B’DAY Special: पिता की तरह डॉक्‍टर बनना चाहती थीं नरगिस, एक्टिंग से भागती थीं कोसो दूर

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आज मशहूर अदाकारा नरगिस (Nargis) की जयंती है. फोटो साभार: @SanjayDutt instagram

मशहूर अदाकारा रहीं नरगिस (Nargis) आज हमारे बीच नहीं हैं. लेकिन उनकी फिल्में और उनकी असल जिंदगी कहानियां हमारे बीच आज भी हैं. आज उस मशहूर अदाकारा की जयंती है.

मुंबई. हिन्दी फिल्मों की मशहूर अदाकारा रहीं नरगिस (Nargis) आज हमारे बीच नहीं हैं. लेकिन उनकी फिल्में और उनकी असल जिंदगी कहानियां हमारे बीच आज भी हैं. आज उस मशहूर अदाकारा की जयंती है. उनका जन्म 1 जून 1929 को हुआ था. नरगिस का असली नाम कनीज फातिमा राशिद था. आज नरिस के जन्मदिन पर जानते हैं उनकी जीवन से जुड़ी खास बातें.

1 जून 1929 को कोलकाता में जन्‍मी नरगिस (Nargis Birthday) की मां मुस्लिम और पिता हिन्‍दू थे. उनके पिता उत्तमचंद मोहनदास एक जाने-माने डॉक्टर थे और उनकी मां जद्दनबाई मशहूर नर्तक और गायिका थीं. नरगिस अपने पिता की तरह बनना तो डॉक्‍टर चाहती थीं, ताकि वे लोगों की सेवा कर सकें. लेकिन नियति ने उन्‍हें मनोरंजन जगत में भेज दिया. 6 साल की उम्र से फिल्‍मों में काम करने लगी थीं.

नरगिस (Nargis) की मां जद्दन बाई एक अभिनेत्री के साथ साथ फिल्म निर्माता भी थी, जिसके कारण घर में फिल्मी माहौल था, लेकिन इसके बावजूद बचपन में नरगिस की अभिनय में कोई दिलचस्पी नहीं थी. एक दिन उनकी मां ने उनसे स्क्रीन टेस्ट के लिए फिल्म निर्माता एवं निर्देशक महबूब खान के पास जाने को कहा. चूंकि नरगिस अभिनय क्षेत्र में जाने की इच्छुक नहीं थीं इसलिए उन्होंने सोचा कि यदि वह स्क्रीन टेस्ट में फेल हो जाती हैं तो उन्हें अभिनेत्री नहीं बनना पड़ेगा.

ये कहानी बहुत मशहूर है कि स्क्रीन टेस्ट के दौरान नरगिस ने अनमने ढंग से संवाद बोले और सोचा कि महबूब खान उन्हें स्क्रीन टेस्ट में फेल कर देंगे लेकिन उनका यह विचार गलत निकला. महबूब खान ने अपनी फिल्म ‘तकदीर’ 1943 के लिए बतौर नायिका उन्हें चुन लिया. साल 1945 मे महबूब खान ने फिल्म ‘हुमाँयूं’ मे नरगिस को काम करने का मौका मिला. साल 1949 नरगिस के सिने कैरियर में अहम पड़ाव साबित हुआ. इस वर्ष उनकी ‘बरसात’ और ‘अंदाज’ जैसी सफल फिल्में आईं.

बॉलीवुड के शो मैन राज कपूर (Raj Kapoor) के साथ उनके प्रेम संबंध की चर्चा भी खूब रही. दोनों ने कई फिल्मों में एक साथ काम किया. माना जाता है कि नरगिस भी राज कपूर से प्यार करने लगी थीं. लेकिन बाद में दोनों अलग हो गए. फिर नगरिस की जिदंगी में आए सुनील दत्त आए. ‘मदर इंडिया’ की शूटिंग के दौरान जब सेट पर अचानक से आग लग गई तो नरगिस उसमें फंस गई थीं. तब अपनी जान की परवाह न करते हुए सुनील दत्त ने उन्हें बचाया था. इसके बाद से ही दोनों में प्यार हुआ और दोनों करीब आए. बाद में उन्होंने शादी कर ली थी.









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