महामारी ने बढ़ाई साइकिलों की रिकॉर्ड बिक्री; कुछ मॉडल्स के लिए तो लंबी वेटिंग, कंपनी ने कहा- इतिहास में पहली बार इतनी बिकीं साइकिल, मांग पूरी करना मुश्किल

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नई दिल्ली7 मिनट पहले

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सबसे बड़ी बात यह है कि ज्यादा लोग पहली बार साइकिल खरीद रहे हैं।

  • इस समय सबसे अधिक 10 हजार रुपए से अधिक मूल्य वाली साइकिलों की बिक्री सबसे अधिक हो रही है
  • अनलॉक के दौरान सड़कों पर वाहनों की संख्या व प्रदूषण में कमी के कारण भी लोग साइक्लिंग को लेकर प्रोत्साहित हैं

दुनिया में साइकिल के प्रमुख बाजार भारत में पिछले पांच महीने में साइकिलों की बिक्री लगभग दोगुना हो गई है और कई शहरों में लोगों को अपनी पसंद की साइकिल खरीदने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। जानकारों के अनुसार देश में पहली बार लोगों का साइकिल को लेकर ऐसा रुझान देखने को मिला है और इसकी एक बड़ी वजह कोरोना महामारी के बाद लोगों का अपनी सेहत को लेकर सजग होना भी है।

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा साइकिल मैन्यूफैक्चरिंग वाला देश

एक अनुमान के अनुसार भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा साइकिल मैन्यूफैक्चरिंग देश है। साइकिल मैन्यूफैक्चरिंग के राष्ट्रीय संगठन एआईसीएमए के अनुसार मई से सितंबर 2020 तक पांच महीनों में देश में कुल 41,80,945 साइकिल बिक चुकी हैं। आल इंडिया साइकिल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (एआईसीएमए) के महासचिव केबी ठाकुर कहते हैं कि साइकिलों की मांग में बढ़ोतरी अभूतपूर्व है। शायद इतिहास में पहली बार साइकिलों को लेकर ऐसा रुझान देखने को मिला है।

पांच माह में 100 फीसदी बढ़ी बिक्री

केबी ठाकुर बताते हैं कि इन पांच महीनों में साइकिलों की बिक्री 100 प्रतिशत तक बढ़ी है। कई जगह लोगों को अपनी पंसद की साइकिल के लिए इंतजार करना पड़ रहा हैं, बुकिंग करवानी पड़ रही है। संगठन ने बताया कि आंकड़ों के अनुसार कोरोना वायरस संक्रमण फैलने के बाद लॉकडाउन के कारण अप्रैल महीने में देश में एक भी साइकिल नहीं बिकी। मई महीने में यह आंकड़ा 4,56,818 रहा। जून में यह संख्या लगभग दोगुनी 8,51,060 हो गई जबकि सितंबर में देश में एक महीने में 11,21,544 साइकिल बिकीं।

अब तक 41,80,945 साइकिल बिक चुकी हैं

आंकड़ों के मुताबिक, बीते पांच महीने में कुल मिलाकर 41,80,945 साइकिल बिक चुकी हैं। ठाकुर कहते हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण महामारी ने लोगों को अपनी सेहत व इम्युनिटी को लेकर तो सजग बनाया ही वह सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर सचेत हुए हैं। ऐसे में साइकिल उनके लिए ‘एक पंथ कई काज’ साधने वाले विकल्प के रूप में सामने आई है। उन्होंने बताया कि अनलॉक के दौरान सड़कों पर वाहनों की संख्या व प्रदूषण में कमी के कारण भी लोग साइक्लिंग को लेकर प्रोत्साहित हैं।

10 हजार रुपए से अधिक मूल्य के साइकिल की बिक्री अधिक

मानसरोवर क्षेत्र के दूसरे दुकानदार के मुताबिक इस समय सबसे अधिक 10 हजार रुपए से अधिक मूल्य वाली साइकिलों की बिक्री सबसे अधिक हो रही है। कोरोना वायरस महामारी के चलते लागू किए गए लॉकडाउन के चलते विनिर्माण को लेकर चुनौतियां भी आईं। एक प्रमुख साइकिल कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि अनलॉक शुरू होते ही जहां साइकिलों की मांग में उछाल आया, वहीं मांग को पूरा करने के लिए उत्पादन करना मुश्किल हो रहा था। हालांकि बीते पांच महीने में हमने हालात काबू में कर लिए हैं और अब उत्पादन सामान्य स्तर की ओर जा रहा है। उन्होंने बताया कि कई जगह पर कुछ विशेष मॉडल की साइकिल अभी भी स्टॉक में नहीं हैं, खासतौर से गियर वाली साइकिलें। उन्होंने कहा कि यह कमी जल्द दूर हो जाएगी।

पहली बार साइकिल खरीदने वालों की संख्या बढ़ी

सबसे बड़ी बात यह है कि ज्यादा लोग पहली बार साइकिल खरीद रहे हैं। जयपुर में आनंद साइकिल स्टोर के गोकुल खत्री कहते हैं कि लॉकडाउन के बाद साइकिलों की बिक्री 15 से लेकर 50 प्रतिशत बढ़ी है। वे कहते हैं कि लोग जरूरी काम निपटाने के साथ साथ वर्जिश के लिहाज से भी साइकिल खरीद रहे हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि यह सेहत ठीक रखने का यह सबसे सस्ता, सुंदर व टिकाऊ जरिया है।



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