बारिश से फिर बिहार परेशान, डिप्टी CM के घर में जलभराव, विधानसभा परिसर में भी भरा पानी, देखें VIDEO

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पटना. बिहार (Bihar) में मानसून (Monsoon) की बारिश आफत बनकर आई. राजस्थानी पटना के कई इलाकों में तेज बारिश की वजह से जलभराव (Water Logging) की नौबत आ गई. आम लोगों को बारिश और फिर जलजमाव की वजह से कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा. 25 जून की रात हुई तेज बारिश ने राजधानी को तरबतर कर दिया. विधानसभा परिसर में डेढ़ फीट से ज्यादा पानी भर गया. हालत ये रही कि बिहार की डिप्टी सीएम और आपदा प्रबंधन मंत्री रेणु देवी (Renu Devi) के आवास में ही पानी भर गया. रेणु देवी के घर का एक वीडियो भी समाचार एजेंसी एएनआई ने जारी किया है.

इस वीडियो में साफ दिख रहा है कि डिप्टी सीएम के घर घुटनों तक पानी भरा है. बिहार विधान मंडल परिसर का भी एक वीडियो जारी किया गया है. यहां भी पानी लबालब भरा हुआ है. परिसर में आने के लिए लोग साइकिल का इस्तेमाल कर रहे हैं.

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

बिहार में मौसम विभाग ने एक साथ 12 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है. संभावना जताई है कि भारी वज्रपात के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है. चेतावनी जारी करने के साथ आपदा विभाग और मौसम विभाग ने लोगों से सतर्कता बरतने की भी अपील की है और कहा है कि पटना,जहानाबाद, लखीसराय,भागलपुर,मुंगेर,बेगूसराय,खगड़िया,नालन्दा,नवादा,शेखपुरा,कैमूर और रोहतास में भारी वज्रपात के साथ बारिश की संभावना बनी है. ऐसे में लोग खुले स्थानों और पेड़ के नीचे शरण नहीं लें. हालांकि लगातार उमस से परेशान लोगों को अधिकतम तापमान में गिरावट होने के बाद काफी हद तक राहत मिली है.

वहीं भारी बारिश की वजह से पटना,मुजफ्फरपुर,समस्तीपुर, दरभंगा,वैशाली के कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति उत्तपन्न हो गई है और निगम प्रशासन से लेकर जिला प्रशासन तक के लिए चुनौती बनी है. कई जगहों पर सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम फेल हो चुका है और दावे के बाद भी जलनिकासी नहीं हो पा रही है. सबसे खराब हालत राजधानी की बनी है जहां वीवीआईपी इलाके से लेकर गली मोहल्ले और सरकारी दफ्तरों  तक पानी जमा हो चुका है और यातायात पर बुरा असर पड़ रहा है. अगले 72 घन्टे तक जिस तरह से मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है और वज्रपात के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी है. ऐसे में कई इलाकों में ना सिर्फ बाढ़ का खतरा उत्तपन्न हो सकता है बल्कि जलजमाव से भी बड़ी आबादी प्रभावित हो सकती है. सरकार के अधिकारियों की मानें तो कई जगहों पर ड्रेनेज का काम कोरोना की वजह से पूरा नहीं हो सका और जलनिकासी के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं कि पानी जमा होते ही उसकी निकासी हो सके.





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