रोहतक : बैंककर्मी बन करते थे फोन, ओटीपी हासिल कर खाली कर देते थे खाता, 5 गिरफ्तार

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रोहतक के साइबर सेल ने दो अलग-अलग मामलों में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

रोहतक के साइबर सेल ने दो मामलों में 6 लोगों को गिरफ्तार किया है. पहले मामले में बैंककर्मी बनकर कस्टमर से करते थे बात ठग और खाली कर देते थे खाता. दूसरा मामला OLX पर फर्जी अकाउंट से ठगी का है.

दीपक भारद्वाज

रोहतक. बैंक कर्मचारी बन (Fake bank staff) लोगों से खातों (Bank account) और ओटीपी की जानकारी लेकर खाता साफ करने वाले ठगों के एक गिरोह का रोहतक साइबर सेल (Rohtak cyber cell) ने फंडाफोड़ किया है. साइबर सेल ने दो अलग-अलग मामलों में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. दरअसल, महम थाने में 13 मार्च को सोनू नाम के एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि एक फर्जी कॉल आने के बाद ओटीपी पूछा गया और उनके खाते से 2 लाख रुपये साफ हो गए. यह शिकायत रोहतक के साइबर सेल के पास आई. इसके बाद पुलिस ने जांच की और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. सभी आरोपी कॉल सेंटर में काम करते थे और जरूरी डाटा चुराकर और फर्जी बैंक अधिकारी बनकर लोगों के पास फोन करते थे और उनके बैंक की जानकारी लेते थे.

OLX पर फर्जी अकाउंट से करता था ठगी

वहीं, दूसरी ओर OLX पर फौजी की फर्जी आईडी बनाकर लोगों को ठगने के एक और मामले का खुलासा साइबर सेल ने किया है. रोहतक जिले के भालौठ गांव के विजय ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि एक व्यक्ति ने अपने आप को फौजी बता अपनी अल्टो K10 कार सेल करने की बात कहकर 1 लाख 15 हजार रुपये ठग लिए. तब पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की और फरीदाबाद के रहने वाले वसीम खान को गिरफ्तार कर लिया है.पुलिस ने बताया – कई आरोपी कॉलसेंटर के

साइबर सेल के एसएचओ कुलदीप सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए कुछ लोग कॉलसेंटर में काम करते थे और इनके संपर्क दूसरे राज्यों में बैठे कई और ठगों से है. उन्होंने कहा कि ये लोग जरूरी डाटा चुरा कर उन लोगों को देते थे, जिसके बदले में इन्हें मोटा कमीशन मिलता था. डाटा लेने के बाद ठग दूसरे राज्यों में बैठे भोले-भाले लोगों के पास फोन करते थे और उनके बैंक डिटेल लेकर उनके खाते साफ कर देते थे.

दो की रिमांड मिली

कुलदीप सिंह ने बताया कि ऐसा ही एक मामला और पकड़ में आया है. इस मामले में एक युवक OLX पर फौजी की फर्जी आईडी बनाकर लोगों को ठगने का काम करता था. एसएचओ ने कहा कि फिलहाल सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड की मांग की गई थी, लेकिन दो आरोपियों ही आरोपियों की रिमांड मिली है. ये दोनों आरोपी मामले में मुख्य रूप से शामिल हैं. पुलिस ने बताया कि इन ठगों के तार पश्चिम बंगाल, ओड़ीशा और कई अन्य राज्यों में हो सकते हैं. इसलिए उनसे गहनता से पूछताछ की जा रही.







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