बिजली संकट से परेशान पंजाब को बारिश से आस: डिमांड-सप्लाई में 1,690 मेगावाट का गैप, भाखड़ा-पौंग में कम पानी से बढ़ी परेशानी, अगले 2 दिन में मिल सकती है राहत

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जालंधर6 घंटे पहले

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बिजली संकट से जूझ रहे पंजाब के लोगों के साथ-साथ पॉवरकाम की सारी उम्मीदें भी मानसून पर टिक गई हैं। मानसून पहुंचने के बावजूद बरसात न होने के कारण इस समय प्रदेश के 12 जिले रेड जोन में हैं। हालांकि मौसम विभाग के ताजा अनुमान थोड़ी राहत देते हैं जिनके अनुसार अगले कुछ दिनों में पंजाब में अच्छी बारिश हो सकती है। मानसून की बेरुखी और पैडी सीजन की वजह से पंजाब में बिजली की डिमांड 14,500 मेगावाट तक पहुंच गई है।

वहीं, पॉवरकाम पूरा जोर लगाने के बावजूद महज 12,810 मेगावाट बिजली का प्रबंध कर पा रहा है। डिमांड और सप्लाई के बीच 1,690 मेगावाट के बड़े गैप से ही संकट बहुत बड़ा हो गया हैं। पंजाब में ऐसा बिजली संकट कई बरसों बाद खड़ा हुआ है। तलवंडी साबो और रोपड़ थर्मल प्लांट से पर्याप्त सप्लाई न मिलना परेशानी को बढ़ा रहा है। ऐसे में बठिंडा थर्मल प्लांट को बंद करने के सरकारी फैसले पर भी सवाल उठने लगे हैं। दूसरी ओर किसान अपनी धान की फसल को बचाने के लिए 8 घंटे की निर्विघ्न बिजली सप्लाई की मांग को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं।

इंडस्ट्री पर कट-दफ्तरों में AC बंद, फिर भी संकट

हालात से निपटने के लिए सूबा सरकार जालंधर-लुधियाना और कई दूसरे शहरों की इंडस्ट्री पर 4 दिन का बिजली कट लगा चुकी है। सरकारी ऑफिसों का समय बदलने के अलावा वहां एयरकंडीशनर (AC) का इस्तेमाल बंद कर दिया है। इसके बावजूद संकट दूर होता नजर नहीं आ रहा।

भाखड़ा-पौंग डैम में पानी कम, 194 लाख यूनिट बिजली की सप्लाई पर असर

पंजाब में सप्लाई होने वाली बिजली का एक बड़ा हिस्सा हाइडल प्रोजेक्ट से आता है, मगर भाखड़ा, पौंग और रणजीत सागर डैम में पिछले साल से कम पानी होने से हाइडल प्रोजेक्ट्स में भी पूरी क्षमता से बिजली नहीं बन पा रही। आंकड़ों के मुताबिक भाखड़ा डैम में पिछले साल जुलाई के पहले हफ्ते में जलस्तर 1,581.50 फीट था, जबकि इस बार यह 1,524.60 फीट है, यानी पिछले साल से 57 फीट कम। इसी तरह पौंग डैम में पिछले साल जुलाई के पहले हफ्ते में पानी का लेवल 1,335 फीट था मगर इस साल यह गिरकर 1,281 फीट पर पहुंच गया है, जो पिछले साल से 54 फीट कम है। बांधों में पानी कम होने के चलते यहां से पंजाब को 194 लाख यूनिट बिजली की आपूर्ति प्रभावित हुई है। गिरते जलस्तर और बारिश नहीं होने से इन दोनों बांधों से सिंचाई के लिए भी पूरा पानी रिलीज करने में दिक्कत आ रही है।

पावरकॉम CMD का BBMB प्रेसिडेंट को पत्र

पावरकॉम के CMD ए. वेणुप्रसाद ने भाखड़ा-ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) के प्रेसिडेंट संजय श्रीवास्तव को पत्र भेजकर किसानों को 8 घंटे निर्विघ्न बिजली सप्लाई देने और घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली कटौती से निजात दिलाने के लिए हाइडल प्रोजेक्ट्स में पावर जेनरेशन बढ़ाने का अनुरोध किया गया है।

बदरा बरसे तो ही दूर होगा संकट

पावरकॉम के अफसरों की मानें तो फिलहाल बरसात ही मौजूदा बिजली संकट को दूर कर सकती है। अफसरों के अनुसार, बारिश हुई तो तापमान गिरने से घरों में AC वगैरह कम चलेंगे, जिससे घरेलू डिमांड में कमी आएगी। वहीं धान की फसल को पानी मिल जाने के बाद एग्रीकल्चर सेक्टर से भी मांग कम हो जाएगी। बांधों में भी पानी आने से हाइडल प्रोजेक्ट्स में पॉवर जेनरेशन बढ़ जाएगा। फिलहाल भाखड़ा डैम में पानी की कमी के चलते बिजली उत्पादन प्रभावित हो रहा है।

मौसम विभाग का अनुमान : 10 से 12 जुलाई के बीच बरसात

मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से नम हवाएं 10 जुलाई तक पंजाब और नॉर्थ हरियाणा को कवर करते हुए देश के उत्तरी हिस्से में पहुंचेंगी। इससे पंजाब, हरियाणा, UP, पश्चिमी राजस्थान और दिल्ली में 10 से 12 जुलाई के बीच अच्छी बरसात हो सकती है। जालंधर समेत पंजाब के कई हिस्सों में 9 जुलाई की रात से बारिश होने की उम्मीद है। 11 और 12 जुलाई को तेज बरसात का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, सब कुछ ठीक रहा तो 16 जुलाई तक पूरे पंजाब में 50 से 70 एमएम बारिश होने की उम्मीद है। कुल मिलाकर चुनावी साल में गहराए इस संकट से परेशान सूबा सरकार को जहां बरसात से अपनी सियासी जमीन बचने की उम्मीद है वही किसानों भी जानते हैं कि हफ्ते भर में अच्छी बरसात हो गई तो शायद उनकी धान की फसल बच जाएगी।

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