रोहड़ू: झूला झूल रही थी 11 साल की आंचल, झूले की रस्सी बना फंदा, मौत

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झूले की रस्सी बनी फंदा. (सांकेतिक तस्वीर)

Death Due to See-saw in Rohru: घर के पास लगे झूले में आंचल अकेली झूल रही थी. इसी बीच गले में रस्सी फंस जाने से उसका दम घुटा और वह बेहोश हो गई. परिजनों को जब पता चला, तो वह अचेत थी.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 16, 2020, 9:51 AM IST

रोहड़ू (शिमला). झूले की रस्सी बच्ची के लिए फंदा (Hanging) बन गई और उसकी मौत हो गई. मामला हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के शिमला जिले के रोहडू (Rohru) का है. 11 साल की बच्ची की जान चली गई.

जानकारी के अनुसार, गुरुवार की घटना रोहडू उपमंडल के चिड़गांव में पेश आई है. पुलिस के मुताबिक, चिड़गांव थाना क्षेत्र के कुल गांव में 11 वर्षीय बालिका की फंदा लगने से मौत हो गई. 11 साल की आंचल झूला झूल रही थी. इस दौरान अचानक झूले की रस्सी उसके गले में फंस गई और दम घुटने से उसकी मौत हो गई.

घर पर था झूला
घर के पास लगे झूले में आंचल अकेली झूल रही थी. इसी बीच गले में रस्सी फंस जाने से उसका दम घुटा और वह बेहोश हो गई. परिजनों को जब पता चला, तो वह अचेत थी. परिजनों ने उसे संभाला और बेहोशी की हालत में अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत करार दिया.अक्सर आने लगे मामले

बता दें कि घरों और पार्क में बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले लगाए गए हैं, इनमें झूलकर बच्चे खूब आनंद लेते हैं, लेकिन, इनमें बच्चों के झुलने के दौरान परिजन आसपास निकल जाते हैं. उन्हें सतर्क रहने की जरूरत है. झूलों में बच्चों को कभी भी अकेला झुलने के लिए ना छोड़ें, क्योंकि यह आत्मघाती है.झूलों की रस्सी बच्चों के लिए मौत का कारण बन रही है.





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