नए अकेडमिक सेशन की शुरुआत: बुक स्टोर्स पर तो आ रहे पेरेंट्स लेकिन यूनिफॉर्म बेचने वाले मायूस;बोले-पिछले साल का स्टॉक भी बचा और इस बार भी लिया खरीद,अगले साल यूनिफॉर्म बदली तो होगा करोड़ों का घाटा

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चंडीगढ़18 मिनट पहले

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शहर के निजी स्कूलों में नए सेशन की शुरुआत होने के साथ ही बुक स्टोर्स पर तो पेरेंट्स की भीड़ देखी जा सकती है। लेकिन स्कूल यूनिफॉर्म खरीदने फिलहाल पेरेंट्स नहीं आ रहे हैं। इस कारण स्कूल यूनिफॉर्म्स बेचने वाले मायूस हुए बैठे हैं। उनका कहना है कि पिछले साल भी स्कूल नहीं खुले और हमें लाखों का नुकसान झेलना पड़ा। वहीं इस नए सेशन में भी हाल फिलहाल स्कूल खुलते नहीं दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में यूनिफॉर्म सेल का काम पूरी तरह से ठप है। इक्का-दुक्का पेरेंट्स ही यूनिफॉर्म लेने के लिए आ रहे हैं।

दुकानदारों की मानें तो पिछले साल भी स्कूल यूनिफॉर्म नहीं बिकी थी। इस वजह से वह स्टॉक भी बच गया था जिसे हमें कम दाम पर बेचना पड़ रहा है। ये स्टॉक इस साल नहीं निकला तो अगले साल तक खराब हो सकता है,इससे हर दुकानदार को लाखों रुपए का नुकसान होगा।स्कूल यूनिफॉर्म विक्रेता बासु के मुताबिक उनके पास पिछले साल का स्टॉक भी है और इस साल का भी। बावजूद इसके हम बेकार बैठे हैं। इस बार भी यदि ये स्टॉक नहीं बिका और अगले सेशन में प्राइवेट स्कूलों ने ड्रेस बदल दी तो हमें करोड़ों का घाटा होगा।

एक अन्य स्कूल यूनिफॉर्म विक्रेता रवि के मुताबिक उनके पास पिछले साल का स्टॉक भी बचा है। इसलिए इस बार उन्होंने ज्यादा स्टॉक नहीं मंगवाया है।शहर के कुछ स्कूलों ने ड्रेस ही बदल दी है जो हमारे लिए सबसे बड़ी परेशानी हो सकती है। हम स्टॉक कर चुके हैं और स्कूल ड्रेस लेने के लिए कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। उल्टा हमें ड्रेस बदलने का मैसेज आ गया हैं। इनके अलावा स्कूल यूनिफॉर्म विक्रेता अमर ने बताया कि 6 साल के काम में पहली बार घर चलाने के लिए सीजन के मौके पर हम रूटीन के कपड़े बेचकर गुजारा कर रहे हैं। स्कूल की वर्दी लेने वाले ग्राहक बिल्कुल नहीं आ रहे।

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