बांका बम विस्फोट: मदरसा के भीतर कंटेनर में रखा था बम, वर्धमान ब्लास्ट के एंगल से भी जांच जारी

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बांका के मदरसा में हुए ब्लास्ट की एटीएस कर रहा जांच

Banka Madarsa Blast: बांका के पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार गुप्ता ने टेरर एंगल की बात से इनकार कर दिया है. गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि अब तक कि जांच में देसी बम की बात सामने आयी है. कोई शक्तिशाली विस्फोटक की जानकारी नहीं मिली है.

पटना/बांका. नवटोलिया मदरसा बम विस्फोट मामले में अभी तक पूरी तरह से जानकारी सामने नहीं आई है. लेकिन सूत्रों के हवाले मिली बड़ी जानकारी यह है कि आतंकवाद निरोधी दस्ता यानी ATS घटना के हर पहलू की जांच कर रही है. इसके तहत वर्ष 2014 में पश्चिम बंगाल में हुए वर्धमान ब्लास्ट के एंगल पर भी जांच की जा रही है. एटीएस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि ब्लास्ट के वक़्त और कौन लोग मौके पर मौजूद थे. जो बच्चे मदरसा में तालीम लेते थे वे अभी कहां हैं. जिस गाड़ी से मौलाना के शव को मदरसा के पास फेंका गया उसकी भी तलाश ATS कर रही है.

हालांकि मदरसा ब्लास्ट मामला में ATS की जांच आज पूरी हुई है. प्रथम दृष्टया कोई शक्तिशाली विस्फोट होने से किया इनकार किया गया है. ATS इंस्पेक्टर रंजीत सिंह  ने इस बात की जानकारी न्यूज  18 को दी है. हालांकि वर्धमान ब्लास्ट के एंगल पर जांच की बात भी सामने आ रही है. बता दें कि दो अक्टूबर, 2014 को वर्धमान जिले के खागरागढ़ इलाके स्थित किराए के एक मकान में उस समय धमाका हो गया था, जब यहां बम और विस्फोटक उपकरण बनाए जा रहे थे.

वर्धमान ब्लास्ट में 31 दोषी

इस धमाके में दो संदिग्ध आतंकवादियों की मौत हो गई थी जबकि तीसरा घायल हुआ था. शेख कौसर को भारत सरकार के साथ गठबंधन करने वाले किसी भी एशियाई देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए गैरकानूनी गतिविधि (निषेध) अधिनियम (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत, विदेशी अधिनियम और आपराधिक साजिश का दोषी ठहराया गया था. शेख कौसर को मिली सजा के साथ मामले के 33 आरोपियों में से 31 दोषी करार दिए जा चुके हैं जबकि दो आरोपी अब भी फरार हैं. दो अक्टूबर, 2014 को हुए धमाके का संबंध जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी) से होने का पता चला था.बांका डीएम-एसपी ने कही यह बात

बहरहाल इस मामले में जांच अभी भी जारी है, लेकिन गुरुवार को बांका के डीएम और एसपी ने एक प्रेस वार्ता भी की. बांका के डीएम सुहर्ष भगत ने बताया कि मदरसा रजिस्टर्ड नहीं है. मदरसा रैयती जमीन पर स्थित है जिसमें करीब 50 बच्चे पढ़ते थे. वहीं,  बांका के पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार गुप्ता ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अब तक कि जांच में देसी बम की बात सामने आयी है. कोई शक्तिशाली विस्फोटक की जानकारी नहीं मिली है. बम मदरसा के अंदर कंटेनर में रखा हुआ था. एसपी ने टेरर एंगल की बात से इनकार कर दिया है. उन्होंने बताया कि विस्फोट के बाद इमाम के गोदरेज से एक लाख 65 हज़ार रुपये बरसमद हुए थे जिसे इमाम के चाचा को दिया गया.

बम ब्लास्ट मामले की एनआइए करेगी जांच

इस बीच जानकारी यह भी सामने आई है कि इस मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी एनआईए करेगी. इस पर विशेषज्ञों ने कहा है कि एनआईए राष्ट्रीय स्तर पर आतंकी गतिविधियों से जुड़ी घटनाओं की जांच करने में एक सक्षम टीम है, जो विशेषज्ञों की मदद से घटना का सटीक विश्लेषण कर सकती है. बिहार के पूर्व डीजीपी अशोक गुप्ता की मानें तो इसकी जांच की पद्धति गहन और सत्यता के नजदीक होती है. यही कारण है कि एनआईए इस तरह की घटनाओं की जांच करती है.  पूर्व डीजीपी ने कहा एनआईए द्वारा पहले भी कई घटनाओं का उद्भेदन हुआ है और यह उद्भेदन साइंटिफिक आधार पर और विश्वसनीय तरीके से किया गया है.







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