युवाओं में पॉपुलर है Sexting, जानें इसके फायदे और नुकसान

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सेक्सटिंग (Sexting) कपल के बीच मैसेज और तस्वीरों को शेयर करने को सेक्स (Sex) का वर्चुअल (Virtual) अनुभव कहा जाता है. समाज में इसे एक कुरीति माना जाता रहा है, लेकिन इसके चलन में तेजी और पॉपलैरिटी बढ़ती ही जा रही है. कपल आसानी से सेक्स के इस सुरक्षित और सहज माध्यम को अपनाने में अच्छा महसूस कर रहे हैं. रिलेशनशिप (Relationship) में दूर बैठे कपल के बीच सेक्स का यह माध्यम सबसे ज्यादा प्रचलित है. दूर-दराज में काम कर रहे शादीशुदा जोड़े (Married Couple) भी सुख की अनुभूति के लिए इस माध्यम को अपना रहे हैं. सवाल यह है कि सेक्सटिंग किसी भी रिलेशनशिप में कितनी सुरक्षित, सहज और हेल्दी है और कैसे, जानिए सेक्सटिंग के दौरान किन बातों का ख्याल रखना बेहद जरूरी है.

कितनी सेफ है सेक्सटिंग
कपल के बीच सेक्सटिंग भले ही चार-दीवारी में होती हो, लेकिन कई मायनों में यह उनके लिए कभी-भी खतरनाक साबित हो सकती है. हालांकि कपल इंटीमेट होने से पहले सेक्सटिंग को एक-दूजे के यौन व्यवहार को अच्छे से जान लेने का माध्यम मानते हैं, लेकिन इस बात का ध्यान रहे कि आप एकांत में ही इसे करें. सेक्सटिंग असुरक्षित यौन संबंध या अवांछित गर्भधारण जैसे जोखिम भरे यौन व्यवहार से परे है.

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तस्वीरें और मैसेज के वायरल होने पर पार्टनर के लिए मुसीबतें खड़ी हो जाती हैं.
तस्वीरों के वायरल होने से कपल में तनाव घर कर जाता है और वे सम्मान खोने के डर से आत्महत्या जैसे कदम उठाने में हिचकते नहीं हैं. लेकिन सेक्सटिंग का दुरुपयोग न हो तो सुरक्षित वर्चुअल सेक्स की उम्मीद की जा सकती है.

यौन संतुष्टि के लिए सेक्सटिंग बढ़िया और सुरक्षित विकल्प 
किशोर अपनी बढ़ती उम्र में सेक्सटिंग के जरिए पसंद या नापसंद को समझने की कोशिश कर रहे हैं.
यह काफी मजेदार और बढ़िया अनुभव हो सकता है, खासतौर पर उन किशोरों के लिए, जो अपनी रिलेशनशिप की शुरुआत करने जा रहे हैं.

सेक्सटिंग से शुरुआती और परिपक्व रिलेशनशिप में मन की हिचक दूर होती है.
इंटीमेट होने से पहले सेक्सटिंग के जरिए कपल खुद को यौन क्रिया के लिए बेहतर रूप से तैयार कर सकते हैं.

किशोर नई रिलेशनशिप में सहज, आवेगी और चंचल होते हैं, लेकिन समय आने पर वे सावधान भी हो सकते हैं. बिना इंटीमेट हुए सेक्सटिंग के जरिए पार्टनर को दे सकते हैं चरम सुख.

सेक्सटिंग के दौरान इन बातों का रखें ख्याल
सेक्सटिंग करने से पहले पार्टनर से बात कर लें. हो सकता है कि वह ऑफिस में मीटिंग में हो या दोस्तों के साथ हो जिससे उन्हें असहज महसूस न हो.

दोनों पार्टनर पहले यह तय करें कि सेक्सटिंग सिर्फ टेक्स के जरिए करनी है या फिर रीविलिंग तस्वीरें भी भेजनी है.

सेक्सटिंग के बाद मैसेज और तस्वीरें डिलीट करना न भूलें, या फिर पार्टनर की अनुमति से एक फोल्डर में उन्हें सेव कर लें.

सेक्सटिंग के लिए कपल को एक तय समय का चुनाव करना चाहिए जिससे कि दोनों एक-दूजे को खुलकर समय दे सकें.

अगर अचानक सेक्सटिंग का ख्याल आ जाता है तो पहले पार्टनर से एक बार इसकी अनुमति ले लें और उन्हें समय देने को कहें.

सेक्सटिंग के दौरान भेजे गए मैसेज और तस्वीरों को ब्रेकअप और लड़ाई में वायरल करने से बचें.
कोशिश करें कि सेक्सटिंग के बाद मैसेज और तस्वीरे डिलीट ही कर दें, क्योंकि हैकिंग की अवस्था में यह कपल के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं.

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क्या कहती है नौजवान पीढ़ी
हालांकि सेक्सटिंग वास्तव में बहुत बड़ी बात नहीं है. कुछ लोगों का मानना है कि यह इंटीमेसी का अच्छा माध्यम है. कुछ ऐसे भी लोग हैं जो यह मानते हैं कि इससे रिश्ते की पवित्रता खत्म हो जाती है, भले ही वे फिजिकली इंटीमेट न हुए हो. कईयों ने सेक्सटिंग को उत्तेजित बातें और न्यूड और सेमी-न्यूड तस्वीरें के जरिए यौन भावनाओं को सुख देने का माध्यम माना है. अगर सामाजिक धारणाओं और मूल्यों के कारण सेक्स के बारे में सीधे बात नहीं की जा सकती है, तो सेक्सटिंग का सहारा लेना सबसे सुरक्षित विकल्प हो सकता है. (Dclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)





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