवाल

न्यूज 18 के सवाल पर नीलू ने कहा कि सीबीआई के एक अधिकारी ने उसे जान से मारने की धमकी दी और कहा कि जैसे कोटखाई थाने में सूरज की हत्या हुई थी, वैसे ही तुझे भी मार डालेंगे. साथ ही नीलू ने कहा कि जब वह रोहड़ू में था तो सीबीआई की टीम उसके पास पहुंची और कहा कि तेरी मां हमारे कब्जे में और तुझ पर मर्डर का केस है. बाद में मुझे जेल में डाल दिया गया. नीलू ने कहा कि वह कभी गुड़िया से नहीं मिला है और सीबीआई ने अपनी कहानी बनाई है. बता दें कि इससे पहले भी नाहन में एक मामले में नीलू को कोर्ट ने दोषी करार दिया था.

जुलाई 2017 का मामलाबता दें कि शिमला जिले के कोटखाई के महासू स्कूल की दसवीं की छात्रा 4 जुलाई 2017 को स्कूल से आने के बाद अचानक लापता हो गई थी. दो दिन बाद 6 जुलाई को उसकी लाश शव दांदी के जंगल में नग्न अवस्था में मिली थी. फॉरेंसिक रिपोर्ट में छात्रा के साथ रेप के बाद हत्या की बात सामने आई थी. शुरूआत में शिमला पुलिस ने इसकी जांच की थी. गैंगरेप की धाराओं में मामला दर्ज किया था और पांच आरोपी भी गिरफ्तार किए थे. एसआईटी जांच से जनता संतुष्ट नहीं थी और सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी. ये पांचों आरोपी बाद में बेल पर छोड़ दिए गए थे और सीबीआई की ओर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है.

एक संदिग्ध आरोपी की मौत

18 जुलाई 2017 को कोटखाई थाने में एक आरोपी की संदिग्ध मौत के बाद जनाक्रोश भड़का और कई स्थानों पर उग्र प्रदर्शन हुए. कोटखाई थाना जला दिया गया था. केंद्र की ओर से सीबीआई जांच को लेकर स्थिती स्पष्ट नहीं हो पाई. इस बीच प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिती बिगड़ते देख सरकार सीबीआई जांच को लेक हाई कोर्ट गई और हाई कोर्ट ने सीबीआई को जांच करने के आदेश जारी किए थे. सीबीआई ने इस मामले में 13 अप्रैल 2018 को एक नीलू नामक एक चिरानी को गिरफ्तार किया था और उसके खिलाफ जुलाई 2018 में कोर्ट में चालान पेश किया था.







Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here