पानी के बढ़े टैरिफ पर जताया रोष, स्टरलाइजेशन का काम भी नहीं हुआ

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चंडीगढ़8 घंटे पहले

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फाइल फोटो

क्राफ्ड कार्यकारिणी की रविवार को सेक्टर-16 गांधी भवन में मीटिंग हुई। इसमें आरडब्ल्यूए के 70 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। मीटिंग में पानी के बढ़े टैरिफ को लेकर सभी ने रोष व्यक्त किया। शहर में बिजली का निजीकरण करने को निरर्थक और गलत बताया। क्रॉफ्ड चेयरमैन हितेश पुरी ने कहा कि शहर वासियों को 24 घंटे पानी की जरूरत नहीं है। इसकी आड़ में पानी के टैरिफ बढ़ाना सरासर गलत है।

डंपिंग ग्राउंड के आसपास के सभी सेक्टर वासियों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं आनी शुरू हो गई हैं। ऐसे में डंपिंग ग्राउंड को किसी अन्य जगह स्थानांतरित किया जाए। शहर वासियों को बिजली कम रेट पर दिए जाने के बावजूद बिजली विभाग मुनाफे में चल रहा है। इसके बाद भी इसका निजीकरण किया जाना गलत है।

वाइस चेयरमैन सुरिंदर शर्मा ने कहा कि नगर निगम के कर्मचारियों को दी गई घड़ियां भारत के तीन चार शहरों में बखूबी काम कर रही हैं। ऐसे में कर्मचारियों को बिना किसी डर और किसी विवाद के इन घड़ियों को पहनना चाहिए। महासचिव रजत मल्होत्रा ने हाउसिंग बोर्ड के मकानों में जरूरत अनुसार किए गए बदलाव को वन टाइम सेटेलमेंट करने पर जोर दिया।

दिल्ली में 1999 में नगर निगम द्वारा एमनेस्टी स्कीम के तहत मकानों में जरूरत अनुसार किए गए अवैध निर्माण को रेगूलर किया गया। उसी तर्ज पर चंडीगढ़ में भी हो सकेगा लेकिन इसके लिए सांसद किरण खेर को आगे आना होगा।

स्टरलाइजेशन का काम भी नहीं हुआ…

मुख्य प्रवक्ता डॉ. अनीश गर्ग ने कहा कि शहर में अपराध दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। आवारा कुत्तों के स्टरलाइजेशन का काम अभी ठंडा चल रहा है। मेजर डीपी सिंह ने कहा कि मार्केट कमेटी की ओर से रोज सब्जी और फलों की रेट लिस्ट जारी होती है, लेकिन गलियों में रेहड़ी वाले मनमर्जी से रेट वसूल रहे हैं।

शहर में खाने-पीने के अवैध अड्डे पर लगने शुरू हो चुके हैं। सेक्टर-21बी आरडब्ल्यू के प्रधान कुलदीप सिंह गिल ने कहा कि पार्कों के रखरखाव के लिए दिए जा रहे पुराने रेट बहुत कम हैं।



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