खोरी में तोड़फोड़ का मामला: अवैध रूप से बसे लोगों को हटाने के लिए कॉलोनी में बिजली व पानी की सप्लाई की जा रही बंद, स्थानीय लोगों ने लगाया जाम

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फरीदाबाद12 मिनट पहले

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पुलिस हुई मुस्तैद, मौके पर पहुंचकर खुलवाया जाम।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर खोरी कॉलोनी में अवैध रूप से बसे लोगों को हटाने के लिए प्रशासन रणनीति के तहत काम कर रहा है। बताया जाता है कि फरीदाबाद प्रशासन के अनुरोध पर दिल्ली के अधिकारियों ने कॉलोनी में बिजली व पानी की सप्लाई बंद करना शुरू कर दिया है। फरीदाबाद प्रशासन ने भी अपनी ओर से जाने वाली पानी सप्लाई को बंद करने का निर्णय लिया है। उधर प्रशासन की इस कार्रवाई से नाराज लोगों ने शुक्रवार को सड़क पर उतर आए और दिल्ली सूरजकुंड रोड को जाम कर दिया। सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गयी और जाम खुलाया। स्थानीय लोगों ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन चाहे जितना जोर लगा ले, बगैर पुर्नवास के वह मकान तोड़ने नहीं देंगे। सरकार के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।

170 एकड़ में हुआ है अवैध निर्माण

निगम सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ड्रोन सर्वे के बाद जो आंकड़े सामने आए हॅैं उसके तहत नगर निगम और वन क्षेत्र में करीब 170 एकड़ जमीन पर पूरी कॉलोनी बसी है। इनमें 50 फीसदी से अधिक एरिया में मकान बने हैं। पांच एकड़ में मिक्स यूज है। 13 एकड़ खाली प्लाट है। करीब एक एकड़ में मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च बने हैं। 35 एकड़ वन क्षेत्र है। जबकि 30 एकड़ एरिया में सड़कें बनी है।

बिजली व पानी की सप्लाई काटनी शुरू

कॉलोनी में बसे लोगों को हटाने के लिए प्रशासन वहां की बिजली और पानी की सप्लाई काटना शुरू कर दिया है। फरीदाबाद प्रशासन ने दिल्ली के अधिकारियों से संपर्क कर तत्काल बिजली व पानी की सप्लाई बंद करने का अनुरोध किया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम प्रशासन ने जान बूझकर उनकी बिजली व पानी की सप्लाई बंद करा रहा है। फिर भी लेाग हटने वाले नहीं हैं। निगम अधिकारियों ने से जब इस बारे में बात की गई तो उनका कहना है कि उन्होंने कोई बिजली व पानी की सप्लाई नहीं काटी है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि सप्लाई बंद किसने की। इसका जवाब किसी के पास नहीं है।

तानाशाही रवैया अपना रहा नगर निगम

प्रवासी संगठन के अध्यक्ष सपना गुप्ता एवं महासचिव रिजवान अली का कहना है कि नगर निगम तानाशाही रवैया अपना रहा है। इस तरह तो सुप्रीम कोर्ट भी फांसी पर किसी को नहीं चढ़ाता। उनका कहना है कि दोबार कोर्ट जाने के लिए कम से कम प्रशासन को दो हफ्ते का समय देना चाहिए था। 7 जून को जजमेंट आता है और 8 जून को हटाने के लिए नेाटिस और मुनादी करानी शुरू हो जाती है। ये कहां का न्याय है।

पूछा सवाल, क्यों बनाया स्कूल व पार्क

खोरी कॉलोनी के लोगों ने हरियाणा सरकार और जिला प्रशासन से सवाल किया है कि जब ये इलाका वन क्षेत्र में था तो करोड़ों रुपए खर्च कर स्कूल क्यों खोल दिया। इसके अलावा आंबेडकर पार्क बना दिया। 30 साल से मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च बने हैं। उनका ये भी कहना है कि अप्रैल 2016 में पंजाब एंड हरियाण हाईकोर्ट का आदेश है कि उजाड़ने से पहले पुर्नवास की व्यवस्था सरकार करे। फिर सरकार पुर्नवास की व्यवस्था क्यों नहीं कर रही। स्थानीय लोगों ने कहा कि वह मरने के लिए तैयार हैं लेकिन मकान टूटने नहीं देंगे। सरकार पहले पुर्नवास की व्यवस्था करे।

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