रिपोर्ट निगेटिव, लक्षण पॉजिटिव; इलाज कोरोना का ही: देशभर में 25% मामले ऐसे, जिनमें कोरोना जांच की रिपोर्ट मिल रही गलत, इनसे भी फैल रहा संक्रमण

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नई दिल्ली3 घंटे पहलेलेखक: प्रमोद कुमार

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देश भर में तेजी से फैलते कोविड के 25% मामले ऐसे जिन्हें संक्रमण तो है, लेकिन उनकी रिपोर्ट निगेटिव आ रही है।

तेजी से फैलते कोविड संक्रमण की दूसरी लहर के बीच करीब 25% मामले ऐसे आ रहे हैं जिन्हें कोविड संक्रमण तो है, लेकिन उनकी रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। निगेटिव रिपोर्ट के बाद भी मरीज तकलीफ होने पर जब सीटी स्कैन करवाते हैं तो पता चलता है कि फेफड़ों में इंफेक्शन है। इसके बाद कोविड का इलाज शुरू होता है।

दरअसल, निगेटिव रिपोर्ट वाले लोग क्वारेंटाइन भी नहीं होते हैं, जिससे कई लोग इनके संपर्क में आते हैं और संक्रमित हो जाते हैं। इसी वजह से कोरोना चेन ब्रेक नहीं हो पा रही है। नेशनल कोविड टास्क फोर्स के वैज्ञानिक भी मानते हैं कि आरटी-पीसीआर की प्रमाणिकता 60 से 70% है। यानी 30 से 40% मामलों में गलत रिपोर्ट संभावित है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, ये 30% लोग अनजाने में हजारों लोगों को संक्रमित करते हैं। मौजूदा मामलों को देखें तो विशेषज्ञों की राय है कि संक्रमित होने के सातवें दिन जांच करवाएं तो रिपोर्ट सही आने की ज्यादा संभावना रहेगी। अगर एक दिन में डेढ़ लाख पॉजिटिव केस सामने आ रहे हैं तो इनमें ऐसे एक तिहाई यानी लगभग 50 हजार वो लोग शामिल नहीं हैं जिनमें लक्षण तो कोविड के हैं, लेकिन जांच रिपोर्ट निगेटिव है।

केस स्टडी: दो बार कोरोना टेस्ट कराया, रिपोर्ट निगेटिव, सीटी स्कैन से पता चला कोरोना है

रिपोर्ट निगेटिव, फिर भी रेमडेसिविर
इंदौर हाईकोर्ट में वकील कपिल को बुखार-खराश हुई। दो बार कोरोना टेस्ट कराया, लेकिन रिपोर्ट निगेटिव रही। सांस लेने में तकलीफ होने पर सीटी स्कैन कराया तो उनके फेफड़ों में 30% इंफेक्शन था। अस्पताल ने भर्ती करके कोविड मरीज की तरह उन्हें ट्रीटमेंट दिया। 6 रेमडेसिविर इंजेक्शन भी दिया गया।

सीटी स्कैन में दिखा- कोविड ही है
भोपाल की संध्या को सांस लेने में तकलीफ हुई, तो डॉक्टरों ने कोविड टेस्ट की सलाह दी। रिपोर्ट निगेटिव आई लेकिन सीटी स्कैन में फेफड़ों में 25% इंफेक्शन था। निजी अस्पताल में कोविड मरीज की तरह ही ट्रीटमेंट दिया गया। रेमडेसिविर भी दिए गए। डॉक्टर ने कहा, सीटी स्कैन में साफ दिख रहा है कि ये कोविड ही है।

खांसी नहीं रुकी, 10 दिन तक भर्ती रहे, कोविड मरीज की तरह इलाज
उत्तरप्रदेश के बलिया के अजय दुबे को खांसी-बुखार की शिकायत हुई तो आरटीपीसीआर टेस्ट कराया। टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई लेकिन खांसी नहीं रुकने पर दो दिन बाद सीटी स्कैन करवाया। लंग्स में 22 प्रतिशत इंफेक्शन आने पर डॉक्टर के कहने पर कोविड अस्पताल में भर्ती हुए। 10 दिन तक भर्ती रहने के दौरान कोविड मरीज की तरह ही इलाज किया गया।

इलाज के बाद भी निगेटिव रिपोर्ट
मुंबई के अरविंद श्रीवास्तव ने बुखार आने पर आरटीपीसीआर टेस्ट करवाया। रिपोर्ट निगेटिव आई। दो दिन बाद टेस्ट कराने पर भी रिपोर्ट निगेटिव ही आई। सीटी स्कैन में अरविंद के फेफड़ों में 35% इंफेक्शन था। कोविड ट्रीटमेंट से 10 दिन में ठीक हुए। अस्पताल में 8वें दिन फिर टेस्ट हुआ, लेकिन रिपोर्ट निगेटिव ही रही।

दो बार निगेटिव, 7 दिन हुआ इलाज
तमिलनाडु में सेलम के रविंद्र को सांस लेने में परेशानी हुई तो उन्होंने एंटीजन टेस्ट करवाया। रिपोर्ट निगेटिव आई तो आरटी-पीसीआर टेस्ट करवाया। रिपोर्ट निगेटिव आने के तीसरे दिन सीटी स्कैन कराया। फेफड़ों में गंभीर इंफेक्शन होने पर भर्ती हुए। उन्हें 7 दिन तक ऑक्सीजन और कोिवड की दवा-इंजेक्शन दिए गए।

ये सावधानियां बेहद जरूरी

  • मास्क पहनना जरूरी है। रिपोर्ट निगेटिव है तब भी मास्क लगाए रखें।
  • किसी भी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने का पता चलने के सातवें दिन जांच करवाएं तो रिपोर्ट रिजल्ट बेहतर आएंगे।
  • अगर कोविड के लक्षण हैं और पहली आरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव है तो दोबारा टेस्ट कराएं। कई बार दूसरी रिपोर्ट तक शरीर में वायरस रिफ्लेक्ट हो जाता है।

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