चंडीगढ़ का सेक्टर-37 विवादित कोठी केस: सेक्टर-37 की कोठी कब्जाने के केस में ‘नकली राहुल मेहता’ बने गुरप्रीत का अदालत में सरेंडर

0
1


चंडीगढ़एक घंटा पहले

  • कॉपी लिंक

राहुल मेहता।

  • पुलिस ने गुरप्रीत के सिर पर 50 हजार रुपए का रखा था इनाम, आरोपी को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया

सेक्टर-37 विवादित कोठी केस में राहुल मेहता बनकर फर्जी रजिस्ट्री करवाने वाले गुरप्रीत सिंह ने वीरवार दोपहर कोर्ट में सरेंडर कर दिया। मोहाली इंडस्ट्रियल एरिया फेज-9 में रहने वाले गुरप्रीत को सेक्टर-31 थाना पुलिस ने 3 दिन के रिमांड पर लिया है। करीब 3 बजे सेक्टर-43 कोर्ट से पुलिस उसे मेडिकल करवाने जीएमएसएच-16 लेकर गई, जहां से उसे सेक्टर-31 पुलिस स्टेशन ले जाया गया। एडवोकेट हिमांशु शर्मा ने बताया कि इस केस में आरोपी बनाए गए उनके क्लाइंट गुरप्रीत सिंह अपनी मां के साथ दोपहर करीब 12 बजे कोर्ट पहुंचे।

यहां ड्यूटी मजिस्ट्रेट जेएमआईसी संजय की कोर्ट में पेश किया गया। इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया जिस पर सेक्टर-31 थाना पुलिस स्टेशन से हाल ही में प्रमोट हुए इंस्पेक्टर ओमप्रकाश पुलिस जवानों के साथ कोर्ट पहुंचे। पुलिस ने गुरप्रीत का 5 दिन का रिमांड मांगा। दलील दी गई कि सेक्टर-37 विवादित कोठी केस में नकली राहुल मेहता का रोल अदा कर सेल डीड करने वाले गुरप्रीत सिंह का रिमांड चाहिए। इस दौरान इसके सिग्नेचर के नमूने लेने हैं, अन्य फरार आरोपियों के बारे में पूछताछ करनी है। वहीं एडवोकेट हिमांशु शर्मा ने कोर्ट को बताया कि इस सेल डीड की फाइल में ना तो उनके क्लाइंट गुरप्रीत सिंह के कहीं साइन हैं, ना ही उनका कोई रोल है। इस पर पुलिस ने दलील दी कि इस केस में आरोपी की फोटो फाइल पर लगी हुई है, इसने नकली राहुल मेहता बनकर कोठी की सेल डीड करवाई है। इस पर कोर्ट ने पुलिस को 3 दिन का रिमांड दे दिया।

केस होने पर दिल्ली, महाराष्ट्र तो कभी हिमाचल में छिपता रहा गुरप्रीत

पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि जब यह केस दर्ज किया गया था, उसके बाद से गुरप्रीत ने पुलिस से बचने के लिए कई ठिकाने बदले। सबसे पहले दिल्ली में अपने किसी जानकार के पास छुप गया। उसके बाद वहां से कुछ दिनों के लिए महाराष्ट्र चला गया। वहां कुछ दिनों तक रहने के बाद हिमाचल चला गया। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस जगह-जगह छापे मारती रही। उसके इंडस्ट्रियल एरिया फेज-9 स्थित घर में भी दबिश दी, लेकिन उसका कहीं कुछ पता नहीं चला। पुलिस ने उसका लुकआउट नोटिस भी जारी कर दिया था और गुरप्रीत के सिर पर बाकायदा 50 हजार रुपए का इनाम भी रखा था।

क्या है मामला…

पुलिस ने सेक्टर-37 की कोठी हड़पने के मामले में सबसे पहले मनीष गुप्ता को गिरफ्तार किया था जिसके बाद संजीव महाजन, डीएसपी रामगोपाल के भाई सतपाल डागर और फिर सेक्टर-39 थाने के पूर्व एसएचओ इंस्पेक्टर राजदीप सिंह को गिरफ्तार किया। सिंगला, शेखर, दलजीत सिंह, सौरभ गुप्ता, खलेंद्र सिंह कादियान और अशोक अरोड़ा फरार चल रहे हैं।

खबरें और भी हैं…



Source link

Advertisement

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here