पंचायती राज चुनाव: कांग्रेस में शुरू हुई टिकट वितरण की कवायद, पर्यवेक्षकों को 3 दिन में देने हैं नाम

0
3


पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने पर्यवेक्षकों को कहा है कि वे 5 नवंबर तक उम्मीदवारों के नामों का पैनल हर हाल में सौंपे.

Panchayati Raj elections: कांग्रेस ने पर्यवेक्षकों को निर्देश दिये हैं वे 3 और 4 नवंबर को बैठकें करके 5 नंवबर तक प्रदेश कांग्रेस कमेटी को उम्मीदवारों के नामों (Names of candidates) का पैनल सौंपे.

जयपुर. कांग्रेस (Congress) ने पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के चुनावों (Panchayati Raj elections) में उम्मीदवार चयन के लिए कवायद शुरू कर दी है. कांग्रेस के सभी 21 जिला पर्यवेक्षकों को पीसीसी चीफ ने 3 नवबंर से जिलों में जाकर बैठकें करने का टास्क दिया है. सभी पर्यवेक्षक जिलों में जाकर 3 नवंबर को बैठकें लेंगे. इन बैठकों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य उम्मीदवारों के नामों (Names of candidates) पर चर्चा होगी. इन बैठकों में प्रभारी मंत्री, पूर्व जिलाध्यक्ष, विधायक, विधायक उम्मीदवार, सांसद उम्मीदवार और वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे.

पर्यवेक्षक जिलों में उम्मीदवारों से बायोडाटा लेंगे. पर्यवेक्षक जिलों के दौरों में आए नामों का पैनल बनाकर 5 नवंबर को प्रदेश कांग्रेस को रिपोर्ट करेंगे. पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और प्रभारी अजय माकन ने रविवार को पर्यवेक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करके उन्हें 3-4 नवंबर को जिलों में जाकर बैठकें करने के निर्देश दिए. डोटासरा ने 5 नवंबर को उम्मीदवारों के नामों का पैनल हर हाल में सौंपने को कहा है.

राजस्थान में इस दिवाली नहीं चलेंगे पटाखे, Corona के कारण गहलोत सरकार ने लगाई रोक

फिलहाल मापदंड तय नहीं, विधायकों की राय को तरजीह मिलना तयपंचायत समिति और जिला परिषद के चुनाव में टिकट वितरण के लिए फिलहाल कोई मापदंड तय नहीं किए गये हैं. लेकिन इतना तय माना जा रहा है कि इन चुनावों में भी टिकट वितरण में विधायकों की राय को तरजीह मिलेगी. पर्यवेक्षकों पर ग्राउंड से उम्मीदवारों का चयन करके उनका पैनल पीसीसी चीफ को सौंपने की जिम्मेदारी होगी.

जल्द उम्मीदवारों की घोषणा का दबाव
कांग्रेस हो या बीजेपी दोनों पार्टियों को उम्मीदवार चयन का काम जल्द करना होगा. क्योंकि 4 नवंबर से पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य के चुनाव के लिए नामांकन शुरू हो जाएंगे. 9 नवबंर नामांकन भरने की आखिरी तारीख है. इसलिए ज्यादा समय नहीं बचा है. पर्यवेक्षकों को जिलों में जाकर उम्मीदवारों का पैनल सौंपने के लिए महज दो दिन का वक्त ही दिया गया है.





Source link

Advertisement

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here