जितिन प्रसाद के भाजपा में शामिल होने के अगले दिन अमित शाह से मिले योगी आदित्यनाथ

0
1


योगी आदित्यनाथ दिल्ली के दौरे पर हैं. (फाइल फोटो)

Uttar Pradesh Assembly Elections 2022: योगी के यह दौरा अगले साल उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर अहम माना जा रहा है.

नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी के दौरे पर पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  हैं ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर मुलाकात की. ऐसा कहा जा रहा है कि सीएम योगी शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर सकते हैं. योगी के यह दौरा अगले साल उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर अहम माना जा रहा है. जानकारी मिली है कि योगी और शाह की मुलाकात के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री और अपना दल नेता अनुप्रिया पटेल अमित शाह के आवास पहुंची हैं.

योगी के इस दौरे के एक दिन पहले ही उत्तर प्रदेश से आने वाले पूर्व कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद भाजपा में शामिल हुए हैं. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और भाजपा सांसद अनिल बलूनी की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता लेने के बाद प्राद ने कहा था कि पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने अनुभव किया कि अगर देश में असली मायने में कोई राजनीतिक दल है तो वह भाजपा ही है. प्रसाद ने कहा था कि, ‘‘बाकी दल तो व्यक्ति विशेष और क्षेत्र विशेष के होकर रह गए हैं. आज देश हित के लिए कोई दल और नेता सबसे उपयुक्त है और वह मजबूती के साथ खड़ा है तो वह भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं.’’

प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी नि:स्वार्थ भाव से भारत की सेवा कर रहे हैं और सभी चुनौतियों का डट कर मुकाबला कर रहे हैं.

गौरतलब है कि अगले साल राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा की तैयारियां तेज होती दिख रही हैं.  पिछले सप्ताह भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बी एल संतोष और पार्टी के प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह ने लखनऊ का दौरा किया था और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की तैयारियों की समीक्षा की थी.समीक्षा बैठक के बाद राधामोहन सिंह ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित से भी मुलाकात की थी. इस बैठक का एजेंडा कैबिनेट में फेरबदल बताया जा रहा था हालांकि सिंह ने ऐसी अटकलों को खारिज करते हुए बैठक को निजी करार दिया था.

सिंह ने कहा था कि यह मुलाकात शिष्टाचार के तौर पर भी क्योंकि वह राज्य का प्रभारी बनने के बाद राज्यपाल से नहीं मिल सके थे.







Source link

Advertisement

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here