‘साथी साथ न देगा दुख भी’, अमिताभ बच्चन को संकट में फिर याद आईं बाबूजी की पंक्तियां

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मुंबई. कोरोना का कहर अभी खत्म भी नहीं हुआ था कि देश में चक्रवाती तूफान ‘टाउते’ (Cyclone Tauktae) ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया. भारी तूफान और बारिश ने लोगों को परेशान कर दिया है. संकट की ये घड़ी जल्द खत्म हो, लोग अब ये दुआ कर रहे हैं. बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) को भी इन मुश्किल हालातों में अपने ‘बाबूजी’ यानी पिता हरिवंश राय बच्चन (Harivansh Rai Bachchan)की पंक्तियां याद आ गई हैं. उन्होंने हाल ही में कविता को खुद लिखकर फैंस के लिए शेयर किया है. अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं. कोरोना और टाउते तूफान के कहर के बीच उन्होंने एक ट्वीट किया है, जिसके जरिए वह लोगों को मोटिवेट करने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं. बिग बी ने सोशल मीडिया पर बाबूजी की कविता शेयर करके बताया है कि यह दुख भी ज्यादा समय के लिए नहीं है. बिग बी ने ट्वीट करते हुए लिखा- ‘बाबूजी के शब्द, बार बार याद आते हैं इन संकट की घड़ियों में. लिखाई मेरी, लेखन उनका’. उन्होंने बाबूजी की कविता ‘साथी साथ न देगा दुख भी’ लिखी है. ‘साथी, साथ न देगा दुख भी! काल छीनने दु:ख आता है, सब जब दु:ख भी प्रिय हो जाता नहीं चाहते जब हम दु:ख के बदले चिर सुख भी!
साथी साथ न देगा दु:ख भी! जब परवशता का कर अनुभव अश्रु बहाना पड़ता नीरव, उसी विवशता से दुनिया में होना पड़ता है हंसमुख भी! साथी साथ न देगा दु:ख भी! इसे कहूं कर्तव्य-सुघरताया विरक्ति, या केवल जड़ता, भिन्न सुखों से, भिन्न दुखों से, होता है जीवन का रुख भी! साथी साथ न देगा दु:ख भी!’ महानायक का ये पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. उनके फैंस को यह बहुत पसंद आ रहा है. आपको बता दें कि अमिताभ बच्चन कोरोना महामारी में लगातार लोगों की मदद करने में लगे हुए हैं. उन्होंने हाल ही में मुंबई के इमरजेंसी लिए पोलैंड से 50 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर ऑर्डर किए हैं. अपने लेटेस्ट ब्लॉग में बिग बी ने इसकी जानकारी दी थी. इसके साथ ही उन्होंने हाल ही में अपने ब्लॉग में लोगों के बताया था कि चक्रवात की वजह से उनके जनक ऑफिस को नुकसान पहुंचा है.



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