बिहार: शहीद इंस्पेक्टर बेटे के साथ निकली मां की अर्थी, बेटी बोली- अब कैसे कहूंगी पापा पुलिसवाले हैं

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बिहार के पूर्णिया में एक साथ निकलती शहीद इंस्पेक्टर और मां की अर्थी

पश्चिम बंगाल में मॉब लिंचिंग (West Bengal Mob Lynching) के दौरान शहीद हुए जांबाज पुलिस इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार (Inspector Ashwini Kumar Murder) की मां का भी निधन बेटे की मौत की खबर सुनते ही हो गया है. अश्विनी कुमार की मां उर्मिला देवी 70 वर्ष की बुजुर्ग थी.

पूर्णिया. किशनगंज टाउन थाना के शहीद थाना प्रभारी अश्विनी कुमार के घर से रविवार को एक साथ दो-दो अर्थियां निकलीं. एक शहीद दारोगा अश्विनी कुमार की और दूसरी उनकी मां उर्मिला देवी की.  न्यूज़ 18 से बात करते हुए शहीद की बेटी नैंसी ने कहा कि उन्हें स्थानीय पुलिस पर भरोसा नहीं है. उनके पिता की हत्या एक साजिश के तहत कराई गई है. इसकी सीबीआई से जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि उनकी मां की स्थिति काफी खराब है, उनके दो छोटे भाई बहन हैं उनके परिजनों का कैसे गुजारा होगा.

शहीद की बेटी ने कहा कि उनके पिता अश्विनी कुमार काफी ईमानदार और बहादुर थाना प्रभारी थे लेकिन पुलिस और अन्य लोगों ने मिलकर साजिश के तहत उसकी हत्या करवा दी. उनके गांव के लोगों ने कहा है कि इंस्पेक्टर मनीष कुमार सारे घटना के पीछे दोषी हैं. उन्हें बर्खास्त किया जाए और ऐसे पुलिस अधिकारियों और कर्मियों पर हत्या का मुकदमा कर तुरंत गिरफ्तार किया जाए.

पूर्णिया प्रक्षेत्र के आईजी सुरेश कुमार चौधरी, कमिश्नर राहुल रंजन महिवाल, डीएम राहुल कुमार, एसपी दयाशंकर, एमएलसी दिलीप जायसवाल, बनमनखी विधायक व पूर्व मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि धमदाहा के पूर्व विधायक राजद नेता दिलीप यादव शहीद के घर पहुंचे और उन्हें सांत्वना दिया. आईजी सुरेश चौधरी ने कहा कि पूर्णिया क्षेत्र के चारों जिलों के सभी पुलिसकर्मी अपना एक दिन का वेतन शहीद अश्विनी कुमार के परिजन को देंगे. यह राशि लगभग 50 लाख रुपये होगी.

आईजी और कमिश्नर ने मृतक के परिजनों को हर तरह के इंसाफ और मदद दिलाने का आश्वासन दिया, इस मौके पर बनमनखी विधायक व पूर्व मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि, भाजपा एमएलसी दिलीप जायसवाल और पूर्व विधायक दिलीप यादव मौके पर मौजूद थे. एमएलसी दिलीप जायसवाल ने स्पष्ट कहा कि परिजनों द्वारा सीबीआई जांच की मांग सही है. उन्होंने कहा कि जब तक बिहार में किशनगंज में उसका एफआईआर नहीं होगा तब तक बंगाल पुलिस से इंसाफ की उम्मीद करना बेमानी साबित होगी.उन्होंने कहा कि पुलिस की नाकामी के कारण आज शहीद अश्विनी कुमार की हत्या हुई है, इसकी उच्च स्तरीय जांच हो.  उन्होंने कहा कि जिस तरह से बंगाल पुलिस और किशनगंज की पुलिस का रवैया रहा  इससे साबित होता है कि कहीं ना कहीं शाजिश है. अगर किशनगंज की पुलिस पीठ दिखाकर नहीं भागती तो आज शहीद अश्विन की हत्या नहीं होती. बनमनखी विधायक व पूर्व मंत्री कृष्ण कुमार ने कहा कि कल उन्होंने मुख्यमंत्री से शहीद के परिजनों की बात करवाई है. मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि परिजनों को उचित इंसाफ मिलेग, साथ ही एक व्यक्ति को नौकरी मिलेगी. 







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