सोने में निवेश का मौका: सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की चौथी सीरीज 12 जुलाई से होगी शुरू, 4,807 रुपए में मिलेगा 1 ग्राम सोना ; यहां जानें इससे जुड़ी खास बातें

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  • Sovereign Gold Bond : The Fourth Series Of Sovereign Gold Bond Will Start From July 12, 1 Gram Gold Will Be Available For Rs 4,807; Know Here The Special Things Related To It

नई दिल्ली15 घंटे पहले

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सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम 2021-22 की चौथी सीरीज की बिक्री 12 जुलाई से शुरू होगी जो 16 जुलाई तक चलेगी। सरकार ने इसके लिए 4,807 रुपए प्रति ग्राम का भाव तय किया है। जो लोग इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करेंगे और डिजिटल पेमेंट के जरिए भुगतान करेंगे, उन्हें प्रति ग्राम 50 रुपए का डिस्काउंट मिलेगा।

बाजार में गोल्ड बॉन्ड से सस्ता सोना
इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट के अनुसार सोना 47,863 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। यानी सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड का दाम इस बार सोने से थोड़ा ज्यादा है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में 10 ग्राम सोने की कीमत 48,070 रुपए है। हालांकि ये अंतर काफी कम है।

किस आधार पर तय किया गया है बॉन्ड का दाम?
रिजर्व बैंक ने अपने नोटिफिकेशन में कहा था, ‘बॉन्ड की नॉमिनल वैल्यू सब्सक्रिप्शन वाले हफ्ते के अंतिम तीन कारोबारी दिन यानी 7 से 9 जुलाई के बीच 999 प्योरिटी वाले सोने के औसत बंद भाव के हिसाब से तय हुई है। सोने का सिंपल एवरेज क्लोजिंग प्राइस इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड (IBJA) का है।

6 सीरीज में से 3 सीरीज हो चुकी हैं जारी
केंद्रीय वित्त मंत्रालय से मिली सूचना के मुताबिक सॉवरेन गोल्ड बांड मई से लेकर सितम्बर के बीच 6 किस्तों में जारी की जानी हैं। इसमें से 3 सीरीज जारी हो चुकी हैं। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की पहली सीरीज 17 से 21 मई, दूसरी 24 से 28 मई और तीसरी सीरीज 31 मई से 4 जून तक चली थी। पहली सीरीज में एक ग्राम सोने की कीमत 4,777, दूसरी के लिए 4,842 रुपए और तीसरी के लिए 4,889 रुपए प्रति ग्राम तय की गई थी।

अगर आप इसमें निवेश करने जा रहे हैं तो पहले समझें सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड क्या है?
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड एक सरकारी बॉन्ड होता है। इसे डीमैट के रूप में परिवर्तित कराया जा सकता है। इसका मूल्य रुपए या डॉलर में नहीं होता है, बल्कि सोने के वजन में होता है। यदि बॉन्ड पांच ग्राम सोने का है, तो पांच ग्राम सोने की जितनी कीमत होगी, उतनी ही बॉन्ड की कीमत होगी। इसे खरीदने के लिए सेबी के अधिकृत ब्रोकर को इश्यू प्राइस का भुगतान करना होता है। बॉन्ड को भुनाते वक्त पैसा निवेशक के खाते में जमा हो जाता है। RBI ये बॉन्ड भारत सरकार की तरफ से जारी कर रहा है।

इश्यू प्राइस पर मिलता है 2.50% ब्याज
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में इश्यू प्राइस पर हर साल 2.50% का निश्चित ब्याज मिलता है। यह पैसा हर 6 महीने में आपके खाते में पहुंच जाता है। यानी 48,070 रुपए के निवेश पर हर साल 1,215 रुपए और 8 साल में कुल मिलाकर 10,630 रुपए ब्याज के तौर पर मिल जाएंगे। हालांकि इस पर स्लैब के हिसाब से टैक्स चुकाना होगा।

इस सीरीज में अधिकमत कितने का निवेश कर सकते हैं?
कोई शख्स एक वित्त वर्ष में कम से कम 1 ग्राम और अधिकतम 4 किलोग्राम तक वैल्यू का बॉन्ड खरीद सकता है। जिसकी कीमत 1.92 करोड़ रुपए होगी। हालांकि किसी ट्रस्ट के लिए खरीद की अधिकतम सीमा 20 किग्रा है। यानी अधिकतम 9.61 करोड़ रुपए का निवेश कर सकते हैं।

