पहले बच्चे को देने जा रही हैं जन्म, तो प्रेग्नेंसी में इन बातों का रखें ख्याल

0
2


Take care of these things in the first pregnancy- मां बनना एक बेहद सुखद अहसास है. खासकर पहली बार मां बनने की जो फीलिंग होती है उसकी बराबरी किसी और ख़ुशी या सुख से करना नामुमकिन (Impossible) है. लेकिन जब आप पहली बार मां बनने जा रही होती हैं तो आपको इसका कोई अनुभव (Experience) नहीं होता है. इसलिए ज़रूरी है कि पहली प्रेग्नेंसी के दौरान (During first pregnancy) कुछ बातों का ख़ास ख्याल रखा जाये, जिससे आपको और आपके होने वाले बच्चे को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े. आइये, जानते हैं ऐसी कुछ बातों के बारे में, जिनका पहली प्रग्नेंसी के दौरान आपको पता होना ज़रूरी है.

डॉक्टर से संपर्क और उनके निर्देशों का पालन करें

प्रेग्नेंसी कन्फर्म होते ही सबसे पहले अच्छे डॉक्टर या हॉस्पिटल का चुनाव करें और डॉक्टर से संपर्क करें. ऐसे डॉक्टर या हॉस्पिटल का चुनाव करें जिसको बार-बार बदलना न पड़े. डॉक्टर द्वारा बताये गए ज़रूरी टेस्ट हर बार करवाएं. साथ ही बताई गयीं दवाएं और सप्लीमेंट्स समय पर बिना लापरवाही के लेती रहें. साथ ही आयरन और विटामिन्स सप्लीमेंट्स को भी समय पर लें. प्रेग्नेनी के दौरान सारे ज़रूरी वैक्सीनेशन करवाने में लापरवाही न करें.

ये भी पढ़ें: बच्चों के लिए खिलौने खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

 कोरोना के दौर में हैं प्रेग्नेंट तो इन बातों का रखें ख्याल

आपकी प्रेग्नेंसी अगर कोरोना के दौर में है तो आपको अपना विशेष ख्याल रखने की ज़रूरत है. सबसे पहले आप लोगों से दूरी बनाकर रखें. घरवालों के संपर्क में आने से पहले उनको सेनेटाइज़ होने को कहें. साथ ही खुद समय-समय पर हाथ साफ करती रहें. मास्क पहने और बाहर से लाये गए सामान को कुछ समय तक बालकनी या टेरिस पर रखें फिर सेनेटाइज़ करके ही इस्तेमाल करें. सब्ज़ी-फल जैसी जो चीज़ें धोई जा सकती हैं उनको अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें. अपना और घरवालों का कोविड वेक्सिनेशन करवाएं.

खाने-पीने का रखें ख्याल

अपने खाने-पीने का भी ख्याल रखें. पानी खूब पिएं साथ ही जूस और सूप भी पीती रहें. अपनी डाइट में दूध, दाल और पनीर जैसी प्रोटीन युक्त चीज़ें शामिल करें. ताज़े फलों का सेवन ज़रूर करें. संपूर्ण आहार लें जिससे शरीर को सभी पोषक तत्व मिल सकें. जंक फ़ूड खाने से बचें साथ ही बाहर का खाना खाने से भी बचें. ज्यादा ऑयली और मीठा न खाएं.

ये भी पढ़ें: जानें, बच्चों के देर से बोलने की ये भी हो सकती हैं वजहें

 एक्सरसाइज़, योग और मेडिटेशन करें

डॉक्टर की सलाह से प्रेग्नेंसी में किये जा सकने वाली एक्सरसाइज़ और योग ज़रूर करें. हो सके तो मेडिटेशन भी करें. घर से बाहर जाना संभव न हो तो घर के टेरिस, लॉन, छत या आंगन में कुछ देर वॉक करें.

तनाव न लें और खुश रहें

प्रेग्नेंसी के दौरान तनाव बिल्कुल न लें और खुश रहने की कोशिश करें. जिससे बात करके आपको खुशी मिलती है उससे बात करती रहें. अच्छा म्युज़िक सुने और अगर लूडो, कैरम जैसे इनडोर गेम खेलने में ख़ुशी महसूस होती हो तो वो भी खेलें.

इन बातों का भी रखें ख़ास ख्याल

भारी चीज़ें न उठाएं, अगर थकावट या कमज़ोरी महसूस हो तो आराम करें. हो सके तो यात्रा करने से बचें खासकर तीन महीने तक और अगर यात्रा करनी पड़े तो यात्रा के समय पीठ के निचले हिस्से का ख्याल ज़रूर रखें. रास्ते पर चलते समय गढ्ढों का ध्यान रखें. हील्स पहनने से बचें. आरामदायक कपड़े पहनें. प्रेग्नेंसी का आखरी महीना शुरू होते ही अपने और बच्चे के लिए ज़रूरी सामान का बैग पैक करें.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here