क्या लद्दाख बनेगा जम्मू कश्मीर का हिस्सा? पीएम की बैठक के बाद अल्ताफ बुखारी ने दिया ये जवाब

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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक नेताओं (Jammu Kashmir) की बैठक के बाद एक अहम सवाल यह उठता है कि इस बैठक से क्या उम्मीदें लगाई जाएं और क्या इस बैठक से कश्मीर के भविष्य का खाका तैयार होगा? बैठक से कई नेता नई उम्मीदें परवान चढ़ाते नजर आए. उन्हीं नेताओं में शामिल पूर्व मंत्री अल्ताफ बुखारी से न्यूज18 इंडिया ने खास बातचीत की.

पीएम मोदी के साथ जम्मू कश्मीर मामले पर हुई चर्चा के बाद अल्ताफ बुखारी ने कहा, “हम प्रधानमंत्री के आभारी हैं कि उन्होंने हमें आश्वासन दिया कि कोई जनसांख्यिकीय परिवर्तन नहीं होगा. 5 अगस्त के कदम के बारे में लोगों में गुस्सा है, जिस तरह से राज्य को केंद्र शासित प्रदेश में बदल दिया गया उससे लोगों को अपनी पहचान खोने का भी डर और चिंता भी थी और उससे भी बड़ी चिंता यह थी राज्य में डेमोग्राफी में बदलाव करने की कोशिश की जाएगी.”

उन्होंने कहा, “मैं प्रधानमंत्री का आभारी हूं, जब हम 14 मार्च 2020 को आए थे. उस समय भी प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया था कोई भी डेमोग्राफिक्स चेंज नहीं होगा और कल भी बैठक में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने आश्वासन दिया क्षेत्र की जनसंख्या जियोग्राफी में बदलाव नहीं होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री ने वादा किया कि हम पूर्ण राज्य के लिए प्रतिबद्ध हैं.”

लद्दाख को जम्मू-कश्मीर में किया जाएगा शामिल?
लद्दाख को जम्मू-कश्मीर में शामिल किए जाने के सवाल पर अल्ताफ बुखारी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पूर्ण राज्य का आश्वासन दिया है, लेकिन आज यह कहना मुश्किल है कि इसकी रूपरेखा क्या होगी. अल्ताफ बुखारी ने कहा कि हम यह नहीं कह सकते कि हम पूर्ण राज्य का दर्जा सड़कों पर उतर कर ले सकते हैं, जो कि केंद्र सरकार को करना है.

जम्मू-कश्मीर में कब होंगे चुनाव?
अल्ताफ बुखारी ने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ बैठक में राज्य में लोकतंत्र की बहाली का रोडमैप दिया गया है. हालांकि हम चाहते थे कि इस समय कोई परिसीमन ना हो, लेकिन प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य का पुनर्गठन किया गया है, इसलिए परिसीमन करना होगा. मुझे लगता है कि चुनाव नवंबर तक हो सकते हैं या चुनाव अगले साल फरवरी में हो सकते हैं. उन्होंने कहा, हम नए परिसीमन में भाग लेंगे और चुनाव में भी भाग लेंगे.

2 साल पहले जो हुआ वो गलत था…
अल्ताफ बुखारी ने कहा, “इससे कोई इनकार नहीं करता. दो साल पहले 5 अगस्त को जो हुआ वह गलत था और उठाए गए कदमों से राज्य के लोगों के साथ नाइंसाफी हुई है.”

युवाओं के लिए रोजगार को मिले संवैधानिक सुरक्षा

अल्ताफ बुखारी ने कहा कि 370 के खत्म होने के बाद लोग चिंतित थे, हमारे बच्चों को नौकरी नहीं मिलेगी, इसके लिए हमने पहला कदम उठाया. कानून बनाने के लिए जो रोजगार में हमारे युवाओं की रक्षा करेगा लेकिन हमने कल कहा था कि इन कानूनों को संवैधानिक संरक्षण दिया जाना चाहिए.

हमने अनुरोध किया कि जल्द से जल्द पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल किया जाए. इसके अलावा क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की गई. अल्ताफ बुखारी ने कहा कि विश्वास बहाल करने के लिए बहुत कुछ करने की जरूरत है. ऐसा इसलिए है क्योंकि वर्तमान में प्रशासन और जनता के बीच बड़ी खाई है. हालांकि इसका सबसे अच्छा रोडमैप चुनाव है, यह सामने आ गया है. उन्होंने कहा कि बैठक में राज्य के 10 लाख बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने की बात हुई है.

पाकिस्तान के सवाल पर अल्ताफ बुखारी ने कहा, ‘हमारा मसला भारत सरकार, नई दिल्ली के साथ है. पाकिस्तान, अमेरिका, वॉशिंगटन के बारे में बात करना ठीक नहीं है. यह भारत सरकार और विदेश नीति का मामला है. भारत की नीति पड़ोसियों के साथ बेहतर संबंध रखने की रही है लेकिन यह भारत सरकार को देखना है.’



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