स्टार शूटर्स भी अब बायो बबल में करेंगे अपनी तैयारी; अंजुम-यशस्वी के साथ अभिषेक वर्मा शुरू करेंगे अपनी ट्रेनिंग

0
2


चंडीगढ़4 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

टोक्यो के लिए सबसे पहले क्वालिफाई करने वाली राइफल शूटर अंजुम मौदगिल अपनी ट्रेनिंग शुरू करेंगी। – फाइल फोटो

  • एनआरएआई और साई कैंप को 15 से शुरू करना है, सभी एसओपी के साथ कैंप को बायो सिक्योर बबल में आयोजित किया जाएगा
  • शूटिंग कैंप में ओलिंपिक कोर ग्रुप के शूटर्स ही हिस्सा लेंगे और इस बार कैंप को दो महीने के लिए आयोजित किया जाएगा

(गौरव मारवाह). टोक्यो में होने वाले ओलिंपिक को शुरू होने में दस महीने का ही समय बचा है और स्टार शूटर्स अपनी ट्रेनिंग शुरू करने को बेताब हैं। टोक्यो के लिए सबसे पहले क्वालिफाई करने वाली राइफल शूटर अंजुम मौदगिल के साथ यंग पिस्टल शूटर यशस्विनी देसवाल भी अपनी ट्रेनिंग शुरू करेंगी।

एनआरएआई और साई ने कैंप को 15 से शुरू करना है और ये फैसला किया गया है कि सभी एसओपी के साथ कैंप को बायो सिक्योर बबल में आयोजित किया जाएगा। शूटिंग कैंप में ओलिंपिक कोर ग्रुप के शूटर्स ही हिस्सा लेंगे और इस बार कैंप को दो महीने के लिए आयोजित किया जाएगा। अक्टूबर में शुरू होकर ये कैंप 17 दिसंबर तक जारी रहेगा।

चार जोन किए गए हैं तैयार

शूटिंग रेंज में चार रिस्क जोन तैयार किए गए हैं, जिन्हें ग्रीन, ऑरेंज, यैलो और रेड जोन में बांटा गया है। इसका एक ही मकसद है कि ओलिंपिक कोर ग्रुप के शूटर्स सुरक्षित रहें। साई ने कहा कि ये सब शूटर्स को कोविड-19 से बचाने के लिए किया जा रहा हे। हमने एक एसओपी तैयार की है और इसकी पालना सभी को करनी है। ये जल्द ही साई और एनआरएआई के साथ साझा की जाएगी।

यंग पिस्टल शूटर यशस्विनी देसवाल

यंग पिस्टल शूटर यशस्विनी देसवाल

32 शूटर्स शुरू करेंगे ट्रेनिंग

कैंप को इससे पहले दो बार पोस्टपोन किया जा चुका है और 32 शूटर्स इस बार अपनी ट्रेनिंग शुरू करेंगे। इसमें 18 मेल शूटर्स होंगे और 14 वुमन शूटर्स। आठ नेशनल कोच और तीन फॉरेन कोच उनके साथ होंगे, जबकि दो सपोर्ट स्टाफ मेंबर भी यहां रहेंगे। देश को अभी तक 15 ओलिंपिक कोटा मिल चुके हैं औरा इसमें इजाफा भी हो सकता है। कैंप पर 1.43 करोड़ रुपए का खर्च आएगा।

रेंज के पास ही रुकेंगे शूटर्स

एनआरएआई ने प्लानिंग की है कि शूटर्स को सुरक्षित रखने के लिए रेंज के करीब ही होटल में रुकवाया जाएगा। वहां पर साई अपना सपोर्ट देगी। होटल से शूटिंग रेंज तक की एंट्री की जिम्मेदारी एनआरएआई की होगी और एसओपी की पालना जरूरी होगी ताकि बायो बबल को तोड़ा न जाए। शूटर्स को बाहर से आने पर सात दिन के लिए क्वारैंटाइन रहना होगा। ये नियम प्लेयर्स के साथ कोचिंग स्टाफ पर भी लागू होगा।



Source link

Advertisement

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here