खेती कानूनों का विरोध: सिंघु बॉर्डर पर एक और किसान की जान गई, चार महीने से धरने में शामिल राजेंद्र परिचित की मौत के चलते 10 दिन बाद आया था

0
1


  • Hindi News
  • Local
  • Haryana
  • Another Farmer Died On The Singhu Border, 10 Days Later Due To The Death Of Rajendra Acharya, Who Was Involved In A Dharna For Four Months.

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

सोनीपत2 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

सोनीपत जिले के गांव बीचपड़ी निवासी राजेंद्र की फाइल फोटो, जिसकी दिल का दौरा पड़़ने से मौत हो गई।

केंद्र सरकार के तीन खेती कानूनों के विरोध में सिंघु बॉर्डर पर चल रहे किसानों के धरने पर एक और किसान की मौत हृदयगति रुकने से हो गई। 10 दिन पहले उसके परिचित की मौत होने के बाद वह कल ही धरने पर वापस लौटा था। साथी किसानों ने सरकार से मांग की है सरकार अपनी हठधर्मिता को छोड़ तीनों कृषि कानूनों को वापस ले। कब तक यूं ही बलि लेती रहेगी।

तक की पहचान राजेंद्र निवासी गांव बिचपड़ी गोहाना के रूप में हुई हैं। वह लगातार चार महीने से किसानों के धरने पर मौजूद था। 10 दिन पहले उसके परिचित की मौत होने के बाद वह कल ही धरने पर वापस लौटा था। आज सुबह करीब 3 बजे राजेंद्र के सीने में दर्द हुआ दर्द इतना था कि उसकी दर्द के कारण मौत हो गई। उसके बाद मृतक के शव को उसके पैतृक गांव बिचपड़ी लाया गया जहां उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

किसानो का कहना है की किसान तीन कृषि कानूनों को रद्द करवाने की मांग पिछले चार महीने से ज्यादा का समय से धरने पर बैठे हुए हैं, लेकिन सरकार किसानों की और ध्यान नहीं दे रही। इसके चलते 300 से ज्यादा किसान अपनी जान गंवा चुके हैं। किसानों ने सरकार से मांग की है सरकार अपनी हठधर्मिता को छोड़ तीनों कृषि कानूनों को वापस ले।

खबरें और भी हैं…



Source link

Advertisement

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here