वीवो-CMR स्टडी: कोविड-19 के कारण स्मार्टफोन पर औसत टाइम स्पेंट 25% बढ़कर 6.9 घंटा प्रतिदिन हुआ

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नई दिल्लीएक घंटा पहले

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स्टडी में शामिल अधिकांश उत्तरदाताओं का मानना है कि स्मार्टफोन का अधिक इस्तेमाल अपनों के साथ बिताए जाने वाले समय की क्वालिटी पर प्रभाव डालता है।

  • 2020 की शुरुआत के मुकाबले अप्रैल से स्मार्टफोन का इस्तेमाल बढ़ा
  • WFH के लिए स्मार्टफोन पर बिताए जाने वाले टाइम में 75% की बढ़ोतरी

कोविड-19 के कारण देश में स्मार्टफोन पर बिताए जाने वाले समय में 2019 के मुकाबले 25% की बढ़ोतरी हुई है। स्मार्टफोन निर्माता कंपनी वीवो और CMR की ओर से की गई एक स्टडी रिपोर्ट के मुताबिक देश में स्मार्टफोन पर औसत टाइम स्पेंट 6.9 घंटा प्रतिदिन हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक कोविड-19 के कारण वर्क फ्रॉम होम, स्टडी और एंटरटेनमेंट के चलते टाइम स्पेंट में बढ़ोतरी हुई है।

कोविड-19 से पहले 5.5 घंटा प्रति दिन था टाइम स्पेंट

‘स्मार्टफोन और उनका ह्यूमन रिलेशनशिप पर प्रभाव-2020’ नाम की स्टडी के मुताबिक, कोरोना से पहले मार्च 2020 में स्मार्टफोन पर औसत टाइम स्पेंट 5.5 घंटा प्रतिदिन था। यह 2019 के औसत टाइम स्पेंट 4.9 घंटा प्रतिदिन से 11% ज्यादा था। लेकिन अप्रैल से यह बढ़कर 6.9 घंटा प्रतिदिन पर पहुंच गया है। इस प्रकार 2019 के मुकाबले इसमें 25% तक की बढ़ोतरी हुई है। स्टडी के मुताबिक लॉकडाउन के बाद से वर्क फ्रॉम होम के लिए टाइम स्पेंट में 75% की बढ़ोतरी हुई है। कॉलिंग के लिए टाइम स्पेंट में 63% की बढ़ोतरी हुई है जबकि OTT पर टाइम स्पेंट में 59% की बढ़ोतरी हुई है।

सोशल मीडिया पर टाइम स्पेंट में 55% की ग्रोथ

स्टडी रिपोर्ट के मुताबिक, स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर बिताए जाने वाले टाइम स्पेंट में 55% की ग्रोथ रही है। वहीं गेमिंग को लेकर टाइम स्पेंट में 45% की बढ़ोतरी हुई है। सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि फोटो खींचने या सेल्फी लेने का औसत टाइम स्पेंट 14 मिनट से बढ़कर 18 मिनट प्रतिदिन हो गया है। यह स्टडी रिपोर्ट 15 से 45 साल की आयुवर्ग के 2000 उत्तरदाताओं पर अध्ययन के आधार पर तैयार की गई है। स्टडी में बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद और पुणे के उत्तरदाताओं को शामिल किया गया है। इसमें 70% पुरुष और 30% महिला उत्तरदाता शामिल थे।

कोविड के दौरान स्मार्टफोन महान टूल के तौर पर उभरा

वीवो इंडिया के डायरेक्टर ब्रांड स्ट्रेटजी निपुन मार्या ने कहा कि स्मार्टफोन और उनके ह्यूमन रिलेशनशिप पर प्रभाव को लेकर कंपनी ने पिछले साल भी स्टडी की थी। उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन एक महान टूल है। खासतौर पर कोविड की स्थिति में जहां हम स्मार्टफोन के बिना बिलकुल भी उपयोगी नहीं थे। हालांकि, मॉडरेशन के अलावा स्मार्टफोन का ज्यादा इस्तेमाल प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इसीलिए हमने यह स्टडी की है। मार्या ने कहा कि 2019 के मुकाबले 2020 में स्मार्टफोन पर औसत टाइम स्पेंट में ऑर्गेनिक ग्रोथ रही है। हालांकि, कोविड-19 के कारण कुछ ट्रेंड को रफ्तार मिली है। अन्यथा इसकी ग्रोथ काफी धीमी रहती।

84% लोग जागने के बाद पहले 15 मिनट में फोन चेक करते हैं

मार्या ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि 84% लोग जागने के बाद पहले 15 मिनट में अपना फोन चेक करते हैं। वहीं 46% उत्तरदाताओं ने कहा कि वे 1 घंटा लंबी मीटिंग या दोस्तों के साथ बैठक के दौरान कम से कम पांच बार फोन को चेक करते हैं। मार्या ने कहा कि जैसे-जैसे महामारी की स्थिति में सुधार हो रहा है, वैसे ही स्मार्टफोन टाइम स्पेंट मौजूदा स्तर से कम होगा, लेकिन कुछ बदलाव स्थायी हो जाएंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, लोग अब परिवार के साथ ज्यादा समय बिता रहे हैं। कोविड से पहले लोग परिवार के साथ 4.4 घंटा प्रतिदिन बिता रहे थे। लेकिन अब लोग परिवार के साथ 5.5 घंटा प्रतिदिन बिता रहे हैं। अधिकांश उत्तरदाताओं ने माना कि स्मार्टफोन का अधिक इस्तेमाल अपनों के साथ बिताए जाने वाले समय की क्वालिटी पर प्रभाव डालता है।



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