8 साल रहता है इसका मैच्योरिटी पीरियड
बॉन्ड का मैच्योरिटी पीरियड 8 साल का है, लेकिन निवेशकों को 5 साल के बाद बाहर निकलने का मौका मिलता है। यानी अगर आप पैसा निकालना चाहते हैं तो 5 साल के बाद निकाल सकते हैं। एनएसई के मुताबिक लोन लेने के दौरान कॉलेटरल के रूप में भी इन सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा ये बॉन्ड एनएसई पर ट्रेड भी करते हैं।

शुद्धता और सुरक्षा की कोई चिंता नहीं
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में शुद्धता की चिंता करने की कोई जरूरत नहीं होती है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के मुताबिक गोल्ड बॉन्ड की कीमत इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) द्वारा प्रकाशित 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने की कीमत से लिंक होती है। इसके साथ ही इसे डीमैट के रूप में रखा जा सकता है, जो काफी सुरक्षित है और उस पर कोई खर्च भी नहीं होता है।
इस पर कितना देना होता है टैक्स
सॉवरेन 8 साल के मैच्योरिटी पीरियड के बाद इससे होने वाले लाभ पर कोई टैक्स नहीं लगता। वहीं अगर आप 5 साल बाद अपना पैसा निकालते हैं तो इससे होने वाले लाभ पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स लगता है। LTCG पर 20.80% टैक्स लगता है जिसमें सेस शामिल है। इसमें एक्सपेंस रेश्यो कुछ भी नहीं रहता है।

इसे खरीदना है आसान

  • गोल्ड बॉन्ड खरीदने के लिए आपको किसी ब्रोकर के माध्यम से डीमैट अकाउंट खोलना होता है।
  • इसमें एनएसई पर उपलब्ध गोल्ड बॉन्ड के यूनिट आप खरीद सकते हैं और उसके बराबर की राशि आपके डीमैट अकाउंट से जुड़े बैंक अकाउंट से कट जाएगी।
  • पहली सीरीज में निवेश करने पर आपके डीमैट अकाउंट में 25 मई को गोल्ड बॉन्ड डिपॉजिट हो जाएगे हैं।

ऑफलाइन भी कर सकते हैं निवेश
आरबीआई ने एसजीबी में निवेश के लिए कई तरह के विकल्प दिए हैं। बैंक की शाखाओं, पोस्ट ऑफिस, स्टॉक एक्सचेंज और स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एसएचसीआईएल) के जरिए इसमें निवेश किया जा सकता है। निवेशक को एक आवेदन फॉर्म भरना होगा। इसके बाद आपके अकाउंट से पैसे कट जाएंगे और आपके डीमैट खाते में ये बॉन्ड ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। निवेश करने के लिए पैन नंबर होना अनिवार्य है।

यह बॉन्ड सभी बैंकों, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SHCIL), मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड (BSE) के माध्यम से बेचे जाएंगे।

इसमें निवेश करना कैसा रहेगा?
पर्सनल फाइनेंस एक्सपर्ट और ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के संस्थापक व सीईओ पंकज मठपाल कहते हैं कि अगर आप गोल्ड में निवेश करना चाहते हैं तो ये सही समय हो सकता है, क्योंकि कोरोना महामारी के बीच आने वाले दिनों में ये अच्छा रिटर्न दे सकता है। उनके अनुसार बीते 10 सालों की बात करें तो सोने ने औसतन हर साल 10 से 11% रिटर्न दिया है। लम्बे समय के लिए सोने में निवेश फायदेमंद रहेगा।

सोने में सीमित निवेश फायदेमंद
भले ही आपको सोने में निवेश करना पसंद हो तब भी आपको इसमें सीमित निवेश ही करना चाहिए। एक्सपर्ट के अनुसार कुल पोर्टफोलियो का सिर्फ 5 से 10% ही सोने में निवेश करना चाहिए। किसी संकट के दौर में सोने में निवेश आपके पोर्टफोलियो को स्थिरता दे सकता है, लेकिन लंबी अवधि में यह आपके पोर्टफोलियो के रिटर्न को कम कर सकता है।

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