खेती बचाओ-लोकतंत्र बचाओ नारे के साथ किसानों ने रखी आंदोलन के नए चरण की नींव, सरकार पर बोला हमला

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कुल्लू. कुल्लू (Kullu) जिला मुख्यालय में संयुक्त किसान मोर्चा (Sanyukta Kisan Morcha) के आहवान पर सीआईटीयू ने पूरे देश में खेती बचाओ, लोकतंत्र बचाओ के नारे के साथ अपने आन्दोलन के नए चरण की शुरुआत की है. शनिवार को देश भर में किसान राजभवन के सामने धरना देकर राज्यपाल के माध्यम से देश के राष्ट्रपति को अपना रोष पत्र भेजा है. इसी को लेकर हिमाचल किसान सभा राज्य कमेटी के आह्वान पर जिला कुल्लू में भी हिमाचल किसान सभा द्वारा जिलाधीश कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया गया.

हिमाचल किसान सभा के राज्य कमेटी सदस्य व जिला उपाध्यक्ष मोती राम कटवाल ने कहा कि किसान आन्दोलन को सात महीने हो गए हैं, लेकिन केन्द्र सरकार अपने अड़ियल रवैये पर अड़ी है. उन्होंने कहा कि जब तक ये तीनों काले कृषि कानून वापस नहीं होते तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य गारण्टी कानून नहीं बनाया जाता यह आन्दोलन जारी रहेगा.

हिमाचल किसान सभा लंबे समय से मांग कर रही है कि बिजली संशोधन विधेयक 2020 को वापिस लिया जाए, मजदूर विरोधी थारों लेवर कोड निरस्त किए जाएं, मनरेगा में 200 दिनों का काम और 300 रुपए दिहाड़ी  दी जाए. इसके साथ ही कलग्रेड सेव का समर्थन मूल्य 16 रूपये किलो करने, खाद की बढ़ी हुई कीमतों को वापिस लेने, किसानों को सभी प्रकार की दवाईयों व बीजों पर सब्सिडी वहाल करने, स्वास्थ्य संस्थाओं में खाली पड़े सभी पदों को शीघ्र भेरने, दूध का न्यूनतम दाम 30 रुपए प्रति लीटर तय करने, सभी आयकर मुक्त परिवारों को 7500 रूपये की आर्थिक मदद देने, हर व्यक्ति को कोरोना माहमारी के दौर में दस किलो राशन उपलब्ध कराने की मांग की है.

प्रदर्शन स्थल से सम्बोधित करते हुए सीटू के जिलाध्यक्ष सर चन्द ठाकुर ने कहा कि किसानों के इस आन्दोलन में मजदूर भी उनके साथ खडे हैं और सीटू इस किसान आन्दोलन का समर्थन कर रहा हैं. अगर सरकार किसानों की इन जायज मांगों को शीघ्र समाधान नहीं करती है तो आन्दोलन को और तेज किया जाएगा.



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