धमतरी: अब तक के क्रूरतम हत्या का रहस्य बरकरार, इंसाफ के लिए तरस रहा पीड़ित परिवार

0
6


इंसाफ के लिए तरस रहा मृतक का परिवार.

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के धमतरी (Dhamtari) के भटगांव में इसी साल फरवरी महीने में एक युवक की लाश टुकड़ो में मिली थी. लोगों का मानना है कि युवक की हत्या (Murder) हाथियों ने की है.

धमतरी. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के धमतरी (Dhamtari) के भटगांव में इसी साल फरवरी महीने में एक युवक की लाश टुकड़ो में मिली थी. लोगों का मानना है कि युवक की हत्या (Murder) हाथियों ने की है. वहीं वन विभाग इससे सहमत नहीं है. इस मामले में चार माह बीत जाने के बाद भी पुलिस अपनी जांच पूरी नहीं कर सकी है. उधर मृतक का परिवार इंसाफ की बाट जोहते थक गया है. धमतरी शहर के पास भटगांव में 18 फरवरी की सुबह रोंगटे खड़े कर देने वाला नजारा सामने आया था. गांव के पास जंगल में एक इंसान की लाश कई टुकड़ो में मिली थी. पूरी तरह से रौंदी और कुचली हुई लाश के टुकड़े 200 मीटर के दायरे में बिखरे पड़े थे, जिन्हें समेंटने और उस की शिनाख्ति करने में पुलिस के पसीने छूट गए थे.

जांच में आखिर पता चला कि मृतक पास के गांव विश्रामपुर का संजू मंडावी था. अब सवाल ये आया कि आखिर किसने संजू को इतनी बर्बरता से मारा होगा. इस मामले में पहले दिन से ही लोगों का यही मानना है कि ये हाथियो ने किया है. आज भी संजू के परिजन और गांव वाले यही दावा कर रहे है कि ऐसी हत्या हाथी ही कर सकते हैं. मृतक का परिवार अब अपने संजू को तो हमेशा के लिये खो चुका है, लेकिन जो इंसाफ इन्हें मिलना था, वो भी आज तक नहीं मिला. अगर ये हाथियो ने किया था तो परिवार को मुआवजा मिलना चाहिये और अगर ये किसी इंसान का काम था तो भी आरोपी को पकड़ा जाना चाहिए.

नहीं मान रहा वन विभाग

वनविभाग ये मानने को तैयार नहीं कि ये किसी भी जंगली जानवर का काम है और पुलिस है कि 4 माह से विवेचना ही कर रही है. अब पीड़ित परिवार में संजू की मौत के बाद कोई कमाने वाला नहीं बचा है. संजू के पीछे उसकी मा, पिता, विधवा पत्नी और दो बच्चे हैं, जो अब लावारिस हो गए है. पीड़ित परिवार की तरफ से कई बार वन विभाग और पुलिस को आवेदन दिया गया है, लेकिन आज तक हालत जस के तस ही बने हुए हैं. मृतक की मां फुलेश्वरी बाई को चिंता है कि अब उसकी विधवा बहु और अनाथ बच्चों का क्या होगा, गांव के उपसरपंच आत्माराम और मृतक के भाई महेंद्र सिंह पुलिस औ्र वनविभाग में 8 बार आवेदन लगा चुके है, लेकिन इंसाफ नहीं मिला...तो वन विभाग देगा मुआवजा

वनविभाग का इस मामले में स्पष्ट कहना कि घटना स्थल में ऐसा कुछ भी नहीं मिला, जिससे ये स्पष्ट हो सके कि ये हाथी या किसी भी जंगली जानवर का काम है. ऐसे में किसी नियम के तहत मुआवजा का प्रकरण बन ही नहीं सकता. धमतरी डीएफओ सतोविशा समाजदार ने कहा है कि अगर पुलिस की जाच में ये लिख कर दिया जाता है कि ये जंगली जानवर का काम है तो भी वनविभाग मुआवजा देने को तैयार है. अब सारा दारोमदार पुलिस पर है.







Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here