जेट एयरवेज को मिला नया मालिक, कालरॉक कैपिटल-मुरारी लाल जालान वाले कंसोर्टियम ने जीती बोली

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नई दिल्ली35 मिनट पहले

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उड़ानें बंद होने के कारण जेट एयरवेज के विमान कई एयरपोर्ट पर पार्किंग में खड़े हैं। (फाइल फोटो)

  • रेजोल्यूशन प्रोफेशनल ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी
  • अब एनसीएलटी से मंजूरी के लिए पेश किया रेजोल्यूशन प्लान

लंदन के कालरॉक कैपिटल और यूएई के निवेशक मुरारी लाल जालान वाला कंसोर्टियम जेट एयरवेज का नया मालिक होगा। एयरलाइंस कंपनी को कर्ज देने वालों ने इस कंसोर्टियम के रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दे दी है। नकदी संकट के कारण अप्रैल 2019 से जेट एयरवेज का संचालन बंद पड़ा है और कंपनी के विमान कई एयरपोर्ट पर पार्किंग में खड़े हैं। जेट एयरवेज की स्थापना नरेश गोयल ने की थी।

कंसोर्टियम को बहुमत के लायक वोट मिले

जेट एयरवेज की दिवालिया प्रक्रिया के लिए नियुक्त किए गए रेजोल्यूशन प्रोफेशनल आशीष झावरिया ने स्टॉक एक्सचेंज को यह जानकारी दी है। आशीष ने कहा है कि कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स ने इन्सोलवेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (आईबीसी) के सेक्शन 30(4) के तहत कालरॉक कैपिटल और मुरारी लाल जालान वाले कंसोर्टियम की बोली को अप्रूव कर दिया है।

एनसीएलटी के समाने रखा जाएगा प्रस्ताव

रेजोल्यूशन प्रोफेशनल ने कहा है कि अब आईबीसी के सेक्शन 30(6) तहत जीतने वाले प्लान को मंजूरी के लिए एनसीएलटी के सामने रखेंगे। एनसीएलटी की मंजूरी मिलने के बाद कंसोर्टियम को एयरलाइन का नया मालिक घोषित कर दिया जाएगा। एनसीएलटी से मंजूरी मिलने के बाद सदस्यों को इसकी जानकारी दे दी जाएगी।

जून 2019 से चल रही है दिवालिया प्रक्रिया

जेट एयरवेज को दिवालिया घोषित करने के लिए जून 2019 में एनसीएलटी में आवेदन किया गया था। इसके बाद से अब तक सीओसी की 16 बार बैठक हो चुकी है। दिवालिया प्रक्रिया के इस साल जून में पूरा होने की उम्मीद थी, लेकिन लॉकडाउन के प्रतिबंधों के कारण इसे 21 अगस्त तक के लिए टाल दिया था। बाद में रेजोल्यूशन प्रोफेशनल ने इसे अनिश्चितकाल तक के लिए टाल दिया था।

कालरॉक कैपिटल ने 886 करोड़ रुपए का ऑफर दिया था

जेट एयरवेज को खरीदने के लिए कॉलराक कैपिटल के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम के अलावा हरियाणा की फ्लाइट सिमुलेशन टेक्नीक सेंटर और अबु धाबी का इम्पीरियल कैपिटल इन्वेस्टमेंट एलएलसी वाले कंसोर्टियम ने भी बोली लगाई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, कालरॉक कैपिटल के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने जेट एयरवेज के देनदारों को कुल 886 करोड़ रुपए का बकाया चुकाने का ऑफर दिया था। इसको फ्लाइट सिमुलेशन टेक्नीक सेंटर के ऑफर से बेहतर बताया जा रहा था।



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