19 रामलीला कमेटियों को मिली इजाजत, रामलीला की तैयारियों में जुटीं कमेटियां और आर्टिस्ट; आज से सेक्टर 7 में हो रहा है रामलीला का मंचन

0
2


चंडीगढ़9 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

सेक्टर 7 में रामलीला के आयोजक विकास सिंह रावत ने बताया कि लॉकडाउन के चलते इस बार उनकी कोई रिहर्सल नहीं हुई है और डायरेक्टर ने मोबाइल पर जो स्क्रिप्ट भेजी,उसी से तैयारी की है।(फोटो-अश्विनी राणा).

  • शहर में मौजूद 45 में से 19 रामलीला कमेटियों को रामलीला करने की अनुमति दी है
  • 62 शर्तें भी तय की गई हैं जिनका पालन करना सभी रामलीला कमेटियों के लिए अनिवार्य होगा

कोविड 19 के चलते देशभर में हर तरह के कार्यक्रमों पर न सरकार ने रोक लगा दी थी। इसी कारण शहर में भी कोई कार्यक्रम नहीं हो रहे थे। हालांकि धीरे-धीरे सभी गतिविधियों को खोला जा रहा है। लेकिन इस बात पर भी संशय बना हुआ था कि शहर में रामलीला का आयोजन होगा या नहीं। पर आखिरकार कोरोना से रिकवरी रेट बढ़ते देख चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर में राम लीला करने के लिए कुछ शर्तों पर अनुमति दे दी है। इसके तहत शहर में मौजूद 45 में से 19 रामलीला कमेटियों को रामलीला करने की अनुमति दी है।

इसके साथ ही 62 शर्तें भी तय की गई हैं। जिनका पालन करना सभी रामलीला कमेटियों के लिए अनिवार्य होगा। चूंकी उपायुक्त मनदीप सिंह बराड़ की ओर से देरी से ऐलान किया गया है। इसलिए केंद्रीय रामलीला एंड दशहरा महासभा के प्रेसिडेंट भगवती गौड़ ने कहा कि अनुमति बहुत ही देरी से मिली है। हमारी तरफ से 10 सितंबर से अनुमति पाने के लिए अप्लाई किया गया था। उन्होंने बताया कि स्टेज तैयार करने में दो से तीन दिन का वक्त लगता है। इस बार अगर रामलीला होगी तो वह किस तरह से होगी यह सोचने का विषय है।

गुरुवार से सेक्टर 7 में होगी रामलीला

वैसे तो शहर में ज्यादातर रामलीलाओं का मंचन 17 अक्टूबर से हो रहा है और रामलीला कमेटियां उनकी तैयारी में जुटी हुई हैं। लेकिन इस बीच सेक्टर 7 की नवयुग रामलीला एवं दशहरा कमेटी गुरुवार यानी कि आज से ही रामलीला का मंचन कर रही है। नवयुग रामलीला एवं दशहरा कमेटी के असिस्टेंट डायरेक्टर विकास सूद ने बताया कि शहर की अन्य रामलीलाओं की तुलना में हर साल उनकी रामलीला का मंचन दो दिन पहले शुरू हो जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि हम नॉर्मल रामलीला के अलावा जनता को पूरी बैग्राउंड से अवगत कराते हैं। उसमें यह भी बताया जाता है कि रावण क्यों धरती पर आया, उसे क्यों ऐसे कर्म करने पड़े कि वह श्री राम के हाथाें मृत्यु को प्राप्त हुआ, महाराजा दशरथ कौन थे और मां सीता ने किस बेस पर जन्म लिया आदि। विकास सूद ने आगे बताया कि देरी से परमिशन मिलने के चलते रामलीला के मंचन में मुश्किलें तो आ ही रही हैं पर हमने जाे पहले से तैयारी कर रखी थी,उसी के आधार पर हम बेहतर परफॉर्म कर पाएंगे। बाकी हम कोविड 19 के सभी नियमों की पालना करेंगे। सुबह शाम रामलीला के मंचन से पहले सैनिटाइजेशन होगा और एंट्री व एग्जिट पर थर्मल स्कैनिंग की जाएगी और सैनिटाइजर्स की बॉटल रखी जाएंगी। ऑडियंस को बिना मास्क प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

घर से ही की रिहर्सल

वहीं सेक्टर 7 में रामलीला के आयोजक विकास सिंह रावत ने बताया कि पिछले पांच साल से वह रामलीला में अंगद का रोल कर रहे हैं। इस साल भी वह अंगद का रोल ही करेंगे। लॉकडाउन के चलते इस बार उनकी कोई रिहर्सल नहीं हुई है और डायरेक्टर ने मोबाइल पर जो स्क्रिप्ट भेजी,उसी से तैयारी की है।ऑडियंस से हमारी विनती है कि अनुशासन में रहकर ही वह रामलीला देखें।



Source link

Advertisement

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here