Bihar Election 2020 : अतरी : आदित्य सचदेवा कांड से चर्चा में आए बिंदी यादव की बेवा मनोरमा देवी मैदान में

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राजेन्द्र यादव के इस किले को ध्वस्त करने का सपना लेकर जदयू की विधान पार्षद मनोरमा देवी मैदान में उतरी हैं

इस बार राजद (RJD) ने राजेन्द्र यादव और कुंति देवी के बेटे और नीमचक बथानी के पूर्व प्रमुख अजय यादव उर्फ रंजीत यादव को उम्मीदवार बनाया है.पूर्व विधायक राजेन्द्र यादव इस समय हत्या के केस में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं. वहीं वर्तमान विधायक कुंति देवी पर भी हत्या (Murder) की साजिश का केस चल रहा है

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 14, 2020, 10:25 AM IST

गया. गया ज़िले के अतरी (Atari) विधान सभा क्षेत्र का गठन 1951 में हुआ था. वर्तमान में इसमें अतरी,नीमचक बथानी,मोहड़ा और खिजरसराय प्रखंड का क्षेत्र आता है. यह विधानसभा सीट जहानाबाद लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है. इस विधानसभा क्षेत्र की आबादी 614719 है जबकि अभी मतदाताओं (Voters) की संख्या 304902 है. इसमें 156684 पुरुष, 148216 महिला और 2 थर्ड जेंडर हैं.

जो अतरी से विधायक चुने गए
यहां के पहले विधायक रामेश्वर प्रसाद निर्दलीय जीतने में कामयाब हुए थे.उसके बाद 1957 और 1962 में कांग्रेस के शिवरत्न सिंह लगातार विधायक रहे थे.1967 में किशोरी प्रसाद, 1969 के उपचुनाव में बाबूलाल सिंह, 1972 में महेश्वर प्रसाद, 1977 में जनता पार्टी से मुद्रिका सिंह और 1980 में कांग्रेस के टिकट पर सुरेन्द्र प्रसाद विधायक चुने गये थे. 1985 और 1990 में कांग्रेस के रंजीत सिंह लगातार विधायक रहे. वहीं 1995,2000,और फरवरी 2005 में लगातार तीन बार राजेन्द्र यादव जनता दल एवं राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर विधायक रहे. नवंबर 2005 में राजेन्द्र यादव की पत्नी कुंति देवी विधायक रहीं तो 2010 में जदयू के कृष्णनंदन यादव ने कुंति देवी को हराकर चुनाव जीत लिया. 2015 के चुनाव में राजद की कुंति देवी लोजपा के अरविंद सिंह को हराकर फिर से विधानसभा पहुंच गयीं.

ढाई दशक से दबंग राजेन्द्र यादव के परिवार का दबदबा1990 में लालू प्रसाद यादव की सरकार आने के बाद से इस इलाके में नीमचक बथानी के रहनेवाले राजेन्द्र यादव और उनके परिवार का दबदबा है.राजेन्द्र यादव खुद तीन बार 1995, 2000 और फरवरी 2005 में अतरी से विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं. जबकि उनकी पत्नी कुंति देवी नवंबर 2005 और 2015 में दो बार चुनाव जीतकर दस साल तक विधायक रहीं.इस बार राजद ने राजेन्द्र यादव और कुंति देवी के बेटे और नीमचक बथानी के पूर्व प्रमुख अजय यादव उर्फ रंजीत यादव को उम्मीदवार बनाया है.पूर्व विधायक राजेन्द्र यादव इस समय हत्या के केस में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं. वहीं वर्तमान विधायक कुंति देवी पर भी हत्या की साजिश का केस चल रहा है.विधायक पुत्र राजद प्रत्याशी अजय कुमार उर्फ रंजीत यादव पर भी कई केस दर्ज हैं. जिसमें वे अभी जमानत पर हैं.

अजय उर्फ रंजीत यादव

राजेन्द्र यादव के इस किले को ध्वस्त करने का सपना लेकर जदयू की विधान पार्षद मनोरमा देवी मैदान में उतरी हैं. उनके पति स्व बिन्दी यादव की छवि भी दबंग के रूप में रही है और वे जिला परिषद अध्यक्ष भी रहे चुके हैं. इस साल कोरोना की वजह से असमय ही उनका निधन हो गया.आदित्य सचदेवा हत्याकांड की वजह से भी यह परिवार चर्चा में आया था.इसके साथ ही राजद और जदयू के आमने-सामने की टक्कर को तिकोना बनाने की कोशिश लोजपा के अरविंद सिंह कर रहे हैं. पिछली बार एनडीए के प्रत्याशी के रूप में वो दूसरे स्थान पर रहे थे. वहीं रालोसपा के अजय कुशवाह समेत कुल 11 प्रत्याशी इस बार इस सीट से अपना भाग्य आजमा रहे हैं.

अरविंद सिंह

कृषि पर आश्रित है क्षेत्र
अतरी विधानसभा कृषि प्रधान क्षेत्र है.यहां के लोगों के लिए कृषि कार्य में बढ़ रही लागत और कम आमदनी के साथ ही हर खेत तक सिंचाई के साधन न पहुंचना सबसे बड़ी समस्या है. तमाम दावों के बावजूद इलाके के कई इलाकों में शुद्ध पेयजल और सड़क की स्थिति अच्छी नहीं है.सात निश्चय के तहत गांवों में नल,जल एवं नली गली योजना में भ्रष्टाचार की वजह से गड़बड़ी हो रही है.उच्च शिक्षा के लिए अच्छे शिक्षण संस्थान की मांग कई साल से हो रही है.स्वास्थ्य सुविधाएं भी नहीं हैं. दूर-दराज के लोगों को प्रखंड स्तरीय अस्पताल तक आने में परेशानी होती है. प्रखंड स्तरीय अस्पताल में महिला चिकित्सक नहीं हैं जिसकी वजह से ग्रामीण चिकित्सक इनका आर्थिक दोहन करते हैं.पलायन बड़ा मुद्दा है.रोजगार की कमी के कारण काफी संख्या में मजदूर दूसरे प्रदेशों में पलायन करने को मजबूर हैं.





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