जोधपुर में शहरी सरकारें परेशान, रक्षा मंत्रालय में अटके हैं 93.7 करोड़ रुपये

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एयरपोर्ट अथॉरिटी से मिलने वाला पैसा जोधपुर के दोनों नगर निगम में आधा आधा बंटेगा.

Jodhpur urban governments are upset: जोधपुर के दोनों नगर निगमों की आर्थिक हालत खस्ता हो चुकी है. दोनों निगमों में पैसे के अभाव में विकास कार्य ठप हैं. अब दोनों निगमों की नजरें रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) से मिलने वाले पैसे पर टिकी है.

जोधपुर. प्रदेश के दूसरे बड़े शहर जोधपुर (Jodhpur) में शहरी सरकार की अर्थव्यवस्था पटरी से उतर चुकी है. शहर के दोनों नगर निगमों (Municipal corporations) का खजाना खाली है. लिहाजा दोनों निगम बोर्ड रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) की ओर टकटकी लगाए देख रहे हैं. जोधपुर एयरपोर्ट विस्तार के लिए नगर निगमों की जमीन के बदले रक्षा मंत्रालय में निगमों के 93.7 करोड़ रुपए अटके हुए हैं. अब हालात ये हो गये हैं कि रक्षा मंत्रालय से रुपए मिलने पर ही शहर के विकास कार्य शुरू हो पायेंगे.

जोधपुर नगर निगम उत्तर और नगर निगम दक्षिण को बड़े बजट को पाने के लिए रक्षा मंत्रालय की मंजूरी का इंतजार है. पिछले महीने जोधपुर नगर निगम ने एयरपोर्ट विस्तार के लिए 37 एकड़ जमीन एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को हस्तांतरित की थी. इसके अलावा एयरपोर्ट अथॉरिटी ने एयरपोर्ट विस्तार के लिए 69 एकड़ जमीन और खरीदी है. इस प्रकरण में दोनों नगर निगम को 93.7 करोड़ रुपए मिलने वाले हैं. लेकिन भुगतान की फाइल अभी ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है.

दोनों निगम के सामने है आर्थिक चुनौतियां

नगर निगम उत्तर और नगर निगम दक्षिण को इन दिनों काफी आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. ठेकेदारों के कई पुराने भुगतान बकाया हैं. चार महीने पहले ठेकेदार भुगतान को लेकर आंदोलन भी कर चुके हैं. दोनों महापौर ने एयरपोर्ट अथॉरिटी से आने वाले पैसे से ही भुगतान का आश्वासन दिया था. लेकिन रक्षा मंत्रालय से पैसे नही मिलने से शहर का विकास कार्य रुका हुआ है.एयरपोर्ट अथॉरिटी से पैसे मिले तो शुरू हो विकास कार्य

एयरपोर्ट अथॉरिटी से मिलने वाला पैसा जोधपुर के दोनों नगर निगम में आधा आधा बंटेगा. एयरपोर्ट अथॉरिटी से पैसे मिलने पर शहर में विकास कार्य शुरू होगा. शहर में आधारभूत सीवरेज का काम भी रुका हुआ है. साथ ही सड़कों की मरम्मत कार्य के साथ अन्य कार्यों पर भी ब्रेक लगा हुआ है. लिहाजा दोनों नगर निगम बोर्ड रक्षा मंत्रालय पर नजर बनाए हुए हैं.







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