राजस्थान: वैक्सीनेशन के अभाव में छिना रोजगार, करीब 1 लाख कामगारों को जाना है खाड़ी देशों में

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जानकारों के मुताबिक खाड़ी देशों से शेखावाटी इलाके में हर महीने करीब 700 से 800 करोड़ तक रुपए आते हैं.

About 1 lakh workers are unemployed in shekhawati: कोरोना वैक्सीनेशन नहीं होने के कारण राजस्थान के शेखावाटी इलाके के करीब 1 लाख कामगार बेरोजगार बैठे हैं. वैक्सीनेशन के अभाव में इन्हें विदेश जाने की अनुमति नहीं मिल पा रही है.

संदीप हुड्डा

सीकर. शेखावाटी इलाके के लाखों लोग वैक्सीन के अभाव (lack of corona vaccination) में बेरोजगार बैठे हैं. वैक्सीनेशन नहीं होने के कारण ये लोग कमाने के लिये विदेश (Foreign) से नहीं जा पा रहे हैं. शेखावाटी प्रदेश का एकमात्र ऐसा इलाका है जहां सबसे ज्यादा लोग खाड़ी देशों (Gulf countries) में मजदूरी करने के लिए जाते हैं. ट्रेवल एजेंट और इस कार्य से जुड़े अन्य लोगों से बातचीत में सामने आया है कि करीब एक लाख लोग ऐसे हैं जो फिलहाल यहां है और उन्हें मजदूरी करने वापस खाड़ी देशों में जाना है. लेकिन वैक्सीन नहीं लग पाने की वजह से वे लोग नहीं जा पा रहे हैं.

खाड़ी देशों में नौकरी करने के लिए जाने वाले कामगारों के लिए वैक्सीन के दोनों डोज लगना जरूरी है. कोविशिल्ड वैक्सीन के दोनों डोज लगने के बाद ही उन्हें विदेश जाने की अनुमति मिलती है. एक अनुमान के मुताबिक शेखावाटी के तीनों जिलों सीकर, चूरू और झुंझुनूं के करीब 4 लाख लोग खाड़ी देशों में कमाने के लिए जाते हैं. इनमें से करीब एक लाख से ज्यादा लोग फिलहाल यहां आए हुए हैं. वैक्सीन का स्लॉट बुक नहीं होने की वजह से इन कामगारों को वापस जाने में परेशानी हो रही है और इनका रोजगार छीना हुआ है.

स्लॉट बुक नहीं होने के कारण वैक्सीन नहीं लग पाती हैशेखावाटी इलाके में सबसे ज्यादा पैसा भी खाड़ी देशों से ही आता है. इस वजह से इलाके की अर्थव्यवस्था काफी हद तक इसी पर टिकी हुई है. विदेश जाने वालों के लिए अलग से वैक्सीन की कोई व्यवस्था नहीं की गई है. दूसरी तरफ स्लॉट बुक नहीं होने के कारण वैक्सीन नहीं लग पाती है. इसको लेकर अब कई जनप्रतिनिधि भी आवाज उठाने लगे हैं. आम आदमी पार्टी के नेता तैयब खान का कहना है कि ऐसे लोगों के लिए अलग से कैंप लगाने चाहिए.

हर महीने 700 से 800 करोड़ तक रुपए आते हैं

जानकारों के मुताबिक खाड़ी देशों से शेखावाटी इलाके में हर महीने करीब 700 से 800 करोड़ तक रुपए आते हैं. इसलिए प्रशासन और चिकित्सा विभाग को इन लोगों की सुनवाई करते हुए इनके लिए अलग से वैक्सीनेशन का कैंप लगाना चाहिए. सीकर के अतिरिक्त जिला कलक्टर धारासिंह मीणा कहना है कि जिले में अभी पूरी तरह वैक्सीन उपलब्ध नहीं हो पाई है जब भी मिलेगी तब कैंप लगाए जाएंगे.







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