बिहार: कोरोना महामारी के बढ़ते दायरे को लेकर पटना हाईकोर्ट सख्त, सरकार को दिए 3 अहम निर्देश

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पटना हाईकोर्ट ने कहा कि बिहटा के ESIC में कम से कम 150 बेड की शुरुआत होनी चाहिए.

Patna News: पटना हाईकोर्टने IGIMS अस्पताल परिसर में ही नियमित ऑक्सीजन सप्लाई के लिए दो महीने के अंदर क्रायोजेनिक टंकी स्थापित करने के निर्देश दिए.

पटना. बिहार में कहर ढा रही करोना महामारी का दायरा बढ़ने  पर पटना हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए सख्त रुख अपनाया. जस्टिस सी एस सिंह की खंडपीठ ने जनहित याचिकाओं पर कहा कि मरीजों के इलाज के लिए पूरी व्यवस्था की जाए. कोर्ट ने पटना के आईजीआईएमएस, अस्पताल को Covid अस्पताल बनाने के लिए तेजी से कार्रवाई करने का निर्देश दिया. साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार को दो महीने में वहां ऑक्सीजन प्लांट लगाने का भी निर्देश दिया. कोर्ट ने बिहटा के इएसआई अस्पताल की व्यवस्था को पूरी तरह से ठीक करने को कहा, ताकि एक सप्ताह में अस्पताल में तीन सौ बेड तैयार हो जाए. कोर्ट ने आज राज्य सरकार से कहा है कि सोमवार तक बिहटा के ESIC में कम से कम 150 बेड की शुरुआत होनी चाहिए. साथ ही IGIMS में निर्बाध ऑक्सीजन सप्लाई के लिए क्रायोजेनिक टंकी स्थापित करें. कोर्ट ने निर्देश दिया कि IGIMS अस्पताल परिसर में ही नियमित ऑक्सीजन सप्लाई के लिए दो महीने के अंदर क्रायोजेनिक टंकी स्थापित करें. कोर्ट ने हाईकोर्ट परिसर में बने शताब्दी भवन को Covid अस्पताल बनाए जाने की बात कही, पर अधिवक्ता संघ व राज्य बार काउंसिल ने इसके लिए सहमति नहीं दी. कोर्ट को बताया गया कि पीएमसीएच, पटना में Covid के कम मरीजों का इलाज होता, लेकिन ऑक्सीजन की खपत ज्यादा है. जबकि एनएमसीएच, पटना में Covid मरीजों का इलाज ज्यादा होता है, लेकिन ऑक्सीजन की खपत कम है. कोर्ट ने कमेटी को इस मामले को देखने को कहा. दरअसल कोर्ट को लगा कि NMCH के मुकाबले PMCH में रोजाना ऑक्सीजन खपत ज्यादा क्यों हो रही है. इस तथ्य पर कोर्ट को संदेह हुआ कि कहीं PMCH में ऑक्सीजन की कालाबाजारी तो नहीं हो रही. इस बाबत तीन सदस्यीय एक्सपर्ट कमिटी से जांच का निर्देश दिया गया. कोर्ट ने कहा कि PMCH से इसकी कालाबाजारी होने के अंदेशे की जांच करें. इस मामले की अगली सुनवाई 3 मई को होगी.बता दें कि हाल में ही पटना हाईकोर्ट ने राज्य के अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति में अनियमितता की खबरों और सरकार के जवाब से अंसतुष्ट होकर निर्देश दिया था कि किस अस्पताल को कितनी ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही, किस अस्पताल में कितने बेड हैं तथा दवाओं की उपलब्धता की स्थिति रोजाना अदालत को बताई जाए. इसके साथ ही कोर्ट ने कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन, बेड व दवाओं तथा कोविड जांच की मॉनीटरिंग के लिए पटना एम्स के चिकित्सक की अगुवाई में तीन सदस्यीय एक्सपर्ट कमेटी गठित करते हुए स्वास्थ्य विभाग को इस कमेटी के मांगने पर सही आंकड़ा सौंपने का निर्देश दिया था. इस आदेश के तहत पटना एम्स के प्रोफेसर डॉ. उमेश भदानी कमेटी के अध्यक्ष तथा पटना एम्स के प्रोफेसर डॉ. रवि कीर्ति व सीजीएचएस पटना के क्षेत्रीय पदाधिकारी डॉ. रवि शंकर सिंह सदस्य बनाए गए थे.







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