कोरोना काल में भी लोग जमकर कर रहे खर्चा, अगस्त में लोगों ने क्रेडिट कार्ड से खर्च किए 50,311 करोड़ रुपए

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नई दिल्ली32 मिनट पहले

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अगस्‍त 2019 में लोगों ने क्रेडिट कार्ड से 60,011 करोड़ रुपए खर्च किए थे

  • इससे पहले मार्च में यह आंकड़ा 50,574 करोड़ रुपए था
  • फरवरी 2020 में यह आंकड़ा 62,148 करोड़ रुपए था

कोरोना महामारी के कारण देश में छाई आर्थिक मंदी के बीच एक अच्छी खबर आई है। अब लोग फिर से खर्चा करने लगे हैं। रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार क्रेडिट कार्ड से मासिक खर्च लगभग कोरोना से पहले के स्‍तर पर पहुंच गया है। RBI के अनुसार अगस्‍त में लोगों ने क्रेडिट कार्ड से 50,311 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। इससे पहले मार्च में यह आंकड़ा 50,574 करोड़ रुपए था। वहीं, फरवरी 2020 में यह आंकड़ा 62,148 करोड़ रुपए था।

पिछले साल के मुकाबले अब भी कम खर्च
पिछले साल इसी अवधि के मुकाबले यह अब भी कम है। अगस्‍त 2019 में लोगों ने क्रेडिट कार्ड से 60,011 करोड़ रुपए खर्च किए थे। क्रेडिट कार्ड पर बकाया लोन भी फरवरी और मार्च के बाद शीर्ष स्‍तर पर है। अगस्‍त में पूरे बैंकिंग सिस्टम के लिए कुल लोन की देनदारी 1.04 लाख करोड़ रुपए थी। मार्च के अंत तक यह 1.08 लाख करोड़ रुपए थी।

अप्रेल में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई थी बैंक क्रेडिट ग्रोथ
देश में बैंक क्रेडिट ग्रोथ अब तक के सबसे निचले स्तर पर आ गई थी। अप्रैल 2020 में बैंक क्रेडिट ग्रोथ 5.26 फीसदी पर आ गई थी। इससे पहले 1994 में भी बैंक क्रेडिट ग्रोथ 6 फीसदी के करीब आई थी। जनवरी 2020 में ये ग्रोथ 8.5 फीसदी थी। बैंक क्रेडिट ग्रोथ पिछले साल 10.4 फीसदी बढ़ी थी जबकि इस साल बैंक क्रेडिट ग्रोथ में लगातार गिरावट आ रही है।

बैंक डिपॉजिट बढ़ा
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, बैंक डिपॉजिट की वैल्यू 11 सितंबर को खत्म हुए दो हफ्ते की अवधि में सालाना आधार पर 12 फीसदी बढ़ी है। इसके मुकाबले यह पिछले साल 10 फीसदी थी। दो हफ्ते में शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंकों में कुल डिपॉजिट 71,417 करोड़ रुपए बढ़कर 142.48 लाख करोड़ रुपए हो गई है। बैंक डिपॉजिट मार्च के महीने में लॉकडाउन शुरू होने के बाद लगातार बढ़ रही है।

कब सुधरेंगे हालात?

डॉ. गणेश कावड़िया बताते हैं कि ये बता पाना बहुत मुश्किल है कि स्थिति कब सुधरेगी। लेकिन ये जरूर कहा जा सकता है कि कोरोना महामारी के ख़त्म होने के बाद इस समस्या से निपटना आसान हो जाएगा। क्योंकि अभी देश में अनिश्चितता का है , इस कारण लोग खर्च कम कर रहे हैं और बचाने का ज्यादा सोच रहे हैं।



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