कोरोना जागरूकता संवाद: गहलोत सरकार को मिला राज्‍य में ‘नो मास्क-नो एंट्री’ का फॉर्मूला लागू करने का सुझाव

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जयपुर. राजस्‍थान की गहलोत सरकार कोरोना वायरस संक्रमण पर काबू के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. इस बीच, कोरोना जागरूकता को लेकर सीएम अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) की मौजूदगी में देश के नामी डॉक्टर्स के साथ हुए कोरोना जागरूकता संवाद (Corona Awareness Dialogue) में विशेषज्ञ डॉक्टर्स ने सरकार को ‘नो मास्क नो एंट्री’ का फॉर्मूला लागू करने के सुझाव के साथ कोरोना वॉरियर्स का सम्मान करने की बात भी कही है. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुए कोरोना जागरूकता के इस मेगा संवाद में राजधानी से लेकर जिला, तहसील और पंचायत स्तर तक जनप्रतिनिधियों, अफसरों, कर्मचारियों और आम लोगों ने हिस्सा लिया. वीसी के जरिए हुए इस संवाद में 8000 से ज्यादा पंचायतों के लोग भी जुड़े. दूर दराज के लोगों ने भी इस संवाद को देखा और डॉक्टर्स की राय जानी.

 मृत्यु दर कम होने से लोग लापरवाह हो गए हैं : गहलोत
सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि कोरोना संवाद जागरूकता को सामाजिक आंदोलन बनाने की आवश्यकता है. दुनिया में भारत एक लाख रोजाना कोराना मरीजों वाला देश बन गया है. कोरोना से पहले ही राजस्थान में निरोगी राजस्थान अभियान की तैयारी कर रखी थी, यह तैयारी कोरोना से लड़ने में काम आ गई. हमने हर स्तर पर कोई कमी नहीं रखी. जबकि कोरोना में मृत्यु दर कम होने से लोग लापरवाह हो गए हैं, लोग कोरोना को गंभीरता से लें, हेल्थ प्रोटोकॉल का पालन करें. समाज के सहयोग के बिना कोरोना को हराना मुश्किल है.

 राजनेता बिना मास्क नजर नहीं आएं : डॉ. नरेश त्रेहानमेदांता अस्पताल से जुड़े प्रख्यात विशेषज्ञ डॉ. नरेश त्रेहान ने कहा कि कोरोना से बचाव पर ध्यान दें, यह भ्रम नहीं पालें कि युवाओं का कोराना कुछ नहीं बिगाड़ेगा. युवा और स्वस्थ व्यक्ति को भी कोरोना हो जाता है तो इसका प्रभाव लंबे समय तक रहता है. जबकि राजनेता कोरोना पर जागरूकता का ध्यान रखें, ज्यादा से ज्यादा मास्क लगाएं, राजनेता बिना मास्क नजर नहीं आएं क्योंकि इससे जनता में गलत असर पड़ता है.

लॉकडाउन कोरोना से बचाव का उपाय नहीं : डॉ. देवी शेट्टी
इस दौरान डॉ. देवी शेट्टी ने कहा कि कोरोना से बचाव ही उपाय है, लॉकडाउन कोरोना का उपाय नहीं है. दुकानें खुलनी चाहिए, लोग बाजार जाएं, दफ्तर जांए, लेकिन हमें कोरोना से बचाव के लिए सजगता रखनी होगी. बिना लक्षण वाला एक मरीज तीन लोगों को संक्रमित करता है, इसलिए विशेष सजगता रखनी होगी. हर जगह नो मास्क-नो एंट्री का नियम लागू करें.

हमें कोरोना से जीतना है. डॉ. शिव शरीन
डॉ. शिव शरीन ने कहा कि लॉकडाउन हटने के बाद लोग कोरोना को लेकर लापरवाह हो गए हैं, लॉकडाउन में लोग जितने सजग थे. अब लॉकडाउन हटने के बाद उतने ही लापरवाह हो गए हैं, कोरोना से बचाव पर खास ध्यान देना होगा. इस काम में समाज की बड़ी जिम्मेदारी है, सरकारी दफ्तरों से लेकर हर जगह नो मास्क- नो एंट्री का नियम लागू करना. जैसे हम जैन मुनी मुंह पर पट्टी बांधते हैं उनका हाथ जोड़कर आदर करते हैं, उसी तरह मास्क पहने हुए व्यक्ति का भी सम्मान करें, जिसने मास्क नहीं पहना है उसे समझाइए. डॉ. शिव शरीन ने कहा कि अगर आपने एन—95 या अच्छा मास्क पहना है तो केवल 5 फीसदी वायरस ही अंदर जने की संभावना है, यह एक वैक्सीन का काम करता है. डॉक्टर और नर्सिंगकर्मियों ने कोरोना में देवतुल्य काम किया है, उनका सम्मन करें. हमें कोराना के साथ जीना तो है ही, हमें कोरोना से जीतना भी है.

कोरोना तभी खत्म होगा जब लोग चाहेंगे : डॉ. राजाबाबू पंवार
आरयूएचएस के कुलपति डॉ. राजाबाबू पंवार ने कहा कि कोरोना तभी खत्म होगा जब लोग चाहेंगे, अकेले सरकार के कदम उठाने से ही कुछ नहीं होगा, जब तक समाज सरकार का साथ नहीं देगा तब तक कोरोना खत्म नहीं हो सकता. पहले भी बड़ी से बड़ी महामारी आई हैं, उस वक्त भी समाज के सहयोग से महामारियों पर काबू पाया गया, हमें स्पैनिश फ्लू के काले इतिहास को नहीं दोहराना है. अभी भी लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे, बाजारों, सार्वजनिक जगहों पर लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे, लोगों को अपनी आदतें बदलनी होंगी.





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