महाराष्ट्र में मंदिरों के कपाट खोलने के लिए बीजेपी का आंदोलन, नारे लगाए- ‘मदिरा चालू, मंदिर बंद’

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मुंबई. महाराष्ट्र में कोरोना वायरस (Maharashtra Coronavirus) के चलते लगाए गए प्रतिबंधों में फिलहाल मंदिरों के कपाट बंद रखे गए हैं. इस बाबत राज्य की गठबंधन वाली शिवसेना नीत सरकार का विरोध जारी है. मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने राज्य स्थित सिद्धिविनायक मंदिर के सामने प्रदर्शन किया. भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन करते हुए ‘मदिरा चालू मंदिर बंद’ जैसे नारे लिखे प्लेकार्ड्स का इस्तेमाल किया. उन्होंने मांग की है कि राज्य में श्रद्धालुओं के लिए सभी मंदिरों के कपाट खोले जाएं.

विरोध प्रदर्शन के दौरान मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद था. भाजपा कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग को तोड़कर मंदिर में घुसने का प्रयास भी किया. विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे भाजपा नेता प्रवीण दारेकर ने कहा कि राज्य में शराब और वाइन की दुकानें खोल दी गई है लेकिन उनके बारे में कौन सोचेगा जो मानसिक शांति के लिए मंदिर जाते हैं.

बीजेपी नेता ने कहा कि ‘शराब और शराब की दुकानें खोली गई हैं, यहां तक कि होम डिलीवरी भी हो रही है. लेकिन जो लोग अपनी मानसिक शांति के लिए मंदिर जाना चाहते हैं, उनके बारे में कौन सोचेगा? सरकार छोटे व्यापारियों के बारे में नहीं सोच रही है जिनकी आजीविका मंदिरों पर निर्भर करती है. सरकार अहंकार से भरी है.’

महाराष्ट्र में कोविड-19 के 7,089 नए मामले, 165 लोगों की मौतमहाराष्ट्र में सोमवार को कोविड-19 के 7,089 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 15,35,315 हो गई. राज्य स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि संक्रमण से 165 मरीजों की मौत हुई, जिसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 40,514 हो गई. विभाग ने बताया कि पिछले 48 घंटे में 100 लोगों की मौत हुई. वहीं 21 लोगों की मौत पिछले सप्ताह हुई थी और बाकी 44 लोगों की मौत पिछले सप्ताह से पहले हुई थी.

सोमवार को दिन में इलाज के बाद 15,656 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी मिली है, जिसके बाद स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 12,81,896 हो गई. राज्य में अब 2,12,439 मरीजों का इलाज चल रहा है.

राज्य में मंदिरों के बाहर प्रदर्शन
इससे पहले रविवार को भाजपा की महाराष्ट्र इकाई ने राज्य में कोविड-19 महामारी के चलते बंद मंदिरों को दोबारा खोलने की मांग को लेकर 13 अक्टूबर को आयोजित धार्मिक संगठनों के सांकेतिक उपवास को अपना समर्थन देने की शनिवार को घोषणा की.

पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने एक आधिकारिक बयान में कहा, ‘राज्य सरकार ने शराब की दुकानों, रेस्त्रां और बीयर बार खोलने की अनुमति तो दे दी, लेकिन मंदिर और अन्य धार्मिक स्थल सात महीने से भी अधिक समय से बंद हैं.’ पाटिल ने कहा कि भाजपा ने 13 अक्टूबर को विभिन्न धार्मिक संगठनों द्वारा आयोजित सांकेतिक उपवास को समर्थन देने का फैसला किया है. उन्होंने कहा, ‘हमने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को उनसे संबंधित जिलों में उपवास में शामिल होने के लिये कहा है. पूरे राज्य में मंदिरों के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा.’





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