COVID-19: लोगों को दी गई सरकारी राहत का होगा सोशल ऑडिट, ऐसा करने वाला राजस्थान पहला राज्य होगा

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सीएम ने कहा कि जल्द ही प्रदेश में सोशल ऑडिट के लिए गवर्निंग बॉडी का गठन किया जाएगा.

राजस्थान देशभर में ऐसा पहला राज्य होगा जो कोरोना काल (COVID-19) में आमजन को दी गई
सरकारी राहत (Government assistance) की सोशल ऑडिट (Social audit) करवायेगा. सीएम अशोक गहलोत ने सोमवार को इसकी घोषणा की.

जयपुर. कोराना काल (COVID-19) में सरकार की तरफ से लोगों को दी गई राहत (Government assistance) की सोशल ऑडिट होगी. आरटीआई की 15 वीं वर्षगांठ पर सोमवार को आयोजित वेबिनार में सीएम अशोक गहलोत ने कोरोना काल में लोगों को दी गई सरकारी राहत की सोशल ऑडिट (Social audit) करवाने की घोषणा की है. सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा राय ने कोराना में दी गई सरकारी सहायता की सोशल ऑडिट करवाने का सुझाव दिया था

कोराना काल में गरीब लोगों को दी गई 3500-3500 की अनुग्रह राशि, मुफ्त राशन वितरण और सामाजिक सुरक्षा पेंशन वितरण की सोशल ऑडिट करवाई जाएगी. इससे यह पता लगाया जा सके कि वास्तव में धरातल पर कितनी राहत पहुंची. कोरोना में दी गई सरकारी सहायता का सोशल ऑडिट करवाने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य होगा.

एक माह में मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों की नियुक्ति होगी
वेबिनार के दौरान सीएम अशोक गहलोत ने अगले एक माह में राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त और अन्य सूचना आयुक्तों की नियुक्ति करने की घोषणा की. आरटीआई आवेदन के माध्यम से सूचना प्राप्त करने की प्रक्रिया को 31 दिसंबर तक पूरी तरह ऑनलाइन करने की भी सीएम ने घोषणा की. सीएम ने कहा कि जल्द ही प्रदेश में सोशल ऑडिट के लिए गवर्निंग बॉडी का गठन किया जाएगा. उसमें सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी नामित किया जाएगा.PHOTOS: कच्चे छप्पर में 6 बेटियों और 1 मंदबुद्धि बेटे के साथ सिसकती मां, बेबसी की इंतहा

जवाबदेही कानून जल्द लागू हो
सूचना अधिकार कार्यकर्ता निखिल डे ने राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के साथ सूचना के अधिकार पर संवाद (आरटीआई संवाद) की व्यवस्था शुरू करने की मांग की. उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार की दिशा में अगला कदम जवाबदेही कानून है. उन्होंने इसे जल्द से जल्द लागू करने का सुझाव दिया.

विधायक कोष और विधानसभा के सवाल-जवाब भी हों सूचना पोर्टल पर
वेबिनार के दौरान सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस मदन लोकुर ने विधायकों के स्थानीय विकास निधि (एमएलए एलएडी) की जानकारियां, विधानसभा के प्रश्नों के जवाब, अदालतों में लम्बित प्रकरणों की जानकारी और पुलिस एफआईआर के साथ-साथ प्रकरण की जांच के निस्तारण की प्रक्रिया आदि जन सूचना पोर्टल पर उपलब्ध कराने का सुझाव दिया. उन्होंने प्रदेश में सोशल ऑडिट की व्यवस्था लागू करने और नया जवाबदेही कानून जल्द बनाने की मांग की.





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