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Bihar Assembly Election 2020: गया की वजीरगंज विधानसभा सीट से 22 उम्मीदवार लड़ेंगे चुनाव


बिहार विधानसभा चुनाव की कांसेफ्ट इमेज.

बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) में एक-एक सीट पर चुनाव (Election) लड़ने के लिए दो दर्जन तक उम्मीदवार मैदान में हैं. गया की वजीरगंज विधानसभा (Wazirganj Assembly) सीट से 22 उम्मीदवार चुवान मैदान में हैं.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 18, 2020, 1:07 PM IST

गया. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) का नशा नेताओं (Leaders) और नजता दोनों के सिर चढ़कर बोल रहा है. राजनीतिक दलों (Political party) ने जहां प्रत्याशियों को अपनी टिकट पर उतारा है, वहीं बहुत सारे निर्दलीय उम्मीदवार भी अपनी किश्मत आजमा रहे हैं. विधायक बनने के लिए एक सीट पर 20 से 22 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं.

गया की वजीरगंज विधानसभा सीट से कुल 22 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिसमें महागठबंधन से कांग्रेस की तरफ से वर्तमान विधायक अवधेश सिंह के बेटे शशि शेखर इस बार चुनावी मैदान में हैं. वहीं एनडीए में भाजपा की तरफ से पूर्व विधायक वीरेन्द्र सिंह चुनाव मैदान में हैं. दोनों प्रत्याशी राजपूत बिरादरी से आते हैं, जबकि इस विधानसभा क्षेत्र में अनुसुचित जाति, यादव और कुशवाहा का वर्चस्व है. कांग्रेस प्रत्याशी शशि शेखर अपने पिता के कामकाज और भाजपा प्रत्याशी मोदी और नीतीश के विकास के नाम पर वोट मांग रहें हैं.

वहीं रालोसपा के इंजीनियर श्रीधर प्रसाद अपनी जातीय समीकरण के आधार पर जीत का दावा कर रहें हैं. सभी प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्र में जनसपर्क अभियान में लगें हुए हैं और मतदाताओं का वोट पाने के लिए प्रयास कर रहे हैं. बता दें कि बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव में पहले चरण का मतदान 28 अक्टूबर को होगा इसके बाद 3 नवंबर को दूसरे और 7 नवंबर को तीसरे और आखिरी चरण का मतदान होगा. 10 नवंबर को वोटों की गिनती होगी.

दूसरे चरण के चुनाव में 40 उम्मीदवारों का नामांकन रद्दबिहार विधानसभा चुनाव में किश्मत आजमाने के लिए दागी-बागी- बैरीगियों ने नामांकन दाखिल किया है. दूसरे चरण के चुनाव के लिए शनिवार को नामांकन पत्रों की छंटनी की तिथि थी, इसमें 40 उम्मीदवारों के नामांकन को निर्वाचन आयोग ने रद्द किया है. आयोग ने नामांकन पत्रों में गलती के लिए नोटिस दिया था. इसमें कई प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र में हुई त्रुटि का उम्मीदवारों ने उचित जवाब नहीं दिया, जिसके चलते उनका नामांकन रद्द कर दिया गया. ज्यादातर नामांकन पत्र इसलिए रद्द कर दिये गये कि अधिकतर उम्मीदवारों ने शपथ पत्र को गंभीरता से नहीं लिया था. कई प्रत्याशियों ने शपथ पत्र के कई कॉलम को भरा नहीं था. इसके कारण भी नामांकन को रद्द किया गया है.





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