टीका ही संजीवणी: प्रमुख देशों में एक जैसा ट्रेंड- जहां 20% से ज्यादा आबादी को सिंगल डोज भी लगी, वहां अगली लहर नहीं आई

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नई दिल्ली9 मिनट पहले

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दुनियाभर का ट्रेंड देखें तो एक बात स्पष्ट है कि जिस भी देश में 20% से ज्यादा आबादी को टीके लगे और टीके लगने की रफ्तार बरकरार रही, वहां संक्रमण की अगली लहर नहीं आई।

  • 21% भारतीयों को टीके की सिंगल डोज(124 करोड़ आधार कार्ड के अनुसार)
  • विशेषज्ञ कह रहे- देश में सितंबर-अक्टूबर तक तीसरी लहर की आशंका, तब तक 70% आबादी को टीके लगे तो लहर नहीं आएगी
  • आंकड़े बता रहे- 31 करोड़ डोज लगीं, 65 करोड़ अक्टूबर तक आएंगी, इस 96 करोड़ डोज से अगली लहर रोकना मुमकिन है

देश के 25.98 करोड़ (20.95%) लोगों को कोरोना वैक्सीन लग चुकी है। इनमें से 5.52 करोड़ (4.45%) को दोनों डोज लग चुकी हैं। दुनियाभर का ट्रेंड देखें तो एक बात स्पष्ट है कि जिस भी देश में 20% से ज्यादा आबादी को टीके लगे और टीके लगने की रफ्तार बरकरार रही, वहां संक्रमण की अगली लहर नहीं आई।

अमेरिका, ब्रिटेन, इटली, फ्रांस इसके उदाहरण हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत ने टीकाकरण के लिहाज से अहम पड़ाव पार कर लिया है। अब संक्रमण की अगली लहर आने से पहले 70% आबादी को टीके की कम से कम एक डोज जरूरी है। देश के अलग-अलग महामारी विशेषज्ञ कह रहे हैं कि तीसरी लहर अक्टूबर तक आ सकती है।

देश में अब तक 31 करोड़ से ज्यादा टीके इस्तेमाल हो चुके हैं। जुलाई, अगस्त और सितंबर में 65 करोड़ टीके और तैयार होंगे। यानी, कुल 96 करोड़ टीके अक्टूबर से पहले इस्तेमाल हो सकते हैं। देश में करीब 85 करोड़ लोग 18 साल से ऊपर के हैं। इसलिए, संभव है कि अक्टूबर से पहले 18+ के सभी लोग कवर न हों। लेकिन, 70% आबादी को सिंगल डोज संभव है। भारत में टीकाकरण ने अब रफ्तार पकड़ ली है। पिछले सिर्फ छह दिन में 4 करोड़ टीके लगे हैं, इतने पहले एक महीने में लगे थे।

4 उदाहरण- इन्होंने वैक्सीनेशन के दम पर लहर रोकी, अब हमारी बारी

1. अमेरिका: हर 3 माह बाद संक्रमण की लहर आ रही थी। 20% आबादी को सिंगल डोज लगने के बाद अब 5 माह हो गए, अगली लहर अभी तक नहीं आई।
2. ब्रिटेन: हर 3 माह में संक्रमण की लहर आती रही है। 20% टीकाकरण के बाद नए केस गिरने शुरू हुए। तब 65 हजार केस आ रहे थे, अब 10 हजार केस आ रहे।
3. इटली: दूसरी लहर 3 महीने, तीसरी लहर 4 माह बाद आई। 20% टीकाकरण के बाद 3 महीने हो गए। केस घट रहे। देश अगले महीने से मास्क फ्री हो जाएगा।
4. फ्रांस: हर 3 महीने बाद लहरें आईं। फरवरी में 20% टीकाकरण पूरा हुआ। उसके बाद 4 महीने हो गए, अब तक अगली लहर की दस्तक भी नहीं है।

लेकिन, ब्राजील का उदाहरण खतरे की घंटी, क्योंकि ब्राजील में 30% आबादी को पहली डोज लगने के बावजूद चौथी लहर बरकरार है। विशेषज्ञ कह रहे- ब्राजील में संक्रमण की लहर पहले से जारी थी, इसलिए टीकाकरण का असर अभी नहीं दिखा। दूसरा कारण यह भी कि वहां चीनी वैक्सीन लग रही है, जो कारगर साबित नहीं हुई। फिर भी विशेषज्ञों का अनुमान है कि जुलाई मध्य तक वहां भी केस गिरने शुरू हो जाएंगे।

एक्सपर्ट व्यू

– प्रो. के. श्रीनाथ रेड्‌डी, सदस्य, नेशनल कोविड-19 टास्क फोर्स

सिंगल डोज भी तीन महीने तक संक्रमण से 50% सुरक्षा देती है

20% आबादी को कम से कम एक डोज लगी, इसके क्या मायने?

एक डोज लगने के बाद कम से कम तीन महीने तक के लिए संक्रमण से 50% तक बचाव होता है। संक्रमण हो भी जाए तो अस्पताल जाने की आशंका कम है। इसलिए, टीके से संक्रमण का फैलाव रोकने के साथ ही संक्रमित हो चुके लोगों की जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।

वैक्सीन की एक डोज संक्रमण रोकने में कितनी कारगर?

डेल्टा वैरिएंट पर 50% कारगर है। डेल्टा प्लस वैरिएंट पर अभी कोई अध्ययन पूरा नहीं हुआ है, इसलिए इस पर टिप्पणी मुश्किल है। इसके अलावा भारत में जितने भी स्ट्रेन और वैरिएंट हैं, उनसे बचने के लिए देश में लग रहीं तीनों वैक्सीन की दोनों डोज 80% से ज्यादा प्रभावी हैं।

एक डोज के बाद अगर संक्रमण हो तो मरीज के अस्पताल जाने की आशंका कितनी घट जाती है?

करीब 70% तक। यही नहीं, गंभीर बीमारी वाले लोगों को संक्रमित होने के बाद जान का जोखिम भी काफी हद तक घट जाता है। इसलिए, वैक्सीन जान बचाने में सक्षम है।

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