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दिल्ली में अब निर्माण स्थलों को ढंकना होगा और पानी का छिड़काव करना होगा; नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई


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32 मिनट पहले

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मंत्री गोपाल राय ने मंगलवार को 20 हजार वर्ग मीटर से ज्यादा के निर्माण स्थलों का दौरा किया। जहां एक साइट पर 20 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया।- फाइल फोटो

  • दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा – दिल्ली के अंदर ‘युद्ध, प्रदूषण के विरूद्ध’ अभियान चल रहा है
  • अभियान के लिए पर्यावरण विभाग ने 14 टीमें बनाई हैं, जो दिल्ली के क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण कर रहीं हैं

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने निर्माण स्थलों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। गोपाल राय ने कहा कि सभी एजेंसियों समेत दिल्ली वासियों को निर्माण स्थलों को टीन शेड, नेट या हरी चादरों से ढंकना होगा, पानी का नियमित छिड़काव करना होगा और निर्माण सामग्री ले जाने वाले ट्रकों को भी ढंकना होगा। इसके लिए 13 हॉटस्पॉट की माइक्रो मॉनिटरिंग शुरू कर दी है।एमसीडी के 9 डिप्टी कमिश्नरों को दिल्ली में चिंहित 13 हॉटस्पॉट का नोडल अधिकारी बनाया गया है।

गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली के अंदर ‘युद्ध, प्रदूषण के विरूद्ध’ अभियान चल रहा है। इसी के तहत दिल्ली सरकार एंटी डस्ट (धूल नियंत्रण) अभियान चला रही है। इस अभियान के लिए पर्यावरण विभाग (डीपीसीसी) द्वारा कुल 14 टीमें बनाई गई हैं, जो दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण कर रहीं हैं।

मंत्री गोपाल राय ने मंगलवार को 20 हजार वर्ग मीटर से ज्यादा के निर्माण स्थलों का दौरा किया। इस दौरान फिक्की सभागार में चल रहे ध्वस्तीकरण कार्य पर अनियमितताएं पाए जाने पर 20 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। विभाग ने 39 साईटों को चिंहित किया, जिसमें से 33 साईटों पर एंटी स्मॉग गन लगाए गए हैं।

धूल नियंत्रण के प्रमुख दिशा-निर्देश

1. निर्माण/ध्वस्तीकरण के समय उसकी ऊंचाई से तीन गुना तक कवर लगाना होगा।

2. निर्माण और ध्वस्त स्थल पर ग्रीन नेट/तिरपाल लगाना होगा।

3. निर्माण/ध्वस्त स्थल पर पानी के छिड़काव की उचित व्यवस्था और धूल को दबाने के लिए पानी का लगातार छिड़काव करना होगा।

4. 20 हजार वर्गमीटर से ऊपर वाली जगह के लिए एंटी स्मॉग गन लगाना जरूरी है।

4. निर्माण/ध्वस्त स्थल पर अपशिष्ट पदार्थ पूरी तरह से ढंके होने चाहिए।

5. कोई भी गाड़ी, जो निर्माण स्थल स्थल पर आ जा रही है, वह पूरी तरह से धुली होनी चाहिए और उसपर स्थित सामग्री ढंकी होनी चाहिए।

दिल्ली में प्रदूषण वाले 13 हॉटस्पाट

मुंडका, अशोक विहार, बवाना, द्वारका, नरेला, आनंद विहार, रोहिणी, विवेक विहार, वजीर पुर, ओखला, जहांगीरपुरी, आर.के.पुरम और पंजाबी बाग।



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