श्रीकांत ने खोला राज- 1983 में कपिल देव के अलावा ‘रोजर’ ने किया था यादगार प्रदर्शन

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नई दिल्ली. कपिल देव (Kapil Dev) की कप्तानी में टीम इंडिया ने 1983 वनडे वर्ल्ड कप का खिताब जीता था. यह टीम का पहला आईसीसी खिताब था. यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण थी, क्योंकि इससे पहले 1975 वर्ल्ड कप में टीम सिर्फ एक ही मैच जीत सकी थी. वहीं 1979 वर्ल्ड कप में टीम को एक भी जीत नहीं मिली थी. 1983 वर्ल्ड कप की जीत ने देश में क्रिकेट को बढ़ावा दिया और कई आज बड़े सितारे हमें दिखाई दे रहे हैं.

1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम के खिलाड़ियों ने न्यूज18 के विशेष कार्यक्रम ‘विश्वविजय के बाहुबली’ में शिरकत की. इस दौरान टीम के के ओपनर बल्लेबाज कृष्णमाचारी श्रीकांत ने कहा, ‘जिम्बाब्वे के खिलाफ कपिल देव की 175 रन की पारी को कोई नहीं भूला सकता. इसने टीम को आत्मविश्वास दिया. इसके बाद हमने सेमीफाइनल में इंग्लैंड को मात दी.’ उन्होंने कहा कि कपिल देव के अलावा एक और खिलाड़ी ने यादगार प्रदर्शन किया. श्रीकांत ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगभग करो या मरो के मैच में रोजर बिन्नी ने 4 विकेट लेकर टीम को जीत दिलाई. वे दोनों तरफ स्विंग करा रहे थे.

ऑस्ट्रेलिया की टीम 129 रन पर सिमट गई थी

मैच में टॉस हारकर पहले खेलते हुए टीम इंडिया 55.5 ओवर में 247 रन बनाकर आउट हो गई. यशपाल शर्मा ने सबसे ज्यादा 40 जबकि संदीप पाटिल ने 30 रन बनाए. कपिल देव ने भी 28 रन औ राेजर बिन्नी ने 21 रन का योगदान दिया. जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने अच्छी शुरुआत की थी और उसका स्कोर एक समय एक विकेट पर 46 रन था. इसके बाद टीम लड़खड़ा गई. पूरी टीम 38.2 ओवर में 129 रन पर आउट हो गई. 7 बल्लेबाज दहाई के आंकड़े तक नहीं पहुंच सके थे. रोजर बिन्नी ने 8 ओवर में 29 रन देकर 4 विकेट लिए थे. इसके अलावा मदन लाल ने भी 20 रन देकर 4 विकेट झटके थे. बिन्नी को शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया था.

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क्वालिफाई करने के बारे में पता नहीं था

कार्यक्रम में आए टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज सैयद किरमानी ने कहा कि वर्ल्ड कप में जाने से पहले हमें क्वालिफाई करने के बारे में भी पता नहीं था. लेकिन विंडीज के खिलाफ पहले मैच जीतने के बाद मनोबल बढ़ा और कपिल देव की पारी ने साबित कर दिया है कि हम ट्रॉफी जीत सकते हैं. 25 जून 1983 को टीम ने यह कारनामा किया था. लगभग 38 साल पहले. इसके बाद टीम ने 2011 में महेंद्र सिंह धोनी कप्तानी में वनडे वर्ल्ड कप खिताब दूसरी बार जीता. लेकिन 1983 की जीत ने देश में क्रिकेट के माहौल को बदलकर रख दिया था.



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