जसप्रीत बुमराह को WTC फाइनल की टीम में कैसे चुना गया? पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने उठाए सवाल

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नई दिल्ली. वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के ऐतिहासिक फाइनल (WTC Final) मुकाबले में भारतीय टीम को न्यूजीलैंड (IND vs NZ) ने आठ विकेट से हरा दिया और खिताब जीता. फाइनल मैच में भारतीय खिलाड़ियों ने काफी निराश किया. बल्लेबाजी तो कुछ खास नहीं रही, गेंदबाजी में तो बड़ी निराशा हाथ लगी. भारतीय फैंस को पेसर जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद थी लेकिन वह दोनों पारियों में कोई विकेट नहीं निकाल सके. इंग्लैंड की पिच तेज गेंदबाजों के लिए मददगार रहती है लेकिन अहमदाबाद के रहने वाले इस पेसर को कोई विकेट नहीं मिल सका. पूर्व भारतीय विकेटकीपर और राष्ट्रीय चयनकर्ता सबा करीम (Saba Karim) ने बुमराह के चयन पर सवाल उठाए हैं.

करीम ने बुमराह के औसत से भी कम प्रदर्शन पर खुलकर कहा कि भारतीय टीम प्रबंधन ने उनकी प्रतिष्ठा के कारण टीम में चुना. करीम का मानना ​​​​है कि दाएं हाथ का यह खिलाड़ी प्लेइंग-XI में जगह का हकदार नहीं था क्योंकि वह अपने करियर में खराब दौर से गुजर रहे हैं. उन्होंने ज्यादा रेड-बॉल क्रिकेट भी नहीं खेला है. करीम ने इंडिया न्यूज से कहा, ‘मुझे लगता है कि चयनकर्ताओं ने मौजूदा फॉर्म पर ध्यान नहीं दिया और कुछ हद तक प्रतिष्ठा के साथ चले गए. जसप्रीत बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया में चोटिल होने के बाद से रेड-बॉल क्रिकेट नहीं खेला है.’

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उन्होंने कहा, ‘बुमराह ने सिर्फ सफेद गेंद वाली क्रिकेट खेली है और वह भी सिर्फ टी20 फॉर्मेट. वह इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में नहीं खेले थे. मुझे लगा कि अगर हम रेड-बॉल क्रिकेट के बारे में बात करते हैं तो वह बुरी तरह से आउट ऑफ फॉर्म थे.’ बुमराह के खराब फॉर्म की ओर इशारा करते हुए करीम ने यह कहते हुए गलती की कि यह पेसर भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद से रेड-बॉल क्रिकेट नहीं खेला है. बुमराह ने चेन्नई में इंग्लैंड और भारत के बीच चार मैचों की सीरीज का पहला टेस्ट मैच खेला. इतना ही नहीं, स्पिनरों की मददगार पिच पर खेलते हुए बुमराह ने चार विकेट झटके थे.

आगे बातचीत में, सबा करीम ने स्वीकार किया कि बुमराह दूसरी पारी के दौरान लय में लौट रहे थे. उन्होंने कहा, ‘कुछ हद तक, मुझे लगा कि वह दूसरी पारी के स्पैल में अपनी लय में लौट रहे थे, लेकिन कई बार बदकिस्मत रहे या फील्डिंग में साथ नहीं मिला. मुझे लगता है कि यह चिंता का विषय है और इंग्लैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज में इसे सुधारने की जरूरत है.’ साउथैम्प्टन में खेले गए फाइनल में भारत की पहली पारी 217 रन पर सिमटी बनाए जिसके बाद न्यूजीलैंड टीम ने 249 रन बनाए. फिर भारत दूसरी पारी में 170 रन ही बना सका और न्यूजीलैंड ने 2 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया.



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