सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब; विजय माल्या के प्रत्यर्पण पर 6 हफ्तों में स्टेटस रिपोर्ट देने को कहा

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नई दिल्ली13 घंटे पहले

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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को भगोड़े कारोबारी विजय माल्या के छह हफ्ते के भीतर प्रत्यर्पण पर केंद्र से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केन्द्र ब्रिटेन में विजय माल्या को भारत को प्रत्यर्पित किए जाने संबंधी यूनाइटेड किंगडम में लंबित कार्रवाई पर छह हफ्ते के अंदर स्टेटस रिपोर्ट दायर करें।

बता दें कि इससे पहले 5 अक्टूबर को हुई सुनवाई में विदेश मंत्रालय ने अदालत को बताया था कि विजय माल्या के प्रत्यर्पण का मामला समाप्त हो चुका है। ब्रिटेन की शीर्ष अदालत ने प्रत्यर्पण का आदेश दे दिया था, लेकिन इस पर अमल नहीं हो रहा है। ब्रिटेन में इस मामले में कुछ गोपनीय कार्यवाही चल रही है और इसकी जानकारी भारत को भी नहीं दी गई है।

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अदालत ने साफ जवाब न देने के लिए भगोड़े कारोबारी के वकील को फटकार लगाई और सुनवाई दो नवंबर तक के लिए टाल दी थी। कोर्ट ने विजय माल्या के वकीलों से कहा था कि वे दो नवंबर तक बताएं कि माल्या कब अदालत के समक्ष पेश हो सकता है और गोपनीय कार्यवाही कब समाप्त होगी।

क्या है विजय माल्या का पूरा मामला ?

सुप्रीम कोर्ट ने विजय माल्या को अवमानना का दोषी माना था, क्योंकि शराब कारोबारी ने अपनी संपत्ति का पूरा हिसाब नहीं दिया था। न्यायाधीश यूयू ललित और अशोक भूषण की पीठ ने पुनर्विचार याचिका को खारिज करते हुए कहा कि मामले में फिर से सुनवाई की अनुमति नहीं दी जा सकती है। विजय माल्या बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस के लिए बैंकों से लिए 9000 करोड़ रुपए से ज्यादा के कर्ज की अदायगी नहीं करने के मामले में आरोपी है। इस समय वह ब्रिटेन में रह रहा है, जिसके प्रत्यर्पण के लिए सरकार कोशिश कर रही है।



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